शरद महोत्सव मेला में हादसा, बिजलीघर की दीवार ढही, 4 दुकानदार मलबे में दबकर घायल

शुक्रवार सुबह शरद महोत्सव मेले के दौरान बड़ा हादसा हो गया। मेला ग्राउंड में बिजलीघर की दीवार अचानक भरभरा कर गिर गई, जिससे चार दुकानदार मलबे में दबकर गंभीर रूप से घायल हो गए।

शरद महोत्सव मेला में हादसा, बिजलीघर की दीवार ढही, 4 दुकानदार मलबे में दबकर घायल

धौलपुर जिले में शुक्रवार सुबह शरद महोत्सव मेले के दौरान बड़ा हादसा हो गया। मेला ग्राउंड में बिजलीघर की दीवार अचानक भरभरा कर गिर गई, जिससे चार दुकानदार मलबे में दबकर गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद मौके पर भगदड़ और अफरा-तफरी मच गई। घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन और पुलिस मौके पर पहुंची। सिविल डिफेंस टीम और स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को रेस्क्यू कर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।

 बिजलीघर की दीवार से सटकर बैठे थे दुकानदार

जानकारी के मुताबिक, यह हादसा कोतवाली थाना क्षेत्र स्थित मेला ग्राउंड में हुआ। यहां मेले में दुकान लगाने आए चार दुकानदार बिजलीघर की बाउंड्री वॉल के पास बैठे हुए थे। इसी दौरान दीवार अचानक ढह गई, और सभी दुकानदार मलबे में दब गए। 

घायलों की पहचान इस प्रकार की गई है

  1. कासिम उमर (65 वर्ष) — निवासी मेरठ, उत्तर प्रदेश
  2. आस मोहम्मद उमर (40 वर्ष) — निवासी शामली, उत्तर प्रदेश
  3. गुरनवास (30 वर्ष) — निवासी मेरठ
  4. अब्दुल सलाम (60 वर्ष) — निवासी मेरठ

चारों घायल फिलहाल धौलपुर जिला अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती हैं, जहां उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।

 दीवार से बांध रखा था टेंट

जांच में सामने आया है कि दुकानदारों ने अपने टेंट और स्टॉल को बिजलीघर की दीवार से बांध रखा था। टेंट के खिंचाव से दीवार पर दबाव पड़ा, जिससे वह भरभरा कर गिर गई।
प्रशासन ने बताया कि यह दीवार जर्जर स्थिति में थी, और इसी कारण हादसा हुआ।

 कलेक्टर और पुलिस मौके पर पहुंचे

हादसे की खबर मिलते ही जिला कलेक्टर श्रीनिधि बीटी और पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे।
कलेक्टर ने कहा, “मेला ग्राउंड में बिजलीघर की दीवार गिरने से चार दुकानदार घायल हुए हैं। सभी को सुरक्षित निकालकर अस्पताल भेज दिया गया है। जेसीबी मशीन की मदद से जर्जर दीवार और मलबा हटा दिया गया है। फिलहाल सभी घायलों की हालत स्थिर है।”

 प्रशासन ने शुरू की जांच

प्रशासन ने कहा कि हादसे के हर एंगल से जांच की जा रही है। मेला आयोजकों और बिजलीघर की संरचना की स्थिति की भी समीक्षा की जाएगी ताकि भविष्य में ऐसे हादसे दोबारा न हों।

 स्थानीय लोगों की मदद से चला रेस्क्यू अभियान

मौके पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि दीवार गिरते ही जोरदार आवाज हुई, और लोग मदद के लिए दौड़ पड़े। स्थानीय लोगों और सिविल डिफेंस कर्मियों ने मिलकर घायलों को मलबे से बाहर निकाला, और उन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया।