9 कैमरे, 9 लोकेशन और एक भी चालू नहीं, महिलाओं की सुरक्षा पर सिस्टम ‘ऑफलाइन’

महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए शुरू की गई लाडली सुरक्षा योजना दौसा जिले के सिकराय और सिकंदरा क्षेत्र में बुरी तरह फ्लॉप साबित हो रही है। योजना के तहत लगाए गए 9 CCTV कैमरे एक साल बाद भी बंद पड़े हैं।

9 कैमरे, 9 लोकेशन और एक भी चालू नहीं, महिलाओं की सुरक्षा पर सिस्टम ‘ऑफलाइन’

दौसा। महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए शुरू की गई लाडली सुरक्षा योजना दौसा जिले के सिकराय और सिकंदरा क्षेत्र में बुरी तरह फ्लॉप साबित हो रही है। योजना के तहत लगाए गए 9 CCTV कैमरे एक साल बाद भी बंद पड़े हैं। न बिजली कनेक्शन जुड़ा, न नेटवर्क चालू हुआ — नतीजतन पूरी निगरानी व्यवस्था ‘ऑफलाइन’ हो चुकी है।

वित्तीय वर्ष 2024-25 में सिकराय और सिकंदरा में नौ स्थानों पर CCTV कैमरे लगाने का प्रस्ताव था। इसके तहत बालिका विद्यालय सिकराय, मानपुर चौराहा, सिकंदरा चौराहा, शहीद रामकेश मीणा कॉलेज, और बहरावंडा बस स्टैंड सहित कई पॉइंट्स पर कैमरे लगाए गए। लेकिन तकनीकी और प्रशासनिक लापरवाही के कारण न तो नेटवर्क जोड़ा गया, न ही बिजली सप्लाई पूरी तरह सुनिश्चित हो सकी।

कैमरे बने शोपीस, सुरक्षा पर उठे सवाल

भीड़भाड़ वाले इलाकों मानपुर, सिकंदरा और बहरावंडा जैसे स्थानों पर लगे कैमरे भी बेकार पड़े हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर कैमरे चालू होते तो महिलाओं, छात्राओं और आम नागरिकों की सुरक्षा में सुधार होता।

 विभागों ने झाड़ ली जिम्मेदारी

सूत्रों के अनुसार, कैमरे लगाने के बाद पुलिस और सूचना प्रौद्योगिकी विभाग ने प्रारंभिक निरीक्षण तो किया, लेकिन बाद में किसी ने रखरखाव की जिम्मेदारी नहीं ली। कई कैमरे क्षतिग्रस्त हो चुके हैं, कुछ को अज्ञात लोगों ने नुकसान पहुंचाया है।

मुख्य बाजार में नहीं लगा एक भी कैमरा

सिकराय के सबसे भीड़भाड़ वाले मुख्य बाजार क्षेत्र में एक भी कैमरा नहीं लगाया गया। जहां घटनाएं रोकने की सबसे अधिक जरूरत थी, वही क्षेत्र पूरी तरह ‘ब्लाइंड स्पॉट’ बना हुआ है।

 योजना का उद्देश्य अधूरा

महिलाओं को सुरक्षित माहौल देने की मंशा से शुरू हुई लाडली सुरक्षा योजना मॉनिटरिंग और रखरखाव की लापरवाही के कारण अधूरी रह गई है। यह प्रशासनिक प्रणाली की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े करती है।