आर्थिक मामलों पर कैबिनेट समिति के बड़े फैसले: देशभर में सड़क, सुरंग और रेल परियोजनाओं को मंजूरी

केंद्र सरकार की आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति (CCEA) ने देशभर में सड़क, आर्थिक गलियारा, अंडरवॉटर सुरंग और रेलवे मल्टीट्रैकिंग से जुड़ी कई बड़ी परियोजनाओं को मंजूरी दी है। महाराष्ट्र में NH-160A, गुजरात में NH-56 और तेलंगाना में NH-167 के उन्नयन के साथ-साथ असम में ब्रह्मपुत्र नदी के नीचे सड़क-रेल सुरंग को हरी झंडी मिली है। इसके अलावा भारतीय रेलवे के नेटवर्क विस्तार की भी स्वीकृति दी गई है, जिससे कई राज्यों में कनेक्टिविटी और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।

आर्थिक मामलों पर कैबिनेट समिति के बड़े फैसले: देशभर में सड़क, सुरंग और रेल परियोजनाओं को मंजूरी

नई दिल्ली : केंद्र सरकार की आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति ने देश के विभिन्न राज्यों में सड़क, आर्थिक गलियारा, अंडरवॉटर सुरंग और रेलवे मल्टीट्रैकिंग परियोजनाओं से जुड़े कई बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रस्तावों को मंजूरी दी है। इन फैसलों का उद्देश्य परिवहन नेटवर्क को मजबूत करना, यात्रा समय कम करना और आर्थिक गतिविधियों को गति देना है।

महाराष्ट्र में NH-160A सड़क उन्नयन को मंजूरी

समिति ने NH-160A के घोटी–त्रिंबक–जव्हर–मनोर–पालघर खंड के पुनर्वास और उन्नयन को मंजूरी दी है। इस सड़क को 2 लेन से 4 लेन में विकसित किया जाएगा और पक्की शोल्डर सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। करीब 154.63 किलोमीटर लंबी इस परियोजना पर लगभग 3320.38 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

गुजरात में NH-56 परियोजना को मिली हरी झंडी

गुजरात में NH-56 के धमासिया–बिटाडा/मोवी और नासरपुर–मालोथा खंड को 4 लेन में अपग्रेड करने के प्रस्ताव को मंजूरी मिली है। इस परियोजना की अनुमानित लागत 4583.64 करोड़ रुपये बताई गई है, जिससे राज्य के औद्योगिक और व्यापारिक क्षेत्रों को बेहतर सड़क संपर्क मिलेगा।

तेलंगाना में आर्थिक गलियारे का विस्तार स्वीकृत 

तेलंगाना में हैदराबाद से पणजी तक प्रस्तावित आर्थिक गलियारे के तहत गुडेबेलूर से महबूबनगर तक NH-167 को 4 लेन में बदला जाएगा। लगभग 80 किलोमीटर लंबी इस सड़क परियोजना पर 3175.08 करोड़ रुपये खर्च होंगे।

असम में ब्रह्मपुत्र के नीचे बनेगी सड़क-रेल सुरंग

समिति ने ब्रह्मपुत्र नदी के नीचे दो लेन वाली ट्विन ट्यूब अंडरवॉटर सुरंग परियोजना को भी मंजूरी दी है। इस परियोजना में एक ट्यूब सड़क यातायात के लिए और दूसरी रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए उपयोग होगी। करीब 33.7 किलोमीटर लंबी इस परियोजना की लागत 18,662 करोड़ रुपये आंकी गई है, जिसमें 15.79 किमी लंबी सड़क-सह-रेल सुरंग शामिल होगी।

4 राज्यों में रेलवे नेटवर्क का विस्तार

समिति ने भारतीय रेलवे के लिए तीन मल्टीट्रैकिंग परियोजनाओं को भी मंजूरी दी है, जिनसे रेल नेटवर्क लगभग 389 किलोमीटर तक विस्तारित होगा।
इन परियोजनाओं से दिल्ली, हरियाणा, महाराष्ट्र और कर्नाटक के कुल 12 जिलों को लाभ मिलेगा।

इससे फायदा क्या होगा ?

विशेषज्ञों के अनुसार इन परियोजनाओं से :

माल और यात्री परिवहन तेज होगा,

लॉजिस्टिक्स लागत घटेगी,

औद्योगिक और कृषि क्षेत्रों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी,

और क्षेत्रीय विकास को नई गति मिलेगी।

सरकार का मानना है कि ये परियोजनाएँ देश की आर्थिक वृद्धि, रोजगार सृजन और बुनियादी ढांचे के आधुनिकीकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।