SMS Hospital में टेक्नीशियन पदों की भारी कमी — भर्तियों की तत्काल मांग, सेवाओं में सुधार की गुहार
जयपुर के एसएमएस अस्पताल में लैब, रेडियोलॉजी और ओटी टेक्नीशियन पदों की भारी कमी सामने आई है। स्टाफ की कमी से जांच और इलाज प्रभावित हो रहा है, भर्तियां जल्द शुरू करने की मांग तेज।
जयपुर : राजस्थान की राजधानी जयपुर के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल Sawai Man Singh (SMS) Hospital में तक्नीशियन पदों की कमी को लेकर स्वास्थ्य कर्मियों और स्थानीय नागरिकों ने सशक्त मांग जताई है कि प्रशासन जल्द से जल्द इन तकनीकी स्टाफ की भर्तियाँ की जाएं ताकि अस्पताल की सेवाओं को बेहतर तरीके से संचालित किया जा सके।
SMS अस्पताल, जिसे राजस्थान का प्रमुख सार्वजनिक स्वास्थ्य केंद्र माना जाता है, हर साल लाखों मरीजों को चिकित्सीय सेवाएँ प्रदान करता है और यह चिकित्सा शिक्षा तथा प्रशिक्षण का भी बड़ा केन्द्र है।
अस्पताल में लैब तकनीशियन, रेडियोलॉजी तथा OT (ऑपरेशन थिएटर) टेक्नीशियन की संख्या बहुत कम होने के चलते मरीजों के निदान और उपचार प्रक्रियाओं में देरी का सामना करना पड़ रहा है। मरीजों और उनके परिजनों का कहना है कि बिना पर्याप्त तकनीकी कर्मचारियों के जांच रिपोर्ट, इमेजिंग (X-ray/CT/MRI) और ट्रीटमेंट को समय पर पूरा करना कठिन हो रहा है। इससे अस्पताल के OPD और IPD दोनों सेवाओं पर दबाव बढ़ता जा रहा है।
सरकारी स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार तकनीशियन स्टाफ की कमी अकेले जयपुर ही नहीं, राजस्थान के कई सरकारी अस्पतालों में व्यापक समस्या बनी हुई है — उदाहरण के लिए राज्य के स्वास्थ्य मैनेजमेंट रिपोर्ट में लैब तकनीशियनों के पदों में व्यापक रिक्तता दर्ज की गई थी।
अस्पताल में इलाज करा रहे मरीजों का कहना है कि तकनीशियन स्टाफ की कमी के कारण जांच और रिपोर्टिंग में देरी होती है, जिससे मरीजों की प्रतीक्षा अवधि बढ़ जाती है। कुछ मरीजों ने शिकायत की है कि वे सादा ब्लड टेस्ट या इमेजिंग रिपोर्ट के लिए भी कई घंटे इंतज़ार करते हैं, जिससे उनका इलाज भी देर से शुरू होता है।
तकनीकी कर्मचारियों के प्रतिनिधियों का कहना है कि वर्षो से इन पदों पर नियुक्तियाँ नहीं हुई हैं और आज कुछ विभाग तो सिर्फ 40-50% स्टाफ के साथ काम कर रहे हैं।
इस कमी का असर न केवल रोज़मर्रा की सेवाओं पर पड़ा है बल्कि आपात स्थिति और जटिल मेडिकल प्रक्रियाओं पर भी देखी जा रही है। उदाहरण के लिए:
OPD में मरीजों की भीड़ को संभालने में कठिनाई
चिकित्सीय उपकरणों का संचालन और रिपोर्ट उपलब्ध कराने में देरी।
आपातकालीन चिकित्सा तथा ऑपरेशन थिएटर में तकनीकी सहायता की कमी। स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारियों से मांग की जा रही है कि वे जल्द भर्तियों की प्रक्रिया शुरू करें, रिक्त तकनीशियन पदों को भरे और अस्पताल के संसाधनों को मजबूत करें। भर्तियों में लैब तकनीशियन, रेडियोलॉजी तकनीशियन, ICU/OT तकनीशियन, कार्डियक टेक्नीशियन आदि शामिल होने की बात कही जा रही है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि तकनीकी स्टाफ की कमी दूर होने पर अस्पताल में OPD, निदान और आपात सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा और मरीजों की प्रतीक्षा समय घटेगा।
Saloni Kushwaha 
