राजस्थान यूनिवर्सिटी में छात्रों पर बर्बरता से की लाठीचार्ज, 70% फेल रिजल्ट पर हो रहा प्रदर्शन
राजस्थान की राजधानी जयपुर स्थित राजस्थान यूनिवर्सिटी (RU) में गुरुवार दोपहर छात्रों के शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर पुलिस ने बर्बर लाठीचार्ज कर दिया। इस घटना में कई छात्र घायल बताए जा रहे हैं, जबकि छात्र नेता शुभम रेवाड़ को हिरासत में ले लिया गया।
जयपुर। राजस्थान की राजधानी जयपुर स्थित राजस्थान यूनिवर्सिटी (RU) में गुरुवार दोपहर छात्रों के शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर पुलिस ने बर्बर लाठीचार्ज कर दिया। इस घटना में कई छात्र घायल बताए जा रहे हैं, जबकि छात्र नेता शुभम रेवाड़ को हिरासत में ले लिया गया। छात्र BA, BSc और BCom फर्स्ट सेमेस्टर की परीक्षाओं में 70% से अधिक फेल होने के कारण रिजल्ट में अनियमितताओं का आरोप लगा रहे थे। वे परीक्षा नियंत्रक के कार्यालय का घेराव कर रहे थे, जब पुलिस पहुंची और बल प्रयोग करते हुए प्रदर्शनकारियों को खदेड़ दिया। यह घटना राज्य की शिक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़ी कर रही है, और विपक्षी कांग्रेस ने इसे 'छात्र-विरोधी नीति' का प्रतीक बताते हुए राज्यपाल और केंद्र से हस्तक्षेप की मांग की है।
यूनिवर्सिटी कैंपस में तनावपूर्ण माहौल के बीच छात्रों ने रिवैल्यूएशन प्रक्रिया में रिश्वतखोरी और गलत मूल्यांकन का आरोप लगाया। पुलिस का कहना है कि प्रदर्शन 'अराजक' हो गया था, लेकिन छात्र नेता इसे 'दमन का हथकंडा' बता रहे हैं। यह घटना 2025 में RU के छात्र आंदोलनों की कड़ी है, जहां पहले भी स्टूडेंट यूनियन चुनावों और RSS इवेंट्स पर विरोध हुआ था। विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ती फेल रेट और महंगी रिवैल्यूएशन से छात्रों का भविष्य खतरे में है, जो राज्य सरकार की शिक्षा नीति की विफलता दर्शाता है।

प्रदर्शन से लाठीचार्ज तक की घटना
दोपहर करीब 1 बजे RU के सेंट्रल कैंपस में सैकड़ों छात्र इकट्ठा हुए। शुभम रेवाड़ के नेतृत्व में वे परीक्षा नियंत्रक कार्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने रिजल्ट सुधार, फेल मार्कशीट रद्द करने और मुफ्त रिवैल्यूएशन की मांग की। छात्रों का कहना था, "सेमेस्टर सिस्टम लागू होने के बाद फर्स्ट ईयर में 70% फेल होना संदिग्ध है। आंसर शीट चेकिंग में गड़बड़ी है, और रिवैल्यूएशन के लिए 500-1000 रुपये प्रति पेपर वसूले जा रहे हैं।"
प्रदर्शन के दौरान पुलिस फोर्स पहुंची और छात्रों को तितर-बितर करने का आदेश दिया। लेकिन नोंकझोंक बढ़ गई, जब कुछ छात्रों ने बैरिकेड तोड़ने की कोशिश की। इसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज शुरू कर दिया, जिसमें 10-15 छात्रों को चोटें आईं। वीडियो फुटेज में साफ दिख रहा है कि छात्र 'शिक्षा का अधिकार' के नारे लगा रहे थे, तभी लाठियां चलीं। शुभम रेवाड़ को घसीटते हुए हिरासत में लिया गया, और उन्हें सिंतली थाने ले जाया गया। RU प्रशासन ने कहा कि 'शांति भंग' के कारण कार्रवाई जरूरी थी, लेकिन छात्र संगठनों ने इसे 'राजनीतिक साजिश' बताया।
70% छात्र असफल, रिवैल्यूएशन में 'लूट'
RU के हालिया डेटा के अनुसार, जुलाई-अगस्त 2025 में आयोजित फर्स्ट सेमेस्टर परीक्षाओं में BA में 68%, BSc में 72% और BCom में 71% छात्र फेल हो गए। पिछले साल यह रेट 40-45% था, जो अचानक बढ़ने से छात्रों में आक्रोश है। छात्र नेता शुभम रेवाड़ (NSUI से जुड़े) ने कहा, "यह सिस्टम छात्रों को तोड़ने का है। आंसर शीट में नंबर कम किए जा रहे हैं, और रिवैल्यूएशन के नाम पर पैसे ऐंठे जा रहे। हमारी मांग है कि सभी फेल छात्रों को पास किया जाए।"
RU के कुल 1.5 लाख छात्रों में से 50 हजार से अधिक फर्स्ट ईयर के हैं, और इस फेल रेट से हजारों का भविष्य दांव पर है। विशेषज्ञों का कहना है कि NEP 2020 के तहत सेमेस्टर सिस्टम में मूल्यांकन की कमियां हैं, लेकिन RU प्रशासन पर भ्रष्टाचार के आरोप भी लग रहे हैं। एक छात्र ने बताया, "मेरा 45% आया, लेकिन कॉपी में 70% के जवाब थे। रिवैल्यूएशन के 2000 रुपये देने पड़े।"
कांग्रेस का हमला, BJP का बचाव
कांग्रेस ने घटना की कड़ी निंदा की। राज्यसभा सांसद अभिमन्यु पूनिया ने कहा, "भाजपा सरकार छात्रों को कुचल रही है। लाठीचार्ज लोकतंत्र का गला घोंटना है।" NSUI प्रदेश अध्यक्ष सोहन गुजर ने शुभम रेवाड़ की रिहाई की मांग की, और कहा, "यह RSS-BJP का छात्र-विरोधी चेहरा है।" विपक्ष ने RU वीसी को हटाने की मांग की।
दूसरी ओर, BJP ने प्रदर्शन को 'अराजक' बताया। शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने कहा, "पुलिस ने शांति बनाए रखने के लिए कार्रवाई की। रिजल्ट जांच की जाएगी।" RU प्रशासन ने जांच समिति गठित करने का ऐलान किया, लेकिन छात्रों ने इसे 'आंखों में धूल झोंकना' कहा। यह घटना जून 2025 में पूर्व स्टूडेंट यूनियन अध्यक्ष निर्मल चौधरी की गिरफ्तारी से मिलती-जुलती है, जिसे राजनीतिक प्रतिशोध बताया गया था।

