राजस्थान विधानसभा का बजट सत्र 28 जनवरी से, फ्लोर मैनेजमेंट को लेकर सरकार पूरी तरह तैयार

राजस्थान विधानसभा का बजट सत्र 28 जनवरी से शुरू होने जा रहा है। सत्र को लेकर भजनलाल सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं और फ्लोर मैनेजमेंट की पूरी जिम्मेदारी संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल सहित वरिष्ठ मंत्रियों को सौंपी गई है।

राजस्थान विधानसभा का बजट सत्र 28 जनवरी से, फ्लोर मैनेजमेंट को लेकर सरकार पूरी तरह तैयार

राजस्थान विधानसभा का बजट सत्र 28 जनवरी से शुरू होने जा रहा है। सत्र को लेकर भजनलाल सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं और फ्लोर मैनेजमेंट की पूरी जिम्मेदारी संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल सहित वरिष्ठ मंत्रियों को सौंपी गई है। सरकार का फोकस सत्र के सुचारु संचालन और महत्वपूर्ण विधायी कार्यों को मजबूती से सदन में रखने पर रहेगा।

राज्यपाल के अभिभाषण से होगा सत्र का आगाज

संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने बताया कि 28 जनवरी को राज्यपाल के अभिभाषण के साथ बजट सत्र की औपचारिक शुरुआत होगी। उन्होंने कहा कि 1 फरवरी को केंद्र सरकार का बजट पेश होने के कारण राजस्थान सरकार का बजट 11 फरवरी को पेश किए जाने की संभावना है।

“सरकार पेश करेगी इनोवेटिव बजट”

NDTV से बातचीत में जोगाराम पटेल ने कहा कि इस बार राज्य सरकार इनोवेटिव और विजनरी बजट लेकर आएगी। उन्होंने दावा किया कि बजट में समाज के सभी वर्गों—किसान, युवा, महिलाएं, मजदूर और व्यापारी वर्ग—का विशेष ध्यान रखा जाएगा।

पटेल ने कहा कि सरकार का लक्ष्य प्रदेश की आधारभूत संरचनाओं को मजबूत करना और विकसित राजस्थान की दिशा में तेजी से कदम बढ़ाना है।

विपक्ष के रुख पर सरकार की तैयारी

कांग्रेस पर निशाना साधते हुए संसदीय कार्य मंत्री ने कहा कि विपक्ष भले ही सरकार को घेरने की रणनीति बनाकर सत्र में आए, लेकिन चर्चा सार्थक और मुद्दों पर आधारित होनी चाहिए।

उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि विपक्ष अनावश्यक हंगामा करेगा, तो सत्ता पक्ष भी मजबूती से जवाब देगा। पटेल ने यह भी कहा कि पिछली बार विपक्ष ने सर्वदलीय बैठक का बहिष्कार किया था, लेकिन सरकार को उम्मीद है कि इस बार विपक्ष बैठक में शामिल होकर सकारात्मक भूमिका निभाएगा।

प्रॉपर्टी कानून और दो बच्चों की बाध्यता पर विचार

जोगाराम पटेल ने बताया कि बजट सत्र के दौरान कुछ महत्वपूर्ण विधायी कार्य भी प्रस्तावित हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार प्रॉपर्टी से जुड़े नए कानून लाने पर गंभीरता से विचार कर रही है। इसके साथ ही पंचायत और नगरीय निकाय चुनावों में दो बच्चों की बाध्यता समाप्त करने वाले विधेयक को लेकर भी मंथन जारी है। यदि सहमति बनती है, तो यह विधेयक भी इसी सत्र में सदन के पटल पर आ सकता है।

राजनीतिक तौर पर अहम रहेगा सत्र

कुल मिलाकर, यह बजट सत्र न सिर्फ आर्थिक नीतियों के लिहाज से बल्कि राजनीतिक दृष्टि से भी बेहद अहम माना जा रहा है, जहां सरकार अपनी प्राथमिकताओं को स्पष्ट करेगी और विपक्ष सरकार की नीतियों को लेकर सवाल उठाएगा।