Rajasthan Rain Alert: हाड़ौती में आसमान से आफत! 12 इंच तक बारिश, कालीसिंध-छापी बांध के गेट खुले; 23 जिलों में अलर्ट

Rajasthan Rain Alert: कोटा, बारां, बूंदी और झालावाड़ में 12 इंच तक बारिश हुई। कालीसिंध और छापी बांध के गेट खोले गए हैं। राजस्थान के 6 जिलों में ऑरेंज और 17 जिलों में यलो अलर्ट जारी है।

Rajasthan Rain Alert: हाड़ौती में आसमान से आफत! 12 इंच तक बारिश, कालीसिंध-छापी बांध के गेट खुले; 23 जिलों में अलर्ट

राजस्थान में मानसून एक बार फिर पूरी ताकत के साथ सक्रिय हो गया है। प्रदेश के कई हिस्सों में लगातार बारिश के बीच हाड़ौती क्षेत्र में हालात ज्यादा गंभीर बने हुए हैं। पिछले 24 घंटे के दौरान कोटा, बारां, बूंदी और झालावाड़ में कहीं-कहीं 12 इंच तक बारिश दर्ज की गई है। भारी बारिश और बांधों में तेजी से बढ़ते जलस्तर के कारण निचले इलाकों में पानी भरने और बाढ़ जैसे हालात बनने का खतरा बढ़ गया है।

प्रदेश में बारिश का दौर फिलहाल थमने के संकेत नहीं हैं। मौसम विभाग ने 6 जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट और 17 जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी किया है। यानी राजस्थान के कुल 23 जिले मौसम की चेतावनी के दायरे में हैं।

मध्य प्रदेश और आसपास सक्रिय लो-प्रेशर एरिया तथा मानसून ट्रफ के प्रभाव से राजस्थान में बारिश की गतिविधियां बनी हुई हैं।

राजस्थान में हाड़ौती सबसे ज्यादा प्रभावित

इस मानसूनी सिस्टम का सबसे ज्यादा असर राजस्थान के हाड़ौती क्षेत्र में देखने को मिल रहा है। कोटा संभाग के कोटा, बारां, बूंदी और झालावाड़ में पिछले 24 घंटे के दौरान कई स्थानों पर मूसलाधार बारिश हुई।

कुछ इलाकों में बारिश का आंकड़ा 12 इंच तक पहुंच गया। लगातार पानी गिरने के कारण निचली बस्तियों, ग्रामीण क्षेत्रों और नदी-नालों के आसपास जलभराव की स्थिति बनी हुई है।

हाड़ौती में भारी बारिश इसलिए भी चिंता बढ़ा रही है क्योंकि मध्य प्रदेश में हो रही तेज बारिश का पानी भी इस क्षेत्र की नदियों और बांधों तक पहुंचता है।

कालीसिंध और छापी बांध के गेट खोले

भारी बारिश के बाद हाड़ौती क्षेत्र के प्रमुख जलाशयों में पानी की आवक तेजी से बढ़ी है। जलस्तर नियंत्रित करने के लिए कालीसिंध और छापी बांध के गेट खोलकर पानी की निकासी की जा रही है।

बांधों से पानी छोड़े जाने के कारण डाउनस्ट्रीम और निचले इलाकों में अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है। नदी किनारे रहने वाले लोगों के लिए भी आने वाले घंटों का मौसम महत्वपूर्ण रहेगा।

बारिश जारी रहने और बांधों में पानी की आवक बढ़ने की स्थिति में निचले इलाकों में जलस्तर और बढ़ सकता है।

राजस्थान के 23 जिलों में बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग ने राजस्थान में भारी बारिश की संभावना को देखते हुए कई जिलों के लिए चेतावनी जारी की है।

प्रदेश के 6 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जबकि 17 जिलों को यलो अलर्ट पर रखा गया है।

ऑरेंज अलर्ट वाले क्षेत्रों में तेज से बहुत तेज बारिश होने की स्थिति बन सकती है। वहीं यलो अलर्ट वाले जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश और कुछ स्थानों पर तेज बारिश की संभावना बनी हुई है।

ऐसे में नदी-नालों, अंडरपास और जलभराव वाले रास्तों से गुजरते समय विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।

राजस्थान में क्यों हो रही इतनी तेज बारिश?

