Gold Silver Price: सोने-चांदी में आई तूफानी तेजी, MCX पर गोल्ड ₹3,861 और सिल्वर ₹4,610 उछला

Gold Silver Price Hike: फेडरल रिजर्व की बैठक के मिनट्स से पहले MCX पर सोने और चांदी में जोरदार तेजी आई। Gold ₹3,861 और Silver ₹4,610 तक चढ़ा।

Gold Silver Price: सोने-चांदी में आई तूफानी तेजी, MCX पर गोल्ड ₹3,861 और सिल्वर ₹4,610 उछला
Gold And Silver price

Gold Silver Price Hike: अमेरिकी फेडरल रिजर्व की बैठक के मिनट्स (Minutes of Meeting) जारी होने से पहले ही घरेलू वायदा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में जबरदस्त तेजी देखने को मिली। बुधवार रात करीब 10 बजे के बाद MCX पर दोनों कीमती धातुओं के भाव अचानक बढ़ गए। सोने की कीमत में जहां करीब ₹3,861 की तेजी दर्ज हुई, वहीं चांदी का भाव ₹4,610 तक चढ़ गया।

MCX पर ₹1.58 लाख के पार पहुंचा सोना

बुधवार रात करीब 10:30 बजे MCX पर 5 अक्टूबर 2026 एक्सपायरी वाला गोल्ड फ्यूचर ₹3,861 की बढ़त के साथ ₹1,58,123 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गया। कीमतों में इस तेज उछाल से निवेशकों की नजर एक बार फिर सोने के वायदा बाजार पर टिक गई है।

चांदी भी ₹2.36 लाख के करीब

सोने के साथ चांदी ने भी जोरदार तेजी दिखाई। MCX पर 4 सितंबर 2026 एक्सपायरी वाला सिल्वर फ्यूचर ₹4,610 बढ़कर ₹2,36,988 प्रति किलोग्राम के करीब पहुंच गया। चांदी की कीमतों में आई इस तेजी ने बाजार में हलचल बढ़ा दी।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी बढ़े सोने-चांदी के भाव

घरेलू बाजार के साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी कीमती धातुओं में तेजी देखने को मिली। कॉमैक्स पर सोने का भाव बढ़कर करीब $4,499 प्रति औंस तक पहुंच गया। इसी तरह चांदी की कीमत भी बढ़कर $66.06 प्रति औंस के स्तर पर पहुंच गई।

अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में गिरावट से मिला सपोर्ट

सोने और चांदी में इस तेजी के पीछे अमेरिका से जुड़े घटनाक्रम को अहम वजह माना जा रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में बुधवार को तेज गिरावट आई। 30 साल की अमेरिकी बॉन्ड यील्ड करीब 10 बेसिस पॉइंट गिरकर 5.188% तक पहुंच गई। हालांकि बाद में इसमें थोड़ा सुधार हुआ और यह करीब 5.208% पर कारोबार करती नजर आई।

बॉन्ड यील्ड में गिरावट को कीमती धातुओं के लिए सकारात्मक संकेत माना जाता है। ऐसे माहौल में निवेशकों का रुझान अक्सर सोने और चांदी जैसी सुरक्षित संपत्तियों की ओर बढ़ सकता है।

अमेरिकी ट्रेजरी ने लिया बड़ा फैसला

अमेरिकी ट्रेजरी ने लंबी अवधि के बॉन्ड में तरलता को समर्थन देने के लिए बायबैक ऑपरेशन का आकार दोगुना करने की घोषणा की है। यह बदलाव 10 से 20 साल और 20 से 30 साल की अवधि वाले सेक्टर पर लागू होगा। बताया गया है कि यह व्यवस्था 9 सितंबर से 4 नवंबर तक प्रभावी रहेगी।

बाजार अब अमेरिकी फेडरल रिजर्व की बैठक के मिनट्स पर नजर बनाए हुए है। मिनट्स में ब्याज दरों और आगे की मौद्रिक नीति को लेकर संकेत मिलने की उम्मीद है। इसी वजह से सोने-चांदी समेत वैश्विक वित्तीय बाजारों में उतार-चढ़ाव बढ़ा हुआ है।