श्रीगंगानगर से पकड़ा गया ISI का जासूस प्रकाश सिंह उर्फ बादल, हनी ट्रैप में फंसाकर सेना की गोपनीय जानकारी लेने की बड़ी साजिश बेनकाब

राजस्थान के श्रीगंगानगर से पकड़े गए पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI के जासूस प्रकाश सिंह उर्फ बादल ने पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं।

श्रीगंगानगर से पकड़ा गया ISI का जासूस प्रकाश सिंह उर्फ बादल, हनी ट्रैप में फंसाकर सेना की गोपनीय जानकारी लेने की बड़ी साजिश बेनकाब

जयपुर। राजस्थान के श्रीगंगानगर से पकड़े गए पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI के जासूस प्रकाश सिंह उर्फ बादल ने पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। जांच एजेंसियों के अनुसार, ISI ने भारतीय सेना के जवानों को हनी ट्रैप में फंसाकर देश की सुरक्षा से जुड़ी अति गोपनीय जानकारियां चुराने की बड़ी साजिश रच रही थी।

हनी ट्रैप का पूरा जाल कैसे बिछाया गया?

जासूस प्रकाश सिंह सोशल मीडिया (खासकर फेसबुक) पर सक्रिय रहकर भारतीय नागरिकों और खासतौर पर सेना के जवानों के मोबाइल नंबर इकट्ठा करता था।

ये नंबर वह पाकिस्तान स्थित अपने ISI हैंडलर को भेजता था।

ISI इन भारतीय नंबरों से फर्जी वॉट्सऐप प्रोफाइल बनवाती थी।

इन फर्जी अकाउंट्स से पाकिस्तानी महिलाएं (या उनके नाम पर काम करने वाले एजेंट) भारतीय जवानों से दोस्ती बढ़ाती थीं।

बातचीत को धीरे-धीरे रोमांटिक बनाया जाता था और फिर बॉर्डर एरिया, सैन्य तैनाती, हथियारों की स्थिति जैसी संवेदनशील जानकारियां मांगी जाती थीं।

पुलिस और खुफिया एजेंसियों की संयुक्त टीम ने प्रकाश सिंह को गिरफ्तार कर उसके मोबाइल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस जब्त कर लिए हैं। पूछताछ में कई और संदिग्धों के नाम सामने आने की संभावना है।

यह मामला एक बार फिर सीमा पार से चलाए जा रहे हनी ट्रैप ऑपरेशन की गंभीरता को उजागर करता है।