राजस्थान में मौजूदा बारिश के पीछे एक साथ सक्रिय मौसम प्रणालियों की अहम भूमिका है।

उत्तर-पश्चिमी मध्य प्रदेश और आसपास के क्षेत्र में लो-प्रेशर एरिया सक्रिय है। इस सिस्टम के प्रभाव से मध्य प्रदेश के साथ राजस्थान के कई हिस्सों में लगातार नमी पहुंच रही है और मानसूनी बादल सक्रिय बने हुए हैं।

इसके साथ ही मानसून ट्रफ भी उत्तर-पश्चिमी मध्य प्रदेश में बने लो-प्रेशर एरिया के केंद्र से होकर गुजर रही है।

यही वजह है कि राजस्थान और मध्य प्रदेश में कई स्थानों पर भारी बारिश का दौर बना हुआ है।

बंगाल की खाड़ी में बन रहा दूसरा सिस्टम बढ़ा सकता है बारिश

मौजूदा सिस्टम के अलावा उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी में भी एक नया मौसमी सिस्टम सक्रिय है। इसके प्रभाव से 12 अगस्त के आसपास नया लो-प्रेशर एरिया बनने की संभावना है।

यह सिस्टम आगे बढ़ता है तो पूर्वी और मध्य भारत के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां और बढ़ सकती हैं।

राजस्थान के लिए भी आगे इस सिस्टम की दिशा और मानसून ट्रफ की स्थिति महत्वपूर्ण होगी। फिलहाल प्रदेश में मानसून सक्रिय रहने के कारण बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है।

मध्य प्रदेश में भोपाल बेहाल, 24 घंटे में 7 इंच से ज्यादा बारिश

राजस्थान के पड़ोसी मध्य प्रदेश में भी बारिश ने जनजीवन बुरी तरह प्रभावित किया है। राजधानी भोपाल में लगातार दूसरे दिन बारिश का दौर जारी रहा।

भोपाल में 24 घंटे के दौरान **7 इंच से ज्यादा बारिश** दर्ज की गई। भारी जलभराव के चलते शहर के एक हजार से ज्यादा घरों के आसपास कई फीट तक पानी जमा होने की स्थिति बनी।

हालात को देखते हुए स्कूलों में दो दिन की छुट्टी किए जाने की जानकारी भी सामने आई है।

मध्य प्रदेश में हो रही बारिश राजस्थान के लिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि सीमावर्ती क्षेत्रों और नदी बेसिन में इसका असर पानी की आवक पर पड़ सकता है।

यूपी में उफान पर नदियां, 25 मकान गंगा में समाए

उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के पहाड़ी इलाकों में लगातार हो रही बारिश का असर उत्तर प्रदेश में दिखाई दे रहा है। गंगा और यमुना समेत कई नदियों का जलस्तर बढ़ा हुआ है।

फर्रुखाबाद और बिजनौर में कुछ स्थानों पर गंगा का पानी सड़कों तक पहुंच गया है। करीब 40 गांवों के बाढ़ से प्रभावित होने की स्थिति बताई गई है।

फर्रुखाबाद में नदी के कटाव और बढ़ते जलस्तर के कारण 25 मकान गंगा में समाने की जानकारी सामने आई है।

6 राज्यों में मानसून का जोर

राजस्थान के अलावा मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और छत्तीसगढ़ में भी मानसून सक्रिय बना हुआ है।

पहाड़ी राज्यों में भारी बारिश के कारण भूस्खलन, नदी-नालों के उफान और सड़क संपर्क प्रभावित होने का खतरा बना रहता है। वहीं मैदानी राज्यों में नदियों का बढ़ता जलस्तर और शहरी जलभराव परेशानी बढ़ा रहा है।

राजस्थान के लिए अगले कुछ दिन अहम

राजस्थान के लिहाज से आने वाले कुछ दिन महत्वपूर्ण रहने वाले हैं। हाड़ौती में पहले ही भारी बारिश हो चुकी है और बांधों से पानी की निकासी की जा रही है। ऐसे में यदि ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में तेज बारिश जारी रहती है तो नदियों और जलाशयों में पानी की आवक और बढ़ सकती है।

मौसम प्रणालियों के सक्रिय रहने के कारण प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का दौर बने रहने की संभावना है। लोगों को मौसम संबंधी चेतावनियों पर नजर रखने और तेज बारिश के दौरान नदी, नाले तथा जलभराव वाले रास्तों से दूरी बनाए रखने की सलाह है।