कलेक्टर की गाड़ी और नगर पालिका ऑफिस कुर्की के आदेश से हड़कंप, मृतका मजदूर के परिवार को 12 लाख मुआवजा नहीं देने पर कोर्ट सख्त
राजस्थान के डीडवाना-कुचामन जिले के नावां शहर में सीनियर सिविल जज धर्मेंद्र जाखड़ की अदालत ने बड़ा एक्शन लिया है। मुख्यमंत्री शहरी रोजगार गारंटी योजना में काम करते हुए 18 नवंबर 2022 को बालकनी से गिरकर मृत हुई महिला।
राजस्थान के डीडवाना-कुचामन जिले के नावां शहर में सीनियर सिविल जज धर्मेंद्र जाखड़ की अदालत ने बड़ा एक्शन लिया है। मुख्यमंत्री शहरी रोजगार गारंटी योजना में काम करते हुए 18 नवंबर 2022 को बालकनी से गिरकर मृत हुई महिला मजदूर शांति देवी के परिवार को 11.36 लाख रुपये (ब्याज सहित) मुआवजा नहीं देने पर कोर्ट ने डीडवाना जिला कलेक्टर की सरकारी गाड़ी और नगर पालिका के कार्यकारी अधिकारी के दफ्तर का सामान कुर्क करने का आदेश दिया।
कोर्ट ने दोनों अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि बार-बार नोटिस के बावजूद मुआवजा राशि का भुगतान नहीं किया गया, जो घोर लापरवाही है।
क्या हुआ कोर्ट में?
पहले कुचामन के एडीजे सुंदरलाल खारोल ने नगर पालिका को 11 लाख 36 हजार रुपये ब्याज सहित देने का आदेश दिया था।
आदेश के बावजूद नगर पालिका ने भुगतान नहीं किया।
मृतका के परिजन की ओर से अधिवक्ता मुकेश घसवान ने नावां कोर्ट में कुर्की याचिका दायर की।
बुधवार को सुनवाई के दौरान जज धर्मेंद्र जाखड़ ने तुरंत कुर्की वारंट जारी कर दिया।
कोर्ट नाजिर महेंद्र स्वामी और प्रोसेस सर्वर पृथ्वी सिंह वादी पक्ष के साथ नगर पालिका ऑफिस पहुंच गए।
हड़कंप मचने पर नगर पालिका के कार्यकारी अधिकारी ने 24 घंटे का समय मांगा।
कोर्ट ने एक दिन की मोहलत देते हुए कुर्की 24 घंटे के लिए टाल दी।
अब गुरुवार 11 दिसंबर 2025 को फिर सुनवाई होगी। कोर्ट ने साफ कहा है कि अगर तय समय तक पूरा भुगतान नहीं हुआ तो कल सुबह फिर कुर्की की कार्रवाई होगी और अब पूरी रिकवरी प्रक्रिया कोर्ट की सीधी निगरानी में चलेगी।

