जालौर में पंचायत घोटाले की गूंज: फर्जी मस्टरोल से लाखों की निकासी, बाल श्रम के आरोप

जसवंतपुरा पंचायत समिति की कई ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों में अनियमितताओं की शिकायत, कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी

जालौर में पंचायत घोटाले की गूंज: फर्जी मस्टरोल से लाखों की निकासी, बाल श्रम के आरोप

जालौर जिले की जसवंतपुरा पंचायत समिति इन दिनों कथित वित्तीय गड़बड़ियों को लेकर सुर्खियों में है। खेरड़, कलापुरा, चांदूर, थूर और तातोल ग्राम पंचायतों में वर्ष 2022-23 से 2024-25 के बीच हुए विकास कार्यों में बड़े स्तर पर अनियमितताओं के आरोप लगे हैं।

शिकायत के मुताबिक, तत्कालीन ग्राम विकास अधिकारियों, सरपंचों और तकनीकी कर्मचारियों की मिलीभगत से फर्जी मस्टरोल तैयार किए गए। इन दस्तावेजों के आधार पर बिना काम के ही सरकारी धन निकाले जाने का आरोप है।

बाल श्रम के नाम पर भुगतान का आरोप

मामले में सबसे गंभीर आरोप यह सामने आया है कि मस्टरोल में ठेकेदारों के परिजनों के साथ-साथ नाबालिगों के नाम दर्ज कर भुगतान दिखाया गया। यदि जांच में यह सही पाया जाता है तो यह मामला वित्तीय अनियमितता के साथ-साथ बाल श्रम कानून के उल्लंघन से भी जुड़ सकता है।

लगातार शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं

शिकायतकर्ता का कहना है कि वह पिछले एक साल से जिला कलेक्टर, एसीबी और पंचायती राज विभाग तक कई स्तरों पर शिकायत कर चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। आरोप है कि जांच प्रक्रिया भी निष्पक्ष नहीं रही और रिपोर्ट पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

रिकवरी हुई, फिर भी सख्ती नहीं

जानकारी के अनुसार, जिले की एक अन्य पंचायत में इसी तरह के मामले में 77 हजार से अधिक की राशि रिकवर की जा चुकी है। इसके बावजूद जसवंतपुरा क्षेत्र में अब तक कोई कड़ी कार्रवाई नहीं होना प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर रहा है।

अधिकारियों की सफाई

वहीं, संबंधित अधिकारियों का कहना है कि कुछ मामलों में बैंक अकाउंट में तकनीकी गड़बड़ी के कारण राशि गलत खातों में चली गई थी। बाद में करीब 1.32 लाख रुपये वापस जमा करा दिए गए हैं।

आंदोलन की चेतावनी

शिकायतकर्ता ने साफ कहा है कि यदि निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई नहीं की गई, तो वह जिला कलेक्टर कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन करेंगे और मामले को बड़े स्तर पर उठाएंगे।