CM भजनलाल ने दिए दो अहम अध्यादेशों को मंजूरी, दुकानों और श्रमिकों से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव
राजस्थान में श्रमिक हितों और सामाजिक न्याय को सशक्त करने को लेकर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने दो प्रमुख अध्यादेशों को मंजूरी दी है। अब 14 वर्ष से कम आयु के बच्चे दुकानों में काम नहीं कर पाएंगे, जबकि महिलाओं को कारखानों में सुरक्षित कार्य अवसर मिलेंगे।
जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मंगलवार को राज्य में व्यापारिक गतिविधियों और श्रमिक कल्याण से जुड़े दो प्रमुख अध्यादेशों को मंजूरी दे दी। इन अध्यादेशों के माध्यम से सरकार ने दुकानों और वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों से संबंधित नियमों को अधिक आधुनिक और व्यवसाय-हितैषी बनाते हुए श्रमिकों के अधिकारों को भी सुदृढ़ करने की दिशा में कदम उठाया है।
पहला अध्यादेश ‘राजस्थान दुकान और वाणिज्य प्रतिष्ठान (संशोधन) अध्यादेश, 2025’ है, जिसके तहत दुकानों के खुलने-बंद होने के समय, साप्ताहिक अवकाश, महिला कर्मचारियों की रात्रि पाली, और ऑनलाइन पंजीकरण की प्रक्रिया में सुधार किए गए हैं। सरकार का मानना है कि इससे कारोबारियों को संचालन में अधिक सुविधा मिलेगी और निवेश का माहौल बेहतर होगा।
दूसरा अध्यादेश श्रमिक कल्याण से जुड़ा संशोधन है, जिसमें काम के घंटे, ओवरटाइम भुगतान, सुरक्षा प्रावधान और न्यूनतम वेतन से संबंधित बदलाव किए गए हैं। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि ये संशोधन “ईज ऑफ डूइंग बिजनेस” को बढ़ावा देने के साथ श्रमिकों के हितों की रक्षा भी करेंगे। उन्होंने बताया कि दोनों अध्यादेशों को आगामी विधानसभा सत्र में विधेयक के रूप में पेश किया जाएगा ताकि इन्हें स्थायी रूप दिया जा सके।
इसी प्रकार, अध्यादेश में श्रमिकों की दैनिक कार्य अवधि की अधिकतम सीमा 9 के स्थान पर 10 घंटे नियत की गई है। वहीं, ओवरटाइम करने की अधिकतम सीमा को भी तिमाही में 144 घंटों तक बढ़ाया गया है। इससे दुकानों और व्यापारिक संस्थानों की कार्यक्षमता के साथ-साथ उत्पादकता में भी वृद्धि होगी। प्रचलित राजस्थान दुकान एवं वाणिज्य संस्थान अधिनियम 1958 एक्ट के अनुसार 12 से 15 साल तक के किशोर अधिकतम 3 घंटे प्रतिदिन कार्य कर सकते थे। अध्यादेश में इसे बढ़ाकर 14 से 18 वर्ष तक कर दिया गया है।

