कोरियर कंपनी के जरिए गांजे की तस्करी का नया तरीका बेनकाब, 3 गिरफ्तार, टैक्सी वैन जब्त

अजमेर में मादक पदार्थ तस्करों ने अब कोरियर सर्विस को हथियार बना लिया था। तस्कर बड़े कार्टन में गांजा भरकर कोरियर कंपनी से दूसरे राज्यों में भेजने की फिराक में थे, लेकिन क्लॉक टावर थाना पुलिस की गुप्त सूचना और त्वरित कार्रवाई ने इस नए नेटवर्क का पर्दाफाश कर दिया।

कोरियर कंपनी के जरिए गांजे की तस्करी का नया तरीका बेनकाब, 3 गिरफ्तार, टैक्सी वैन जब्त

अजमेर। अजमेर में मादक पदार्थ तस्करों ने अब कोरियर सर्विस को हथियार बना लिया था। तस्कर बड़े कार्टन में गांजा भरकर कोरियर कंपनी से दूसरे राज्यों में भेजने की फिराक में थे, लेकिन क्लॉक टावर थाना पुलिस की गुप्त सूचना और त्वरित कार्रवाई ने इस नए नेटवर्क का पर्दाफाश कर दिया। पुलिस ने केसरगंज क्षेत्र में छापा मारकर एक टैक्सी वैन (RJ-01-TA-xxxx) जब्त की और मौके से 4 संदिग्धों में से 3 को गिरफ्तार कर लिया।

कोरियर पार्सल में छिपाया था गांजा

पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि केसरगंज स्थित एक नामी कोरियर कंपनी के ऑफिस से गांजे की भारी खेप कोरियर के जरिए बाहर भेजी जानी है। जब पुलिस टीम मौके पर पहुंची तो देखा कि एक बड़ा कार्टन कोरियर बुकिंग के लिए तैयार था और उसे अजमेर टैक्सी नंबर की इको वैन में लोड किया जा रहा था। शक होने पर पुलिस ने वैन को रोककर तलाशी ली। कार्टन खोलते ही उसमें से भारी मात्रा में गांजा बरामद हुआ। अभी बरामदगी का सटीक वजन और कीमत आंकी जा रही है।

तीन गिरफ्तार, एक फरार

पार्सल लेने और डिलीवरी करने आए चार संदिग्धों में से पुलिस ने तुरंत तीन को दबोच लिया:

  1. महेंद्र कच्छावा
  2. सुरेंद्र सिंह
  3. सलीम उर्फ चीता

चौथा आरोपी सलीम उर्फ लंगड़ा मौके से फरार हो गया। पुलिस उसकी तलाश में छापे मार रही है। पूछताछ में सामने आया है कि ये लोग तस्करी के पुराने खिलाड़ी हैं और कोरियर कंपनी के कुछ स्टाफ से मिलीभगत कर यह नया तरीका अपना रहे थे।

कोरियर कंपनी के स्टाफ पर भी शिकंजा

क्लॉक टावर थाना SHO राजेंद्र सिंह राठौड़ ने बताया, “कोरियर कंपनी के मैनेजर और कुछ कर्मचारियों से गहन पूछताछ की जा रही है। पार्सल किसने बुक कराया, किस नाम-पते पर भेजा जा रहा था, पेमेंट कैसे हुई – हर बिंदु पर जांच चल रही है। जल्द ही पूरा नेटवर्क बेनकाब कर दिया जाएगा।”

तस्करों का नया मॉडल: कोरियर से डिलीवरी

पुलिस का कहना है कि पारंपरिक तरीकों (बस, ट्रक, निजी गाड़ी) पर नाकाबंदी और चेकिंग बढ़ने के बाद तस्कर अब कोरियर कंपनियों का सहारा ले रहे हैं। सामान की बुकिंग ऑनलाइन या फर्जी नाम-पते से की जाती है, जिससे पकड़े जाने का खतरा कम रहता है। अजमेर में यह पहला मामला है जब कोरियर के जरिए इतने बड़े स्तर पर गांजे की तस्करी का प्रयास पकड़ा गया है।

SP का सख्त संदेश

अजमेर SP राजेंद्र सिंह चौधरी ने कहा, “मादक पदार्थ तस्करी करने वाले कोई भी नया तरीका अपनाएं, पुलिस की नजर से बच नहीं पाएंगे। शहर में नशे के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति है। कोरियर कंपनियों को भी सख्त हिदायत दी जा रही है कि हर संदिग्ध पार्सल की गहन जांच करें।” पुलिस ने NDPS एक्ट की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आने वाले दिनों में और बड़ी गिरफ्तारियां होने की संभावना है।