राहुल गांधी की सदस्यता पर फिर संकट? निशिकांत दुबे ने दिया नोटिस, सदन में बढ़ी सियासी हलचल
लोकसभा में राहुल गांधी के भाषण को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने उनकी सदस्यता समाप्त करने की मांग करते हुए विशेषाधिकार हनन का नोटिस दिया है। जानिए क्या है पूरा मामला और आगे क्या हो सकता है।
लोकसभा में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के हालिया भाषण को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने उनकी संसदीय सदस्यता समाप्त करने के प्रस्ताव से जुड़ा नोटिस दाखिल किया है। यह कदम उस वक्त उठाया गया जब राहुल गांधी ने इंडिया-यूएस ट्रेड डील और केंद्रीय बजट पर सवाल उठाए थे।
बीजेपी की ओर से आरोप लगाया गया है कि राहुल गांधी ने सदन में तथ्यहीन आरोप लगाए और असंसदीय शब्दों का प्रयोग किया। अपने भाषण के दौरान राहुल गांधी ने राजनीति की तुलना मार्शल आर्ट से करते हुए ‘ग्रिप’ और ‘चोक’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया था। इस पर संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने तत्काल आपत्ति दर्ज कराई थी।
Rule 380 के तहत नोटिस
सचिवालय में दायर नोटिस में कहा गया है कि राहुल गांधी के कुछ बयान सदन की कार्यवाही से हटाए जाएं। यह नोटिस लोकसभा के नियम 380 के तहत दिया गया है, जिसके अंतर्गत पीठासीन अधिकारी आपत्तिजनक या असंसदीय शब्दों को रिकॉर्ड से हटाने का अधिकार रखते हैं। यदि यह मामला विशेषाधिकार हनन के रूप में आगे बढ़ता है, तो राहुल गांधी के लिए राजनीतिक और संसदीय चुनौती खड़ी हो सकती है।
राहुल गांधी की प्रतिक्रिया
मीडिया के सवालों पर राहुल गांधी ने संक्षिप्त प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “क्या आपको कीवर्ड्स दिए जाते हैं?” उनके इस बयान को भी राजनीतिक हलकों में अलग-अलग नजरिए से देखा जा रहा है।
पहले भी जा चुकी है सदस्यता
यह पहली बार नहीं है जब राहुल गांधी की सदस्यता पर सवाल खड़े हुए हों। वर्ष 2023 में एक मानहानि मामले में सूरत की अदालत द्वारा दो वर्ष की सजा सुनाए जाने के बाद उनकी लोकसभा सदस्यता समाप्त कर दी गई थी। हालांकि बाद में उच्चतम न्यायालय से राहत मिलने पर उनकी सदस्यता बहाल हो गई थी।
Saloni Kushwaha 
