पिता के शराबी और मां के घर छोड़ने से तंग आकर 12 साल की मासूम ने लगा ली फांसी

अजमेर के देहली गेट क्षेत्र में एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया। मात्र 12 साल की छठी कक्षा की छात्रा सोनाक्षी ने गुरुवार (20 नवंबर) शाम अपने घर में साड़ी का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली।

पिता के शराबी और मां के घर छोड़ने से तंग आकर 12 साल की मासूम ने लगा ली फांसी

अजमेरअजमेर के देहली गेट क्षेत्र में एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया। मात्र 12 साल की छठी कक्षा की छात्रा सोनाक्षी ने गुरुवार (20 नवंबर) शाम अपने घर में साड़ी का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। परिजनों और पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि पिता की शराब की लत और लगातार झगड़ों से तंग आकर मां के पीहर चले जाने से बच्ची गहरे मानसिक तनाव में थी।

मंदिर से लौटी और कमरे में चली गई, फिर...

परिजनों ने बताया कि गुरुवार दोपहर करीब 2 बजे सोनाक्षी स्कूल से घर लौटी थी। शाम को दादी और भाई-बहनों के साथ पास के मंदिर भी गई। मंदिर से लौटकर वह अपने कमरे में चली गई। काफी देर तक बाहर न आने पर दादी ने खिड़की से झांका तो भयावह नजारा देखकर चीख पड़ीं – सोनाक्षी साड़ी के फंदे पर लटकी हुई थी। आनन-फानन में परिजन दरवाजा तोड़कर उसे जेएलएन अस्पताल ले गए, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। शुक्रवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।

सुबह स्कूल जाते वक्त भी मां से रो-रोकर कह रही थी – “घर लौट आओ मम्मी”

परिजनों के अनुसार, सोनाक्षी सुबह स्कूल जाते समय भी अपनी मां से फोन पर बात कर रही थी और बार-बार रोते हुए कह रही थी, “मम्मी प्लीज घर आ जाओ, मुझे बहुत डर लग रहा है।” मां कुछ दिन पहले ही पति सुमित की शराबखोरी और रोज के झगड़ों से तंग आकर पीहर चली गई थी।

बच्ची के चाचा सुरजीत ने बताया, “सुमित की शराब की लत के कारण घर में रोज कलेश रहता था। बहू (सोनाक्षी की मां) परेशान होकर पीहर चली गई। उसके बाद सोनाक्षी और उसका बड़ा भाई हमारे पास ही रहने लगे। बच्ची बहुत परेशान रहती थी, अक्सर मां को फोन करके रोती थी कि घर लौट आए।”

पिता घर पर नहीं थे जब बच्ची ने लगाई फांसी

पुलिस के अनुसार, जब सोनाक्षी ने फांसी लगाई उस वक्त उसके पिता सुमित घर पर मौजूद नहीं थे। बच्ची और उसके बड़े भाई की देखभाल चाचा ही कर रहे थे।

गंज थाना के एएसआई अस्लम खान ने बताया, “मामला परिवारिक कलह और मानसिक तनाव का प्रतीत होता है। हम परिजनों के बयान दर्ज कर रहे हैं। पड़ोसियों और रिश्तेदारों से भी पूछताछ की जा रही है। अभी तक कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। पूरी जांच के बाद ही अंतिम निष्कर्ष निकाला जाएगा।”

लगातार झगड़े ने तोड़ दिया 12 साल की बच्ची का मन

परिजनों का कहना है कि माता-पिता के बीच रोजाना होने वाले झगड़े और मां के घर छोड़कर चले जाने से सोनाक्षी डिप्रेशन में चली गई थी। वह अक्सर चुपचाप रहने लगी थी और मां की बहुत याद आती थी। यह घटना एक बार फिर समाज को झकझोरकर यह सवाल उठा रही है कि पारिवारिक कलह का सबसे ज्यादा असर बच्चों पर ही क्यों पड़ता है? नशे की लत ने एक और मासूम जिंदगी छीन ली। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और घटना के हर पहलू की गहन जांच की जा रही है।