खाटू श्याम मंदिर में 19 घंटे बंद रहेंगे दर्शन — वजह और पूरी जानकारी

सीकर स्थित खाटू श्याम मंदिर में 18 और 19 फरवरी को विशेष पूजा और फाल्गुनी लक्खी मेला 2026 की तैयारियों के चलते दर्शन 19 घंटे तक बंद रहेंगे। जानें कब खुलेंगे मंदिर के कपाट और क्या है पूरी व्यवस्था।

खाटू श्याम मंदिर में 19 घंटे बंद रहेंगे दर्शन — वजह और पूरी जानकारी

सीकर : हिंदू धर्म के सबसे प्रमुख मंदिरों में से एक माने जाने वाले खाटू श्याम मंदिर में 18 और 19 फरवरी को आम भक्तों के लिए दर्शन व्यवस्था बंद रखने का फैसला लिया गया है। इस सख्त निर्णय का कारण मंदिर में होने वाले विशेष धार्मिक कार्यक्रमों और आगामी फाल्गुनी लक्खी मेले 2026 के तैयारियों से जुड़ा है।

मंदिर कमेटी ने बताया है कि 18 फरवरी की रात से लेकर 19 फरवरी तक मंदिर के पट आम दर्शनों के लिए बंद रहेंगे, ताकि बाबा खाटू श्याम के तिलक, श्रृंगार और विशेष पूजा कार्यक्रम को पूरी शांति और विधिविधान के साथ सम्पन्न किया जा सके। इस दौरान मंदिर के भीतर पुजारियों और मंदिर ट्रस्ट के कर्मियों द्वारा बाबा श्याम की पूजा-अर्चना, श्रृंगार और नियमित धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया जाएगा, जो आम दर्शनार्थियों की भीड़ के साथ संभव नहीं हो पाता।

18 फरवरी (शाम): मंदिर के पट बंद होंगे।

19 फरवरी: पूरी सुबह दर्शन नहीं होंगे।

मंदिर के कपाट 19 फरवरी शाम तक ही खुलेंगे, जिसके बाद श्रद्धालु बाबा के दर्शन के लिए मंदिर आ सकते हैं।

मंदिर कमेटी ने भक्तों से अनुरोध किया है कि वे इसी अनुसूची के अनुसार अपने यात्रा और दर्शन का समय निर्धारित करें, ताकि उन्हें अनावश्यक कठिनाइयों का सामना न करना पड़े।

विशेष रूप से ध्यान देने वाली बात यह है कि लक्खी मेला 2026, 21 फरवरी से 28 फरवरी तक आयोजित होने जा रहा है। यह मेला खाटू श्याम बाबा के आस्था और भक्ति का प्रतीक है, जिसमें लाखों श्रद्धालु देश-विदेश से आते हैं और बाबा के दरबार में अपनी मनोकामनाओं के लिए दीदार करते हैं। प्रशासन और मंदिर कमेटी इस मेले के दौरान विस्तृत व्यवस्था कर रही है ताकि श्रद्धालुओं को सहज और सुरक्षित रूप से दर्शन का अवसर मिल सके।

मंदिर प्रशासन ने भक्तों से निवेदन किया है कि वे 18 और 19 फरवरी को मंदिर आने की योजना न बनाएं, क्योंकि इन दोनों दिनों में दर्शन बंद रहने के कारण उन्हें समय-समय पर वापस लौटना पड़ सकता है। इसके स्थान पर 19 फरवरी की शाम बाद या मेला के शुरू होने के समय दर्शन के लिए आना बेहतर रहेगा।