गरजे टैंक और हेलीकॉप्टर, धमाकों से गूंज उठा रेगिस्तान, भारतीय सेना का शानदार प्रदर्शन

राजस्थान के तपते रेगिस्तान में भारतीय सेना ने ऐसा दमखम दिखाया कि धरती थर्रा उठी और आसमान गरज उठा। बीकानेर स्थित महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में भारतीय सेना द्वारा आयोजित ‘इंटीग्रेटेड फायरिंग एक्सरसाइज’ में आधुनिक युद्ध की सजीव झलक देखने को मिली।

गरजे टैंक और हेलीकॉप्टर, धमाकों से गूंज उठा रेगिस्तान, भारतीय सेना का शानदार प्रदर्शन

बीकानेर। राजस्थान के तपते रेगिस्तान में भारतीय सेना ने ऐसा दमखम दिखाया कि धरती थर्रा उठी और आसमान गरज उठा। बीकानेर स्थित महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में भारतीय सेना द्वारा आयोजित ‘इंटीग्रेटेड फायरिंग एक्सरसाइज’ में आधुनिक युद्ध की सजीव झलक देखने को मिली। दक्षिण-पश्चिमी कमान के लेफ्टिनेंट जनरल मंजिंदर सिंह की मौजूदगी में यह अभ्यास आयोजित किया गया, जिसमें सेना की युद्धक क्षमता, समन्वय और तकनीकी दक्षता का शानदार प्रदर्शन हुआ।

आधुनिक हथियारों का जबरदस्त प्रदर्शन

इस अभ्यास में भारत में निर्मित टैंक, मिसाइलें, ड्रोन, फाइटिंग हेलीकॉप्टर और अत्याधुनिक गनें गरज उठीं। ड्रोनों ने आसमान से निगरानी रखी, मिसाइलों ने सटीकता से लक्ष्य भेदा और हेलीकॉप्टरों ने हवा से दुश्मन पर हमला बोलते हुए युद्ध जैसी स्थिति का यथार्थ दृश्य प्रस्तुत किया। हर धमाका, हर गूंज यही संदेश दे रही थी कि भारत की सीमाएं सुरक्षित हाथों में हैं।

आधुनिक युद्धक रणनीति की झलक

यह अभ्यास केवल एक फायरिंग डेमोंस्ट्रेशन नहीं था, बल्कि आधुनिक युद्धक रणनीति, इंटर-यूनिट समन्वय, सटीक मारक क्षमता और तकनीकी एकीकरण का जीवंत उदाहरण था। इसमें दिखाया गया कि युद्ध के दौरान आर्मर्ड, आर्टिलरी, इन्फैंट्री, एविएशन और ड्रोन यूनिट्स किस तरह एक साझा कमांड के तहत समन्वित कार्रवाई कर दुश्मन को चारों ओर से घेर सकती हैं।

आत्मनिर्भर भारत’ की झलक

एक्सरसाइज की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि इसमें उपयोग किए गए सभी प्रमुख हथियार स्वदेशी तकनीक से निर्मित थे। यह अभ्यास भारत की ‘आत्मनिर्भर रक्षा नीति’ का प्रतीक बना। इससे न केवल भारतीय सेना की मारक क्षमता में वृद्धि हुई है, बल्कि रक्षा निर्यात के क्षेत्र में देश की स्थिति और मजबूत हुई है।

सीमाओं पर सतर्कता और संदेश

महाजन रेंज का यह अभ्यास केवल सैन्य प्रशिक्षण नहीं, बल्कि एक सशक्त संदेश भी था — भारत किसी भी चुनौती का सामना करने और सीमाओं की रक्षा करने के लिए पूरी तरह तैयार है। रेगिस्तान की तपिश में पसीना बहाते जवान, गरजते टैंक और उड़ते ड्रोन यह दर्शा रहे थे कि भारतीय सेना हर परिस्थिति में राष्ट्र की सुरक्षा के लिए तत्पर है।