जमीन से 17 मीटर नीचे दौड़ेगी मेट्रो, TBM ‘प्रताप’ ने शुरू की सुरंग की खुदाई
जयपुर मेट्रो फेज-1सी के तहत बड़ी चौपड़ से ट्रांसपोर्ट नगर तक भूमिगत सुरंग की खुदाई शुरू हो गई है। TBM प्रताप करीब 17 मीटर नीचे तीन किलोमीटर लंबी टनल तैयार करेगी।
जयपुर में मेट्रो के विस्तार की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। बड़ी चौपड़ से ट्रांसपोर्ट नगर तक प्रस्तावित मेट्रो फेज-1सी के तहत भूमिगत सुरंग बनाने का काम शुरू हो गया है। टनल बोरिंग मशीन (TBM) ‘प्रताप’ ने खुदाई शुरू कर दी है। इस रूट पर मेट्रो मुख्य सड़क से करीब 17 मीटर नीचे चलेगी। करीब तीन किलोमीटर लंबे भूमिगत ट्रैक के निर्माण का लक्ष्य रखा गया है।
शनिवार को प्रस्तावित गलता गेट मेट्रो स्टेशन पर मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने सुरंग निर्माण कार्य का शुभारंभ किया। उन्होंने अधिकारियों को परियोजना निर्धारित समय-सीमा में पूरी करने के साथ श्रमिकों और आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
95 मीटर लंबी मशीन ‘प्रताप’ ने संभाला मोर्चा
बड़ी चौपड़ से ट्रांसपोर्ट नगर तक भूमिगत मेट्रो कॉरिडोर बनाने के लिए 95 मीटर लंबी TBM ‘प्रताप’ का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसके जरिए करीब तीन किलोमीटर लंबी सुरंग तैयार की जाएगी। परियोजना के तहत दूसरी टनल की खुदाई के लिए मशीन ‘कुंभा’ भी इसी महीने के अंत तक काम शुरू कर सकती है।
निर्माण कार्य के लिए जुलाई तक सुरंग तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। इस विस्तार से पुराने शहर के हिस्सों में मेट्रो नेटवर्क को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।
बड़ी चौपड़ से रामगंज चौपड़ होते हुए पहुंचेगी गलता गेट
फेज-1सी के तहत भूमिगत मेट्रो ट्रैक बड़ी चौपड़ से रामगंज चौपड़ होते हुए गलता गेट तक पहुंचेगा। प्रस्तावित गलताजी मेट्रो स्टेशन को ऐतिहासिक विरासत के अनुरूप हेरिटेज लुक देने की योजना है।
मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने निर्माण एजेंसियों को यातायात प्रबंधन और धूल नियंत्रण के निर्धारित मानकों का पालन करने के निर्देश दिए। उन्होंने आसपास की ऐतिहासिक इमारतों के संरक्षण पर विशेष ध्यान देने और उनकी निगरानी रिपोर्ट की नियमित समीक्षा करने को भी कहा।
अप्रैल 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य
जयपुर मेट्रो के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक वैभव गालरिया के अनुसार, फेज-1सी को अप्रैल 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके अलावा फेज-1डी के तहत मानसरोवर मेट्रो स्टेशन से 200 फीट बाईपास तक का काम अगले साल जुलाई तक पूरा करने की योजना है।
मुख्य सचिव ने जयपुर मेट्रो के विस्तार को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की महत्वाकांक्षी परियोजना बताते हुए निर्माण कार्यों में गुणवत्ता बनाए रखने पर जोर दिया।
जयपुर मेट्रो फेज-2 पर भी तैयारी तेज
जयपुर मेट्रो के दूसरे चरण को लेकर भी काम आगे बढ़ाया जा रहा है। एमडी वैभव गालरिया ने बताया कि फेज-2 के तहत प्रस्तावित भूमिगत एयरपोर्ट स्टेशन का कार्यादेश इसी महीने जारी करने की तैयारी है। एयरपोर्ट से कलक्ट्रेट और कलक्ट्रेट से टोड़ी मोड़ तक के शेष दो पैकेज के कार्यादेश नवंबर तक जारी किए जाने की योजना है।
फेज-2 की प्रस्तावित लंबाई करीब 42 किलोमीटर है और इसकी अनुमानित लागत लगभग 13,500 करोड़ रुपए बताई गई है। परियोजना आगे बढ़ने से जयपुर के प्रमुख परिवहन केंद्रों को मेट्रो नेटवर्क से जोड़ने की दिशा में काम तेज होगा।

