OBC Survey Report: OBC रिपोर्ट को लेकर डोटासरा का बड़ा हमला, बोले- ‘मंत्री-अफसरों को पता नहीं तो मीडिया तक कैसे पहुंची?’
OBC Survey Report पर गोविंद सिंह डोटासरा ने राजस्थान सरकार पर सवाल उठाए। बोले- मंत्री और अधिकारियों को रिपोर्ट की जानकारी नहीं तो आंकड़े मीडिया तक कैसे पहुंचे?
राजस्थान में OBC सर्वे रिपोर्ट को लेकर सियासी घमासान तेज होता नजर आ रहा है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कथित OBC सर्वे रिपोर्ट के सामने आने को लेकर भजनलाल सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब सरकार के मंत्री और अधिकारी ही रिपोर्ट के बारे में जानकारी होने से इनकार कर रहे हैं, तो फिर इसके आंकड़े मीडिया तक कैसे पहुंच गए?
डोटासरा ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि राजस्थान में पहले NEET पेपर लीक का मामला सामने आया और अब OBC रिपोर्ट के लीक होने की बात सामने आ रही है। उन्होंने तंज कसते हुए बीजेपी सरकार को ही ‘लीक’ करार दिया।
‘मंत्री-अफसरों को जानकारी नहीं तो रिपोर्ट बाहर कैसे आई?’
गोविंद सिंह डोटासरा ने अपने पोस्ट में OBC सर्वे रिपोर्ट को लेकर सरकार से सीधा सवाल किया। उनका कहना है कि यदि रिपोर्ट आधिकारिक रूप से सार्वजनिक नहीं की गई है और संबंधित मंत्री या अधिकारियों को भी इसकी जानकारी नहीं है, तो इसके आंकड़े मीडिया में कैसे पहुंच गए?
कांग्रेस नेता ने इसी सवाल के जरिए सरकार की कार्यप्रणाली और रिपोर्ट की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने सरकार से यह स्पष्ट करने की मांग की कि कथित रिपोर्ट और उसमें बताए जा रहे आंकड़े किस स्रोत से सामने आए।
‘भाजपा सरकार पूरी तरह लीक है’
डोटासरा ने अपने बयान में राजस्थान में हुए NEET पेपर लीक के मुद्दे को भी जोड़ा। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले NEET पेपर लीक हुआ और अब OBC सर्वे रिपोर्ट के आंकड़े सामने आ रहे हैं।
इसी क्रम में उन्होंने बीजेपी सरकार पर कटाक्ष करते हुए कहा कि ‘भाजपा सरकार पूरी तरह लीक है।’
कांग्रेस नेता का यह बयान ऐसे समय आया है जब OBC सर्वे के कथित आंकड़ों को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हैं।
जातिवार आंकड़ों को लेकर भी उठाए सवाल
डोटासरा ने OBC सर्वे के सामने आ रहे आंकड़ों के आधार पर जातियों के बीच तुलना किए जाने को लेकर भी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि जातियों के आंकड़ों के नाम पर समाज के अलग-अलग वर्गों के बीच तुलना कराना सामाजिक रूप से उचित नहीं है।
उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह की राजनीति के जरिए समाज में विभाजन पैदा करने की कोशिश की जा रही है। डोटासरा ने कहा कि राजस्थान की जनता ऐसी राजनीति को स्वीकार नहीं करेगी।
आरक्षण को लेकर कांग्रेस ने सरकार को चेताया
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने OBC के साथ-साथ SC, ST, EWS और MBC वर्गों के आरक्षण और संवैधानिक अधिकारों को लेकर भी सरकार को चेतावनी दी।
डोटासरा ने कहा कि यदि किसी भी वर्ग के आरक्षण या संवैधानिक अधिकारों से छेड़छाड़ की गई, तो कांग्रेस इसका विरोध करेगी। उन्होंने कहा कि आरक्षण के मुद्दे की आड़ में अलग-अलग जातियों को आपस में लड़ाने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
OBC सर्वे का उद्देश्य क्या था?
डोटासरा ने OBC सर्वे के मूल उद्देश्य को लेकर भी सवाल उठाया। उनके अनुसार, इस सर्वे का उद्देश्य राज्य में OBC वर्ग के राजनीतिक प्रतिनिधित्व की वास्तविक स्थिति का आकलन करना था।
लेकिन डोटासरा का दावा है कि अब जो आंकड़े सामने आ रहे हैं, उनमें जातिवार सरकारी नौकरियों की संख्या जैसी जानकारियां भी बताई जा रही हैं। इसी आधार पर उन्होंने सरकार से पूछा कि यदि जातियों के स्तर पर इतना विस्तृत डेटा पहले से जुटाया जा रहा है, तो फिर केंद्र सरकार की प्रस्तावित जातिगत जनगणना की आवश्यकता क्यों होगी?
रिपोर्ट को लेकर सरकार से मांगा स्पष्टीकरण
कांग्रेस नेता के बयान के बाद OBC सर्वे रिपोर्ट को लेकर राजनीतिक बहस और तेज होने की संभावना है। डोटासरा ने सरकार से कथित रिपोर्ट के स्रोत, आंकड़ों की प्रामाणिकता और इन्हें मीडिया तक पहुंचने को लेकर स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है।
अब नजर इस बात पर रहेगी कि राजस्थान सरकार और बीजेपी की ओर से डोटासरा के इन आरोपों पर क्या प्रतिक्रिया सामने आती है और OBC सर्वे से जुड़े आंकड़ों को लेकर सरकार आधिकारिक तौर पर क्या स्थिति स्पष्ट करती है।

