भारत-पाक सीमा पर ड्रोन से गिराए हथियार और 7.5 किलो RDX, दो युवक गिरफ्तार; आतंकी साजिश की जांच तेज
राजस्थान के श्रीगंगानगर में भारत-पाक सीमा के पास 7.5 किलो RDX, पिस्टल और कारतूस बरामद हुए। दो युवकों की गिरफ्तारी के बाद सुरक्षा एजेंसियां किस नेटवर्क की जांच कर रही हैं? जानें पूरी खबर।
राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले में भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास हथियार और विस्फोटक मिलने से सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गई हैं। रावला क्षेत्र में एक खेत से दो पिस्टल, बड़ी संख्या में कारतूस और करीब 7.5 किलो RDX बरामद किया गया है। मामले में पंजाब के दो युवकों को गिरफ्तार किया गया है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि विस्फोटक और हथियार किसने भेजे और इनके पीछे किसका नेटवर्क काम कर रहा था।
श्रीगंगानगर के खेत में मिले तीन संदिग्ध पैकेट
यह मामला श्रीगंगानगर के रावला क्षेत्र के चक 4 केएनएम का है। जानकारी के अनुसार, भारत-पाक सीमा के पास खानुवाली पोस्ट से लगभग एक किलोमीटर दूर एक खेत में संदिग्ध सामग्री मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने संयुक्त कार्रवाई की।
मौके पर एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF), सीमा सुरक्षा बल (BSF), सीआईडी और पुलिस की टीमें पहुंचीं। जांच के दौरान तीन पैकेट मिले। इनमें से दो में हथियार और कारतूस, जबकि तीसरे में विस्फोटक होने की पुष्टि हुई।
दो पिस्टल, 867 कारतूस और RDX बरामद
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, मौके से दो जिगाना पिस्टल, चार मैगजीन और करीब 867 कारतूस बरामद किए गए हैं। तीसरे पैकेट में लगभग साढ़े सात किलो RDX होने की पुष्टि हुई। दोनों पिस्टल पर ‘मेड इन टर्की’ लिखा होने की बात भी सामने आई है।
विस्फोटक को निष्क्रिय करने के लिए बम निरोधक दस्ते को बुलाया गया। इसके अलावा चार जोड़ी बैटरी और रिमोट जैसी दो डिवाइस मिलने की जानकारी भी दी गई है। इन उपकरणों की वास्तविक भूमिका जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
पंजाब के दो युवक गिरफ्तार, रेकी करने का संदेह
इस मामले में पंजाब निवासी 19 वर्षीय लखविंदर सिंह और सुखविंदर सिंह को गिरफ्तार किया गया है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, दोनों मजदूरी करने के बहाने क्षेत्र में आए थे और पिछले तीन दिनों से इलाके में घूम रहे थे। जांच एजेंसियों को संदेह है कि वे किसी गतिविधि की रेकी कर रहे थे।
प्रारंभिक अनुमान है कि ड्रोन के जरिए संदिग्ध पैकेट रात करीब 12 से 2 बजे के बीच गिराए गए होंगे। एएनटीएफ को इसकी सूचना सुबह लगभग तीन बजे मिली थी। हालांकि, ड्रोन की गतिविधि और बरामद सामग्री के पूरे नेटवर्क को लेकर जांच जारी है।
पंजाब के ग्रेनेड हमले से भी जुड़ रहा एक आरोपी का नाम
रिपोर्ट के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी सुखविंदर सिंह का नाम पंजाब के बटाला में पुलिस चौकी पर हुए ग्रेनेड हमले के मामले में भी सामने आया था। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, इस मामले में उसकी तलाश की जा रही थी।
अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि श्रीगंगानगर में हथियार और विस्फोटक पहुंचाने की घटना का पंजाब में हुए हमले से कोई संबंध है या नहीं। किसी भी संभावित कनेक्शन की पुष्टि जांच के निष्कर्षों के बाद ही हो सकेगी।
हनुमानगढ़ में पहले भी सामने आया था विस्फोटक पहुंचाने का मामला
राजस्थान में इससे पहले हनुमानगढ़ में आईईडी पहुंचाने की साजिश का मामला सामने आने की जानकारी भी रिपोर्ट में दी गई है। उस मामले में अंबाला में विस्फोटक के साथ पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ के दौरान राजस्थान में धमाके की कथित योजना का खुलासा होने की बात कही गई थी।
जांच में पाकिस्तानी आतंकी शहजाद भट्टी का नाम भी सामने आने का दावा किया गया था। हालांकि, श्रीगंगानगर में बरामद RDX और हथियारों के मामले का उस घटना से सीधा संबंध अभी स्थापित नहीं हुआ है।
सुरक्षा एजेंसियां किसकी तलाश में जुटीं?
एएनटीएफ के आईजी विकास कुमार के मुताबिक, मामले के पीछे कौन है और इसका उद्देश्य क्या था, यह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा। फिलहाल सुरक्षा एजेंसियां गिरफ्तार युवकों के संपर्कों, हथियारों के स्रोत और संभावित नेटवर्क की पड़ताल कर रही हैं।
सीमा क्षेत्र में इतनी बड़ी मात्रा में हथियार और विस्फोटक मिलने के बाद जांच का दायरा बढ़ाया गया है। अब सबसे अहम सवाल यही है कि यह सामग्री किसके लिए भेजी गई थी और इसके पीछे कौन लोग शामिल हैं।

