“मैं सनातनी हूं, गौमाता के संरक्षण में लापरवाही बर्दाश्त नहीं” वसुंधरा राजे ने अधिकारियों को लगाई फटकार
राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने कोटा में मृत पशुओं के निस्तारण को लेकर फैली अव्यवस्था पर कड़ा रुख अपनाया है। रविवार सुबह (29 दिसंबर) झालावाड़ से ब्यावर जाते समय कोटा में उनका काफिला उस समय रुक गया, जब मृत गायों को खुले में फेंकने के विरोध में गौरक्षक धरने पर बैठे थे।
कोटा। राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने कोटा में मृत पशुओं के निस्तारण को लेकर फैली अव्यवस्था पर कड़ा रुख अपनाया है। रविवार सुबह (29 दिसंबर) झालावाड़ से ब्यावर जाते समय कोटा में उनका काफिला उस समय रुक गया, जब मृत गायों को खुले में फेंकने के विरोध में गौरक्षक धरने पर बैठे थे।
मौके पर गौरक्षकों से बातचीत करते हुए वसुंधरा राजे ने उनकी समस्याएं सुनीं और नाराजगी जाहिर की। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, “मैं सनातनी हूं और गौमाता के संरक्षण में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।” राजे ने कहा कि जनता सजग है, लेकिन अफसर सुस्त नजर आ रहे हैं, जो बेहद गंभीर विषय है।
डीआईजी और एसपी को मौके पर बुलाया
गौरक्षकों ने आरोप लगाया कि कोटा नगर निगम क्षेत्र में मृत गायों का सम्मानजनक अंतिम संस्कार नहीं किया जा रहा है। साथ ही यह भी आरोप लगाए गए कि मृत गायों की आड़ में जिंदा गायों की हत्या कर उनका गौमांस बेचा जा रहा है।
इन गंभीर आरोपों को सुनते ही वसुंधरा राजे ने कोटा रेंज के डीआईजी राजेंद्र गोयल और एसपी तेजस्विनी गौत्तम को मौके पर तलब किया। उन्होंने अधिकारियों को पूरे मामले की गहन जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।
राजे ने साफ कहा कि गौमाता के संरक्षण और कानून व्यवस्था से जुड़ा यह मामला बेहद संवेदनशील है और इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

