Amarnath Yatra 2026: 2 जुलाई को रवाना होगा पहला जत्था, भगवती नगर बेस कैंप हाई अलर्ट पर; RFID कार्ड और अभेद्य सुरक्षा व्यवस्था लागू
3 जुलाई से शुरू होने वाली अमरनाथ यात्रा से पहले जम्मू के भगवती नगर बेस कैंप को अभेद्य सुरक्षा घेरे में बदल दिया गया है। CCTV, RFID कार्ड, K-9 डॉग स्क्वॉड और बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था के साथ श्रद्धालुओं के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं।
3 जुलाई से शुरू होने वाली पवित्र अमरनाथ यात्रा से पहले जम्मू में सुरक्षा व्यवस्था को पूरी तरह अभेद्य बना दिया गया है। 2 जुलाई को जम्मू के भगवती नगर यात्री निवास से श्रद्धालुओं का पहला जत्था बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए रवाना होगा। यात्रा से पहले पूरे बेस कैंप को सील कर दिया गया है और सीआरपीएफ, जम्मू-कश्मीर पुलिस समेत सभी सुरक्षा एजेंसियां 24 घंटे निगरानी में जुटी हुई हैं।
भगवती नगर बेस कैंप पूरी तरह सील
अमरनाथ यात्रा को देखते हुए भगवती नगर यात्री निवास को आम लोगों के लिए पूरी तरह बंद कर दिया गया है। यात्रा की सुरक्षा की जिम्मेदारी सीआरपीएफ की 24वीं बटालियन को सौंपी गई है। बेस कैंप में बुलेटप्रूफ बंकर बनाए गए हैं और आधुनिक हथियारों से लैस जवान हर समय तैनात हैं।
CCTV और डॉग स्क्वॉड से होगी निगरानी
पूरे बेस कैंप में हाई-रिजॉल्यूशन सीसीटीवी कैमरों का जाल बिछाया गया है, जिससे हर गतिविधि पर लगातार नजर रखी जा सके। इसके साथ ही विस्फोटक और संदिग्ध वस्तुओं की जांच के लिए सीआरपीएफ की K-9 डॉग स्क्वॉड भी लगातार गश्त कर रही है।
हर श्रद्धालु की होगी कड़ी जांच
जम्मू-कश्मीर पुलिस की स्पेशल सिक्योरिटी विंग ने बेस कैंप के सभी प्रवेश और निकास द्वार अपने नियंत्रण में ले लिए हैं। कैंप में आने वाले हर वाहन की तलाशी ली जा रही है। वहीं प्रत्येक श्रद्धालु को फ्रिस्किंग, डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर और अन्य सुरक्षा जांच से गुजरने के बाद ही प्रवेश दिया जा रहा है।
RFID कार्ड से होगी श्रद्धालुओं की ट्रैकिंग
इस बार यात्रा में शामिल होने वाले सभी पंजीकृत श्रद्धालुओं को RFID (रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन) कार्ड दिए जाएंगे। इन कार्डों के जरिए यात्रियों की लोकेशन और आवाजाही पर नजर रखी जाएगी, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत मदद पहुंचाई जा सके। RFID कार्ड बनाने के लिए जम्मू शहर के कई स्थानों पर ऑफलाइन काउंटर भी स्थापित किए गए हैं।
ट्रैवल कारोबारियों की भी QR कोड से पहचान
यात्रा शुरू होने से पहले जम्मू-कश्मीर पुलिस ने ट्रैवल कारोबार और तीर्थयात्रा से जुड़े सभी लोगों की पहचान सुनिश्चित करने के लिए क्यूआर कोड आधारित सत्यापन व्यवस्था भी लागू कर दी है। इसका उद्देश्य यात्रा के दौरान सुरक्षा को और मजबूत बनाना है।
श्रद्धालुओं के लिए किए गए विशेष इंतजाम
प्रशासन ने यात्रियों की सुविधा के लिए बेस कैंप में पेयजल, चिकित्सा सेवाएं, शेड, विश्राम स्थल और अन्य जरूरी सुविधाओं की व्यवस्था की है। सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि अमरनाथ यात्रा को सुरक्षित, शांतिपूर्ण और सुचारु रूप से संपन्न कराने के लिए बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है और किसी भी संभावित खतरे से निपटने के लिए सभी एजेंसियां पूरी तरह सतर्क

