Rajasthan Cabinet Meeting: 13 अगस्त को भजनलाल कैबिनेट की बड़ी बैठक, UCC समेत इन मुद्दों पर हो सकता है बड़ा फैसला

Rajasthan Cabinet Meeting: CM भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में 13 अगस्त को CMO जयपुर में कैबिनेट बैठक होगी। UCC ड्राफ्ट, सरकारी भर्ती नियमों में छूट, मानसून और विधानसभा सत्र पर चर्चा संभव।

Rajasthan Cabinet Meeting: 13 अगस्त को भजनलाल कैबिनेट की बड़ी बैठक, UCC समेत इन मुद्दों पर हो सकता है बड़ा फैसला
Cm Bhajanlal Sharma

राजस्थान की राजनीति और प्रशासनिक फैसलों के लिहाज से 13 अगस्त का दिन अहम रहने वाला है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में बुधवार, 13 अगस्त 2026 को दोपहर 12 बजे मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO), जयपुर में कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक प्रस्तावित है। बैठक में कई नीतिगत और प्रशासनिक मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। इनमें सबसे ज्यादा चर्चा समान नागरिक संहिता यानी UCC के प्रस्तावित बिल के ड्राफ्ट को लेकर है।

इसके अलावा सरकारी भर्तियों से जुड़े नियमों में संभावित राहत, युवाओं से जुड़े फैसले, मानसून और आपदा प्रबंधन की स्थिति तथा विधानसभा के आगामी सत्र की तैयारियों पर भी कैबिनेट में मंथन हो सकता है।

UCC के ड्राफ्ट पर कैबिनेट की नजर

राजस्थान में समान नागरिक संहिता यानी Uniform Civil Code को लेकर सरकार की गतिविधियां लगातार चर्चा में हैं। अब 13 अगस्त की कैबिनेट बैठक में UCC के तैयार किए गए कानूनी प्रारूप पर चर्चा होने की संभावना जताई जा रही है।

बताया जा रहा है कि इससे पहले 7 अगस्त को हुई कैबिनेट बैठक तक UCC का पूरा कानूनी ड्राफ्ट तैयार नहीं हो पाया था। अब प्रारूप तैयार होने के बाद इसे मुख्यमंत्री के समक्ष पेश किए जाने की बात सामने आ रही है।

ऐसे में बुधवार को होने वाली कैबिनेट बैठक में इस ड्राफ्ट के विभिन्न कानूनी और प्रशासनिक पहलुओं पर चर्चा हो सकती है। यदि कैबिनेट से इसे मंजूरी मिलती है तो आगे की विधायी प्रक्रिया का रास्ता खुल सकता है। हालांकि, अंतिम निर्णय बैठक में होने वाली चर्चा और सरकार के आधिकारिक फैसले के बाद ही स्पष्ट होगा।

युवाओं को सरकारी भर्तियों में राहत की उम्मीद

कैबिनेट बैठक में युवाओं और सरकारी भर्ती प्रक्रिया से जुड़ा मुद्दा भी महत्वपूर्ण हो सकता है। राजस्थान लोक सेवा आयोग यानी RPSC की ओर से सरकारी नौकरी के अनुभव और संबंधित नियमों में दो साल की छूट से जुड़े प्रस्ताव पर प्रशासनिक मंजूरी दिए जाने की संभावना है।

यदि प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है तो इसका असर आगामी प्रदेश स्तरीय सरकारी भर्तियों में देखने को मिल सकता है। इससे पात्रता से जुड़े नियमों में राहत मिलने की उम्मीद कर रहे अभ्यर्थियों को फायदा हो सकता है।

युवाओं से जुड़े इस मुद्दे पर कैबिनेट का फैसला इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि राजस्थान में विभिन्न विभागों में भर्ती प्रक्रियाओं को लेकर बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों की नजर सरकार के फैसलों पर रहती है।

मानसून और भारी बारिश पर भी हो सकती है समीक्षा

राजस्थान में मानसून की सक्रियता के बीच बारिश और उससे पैदा हुई परिस्थितियां भी सरकार के लिए अहम मुद्दा हैं। ऐसे में कैबिनेट बैठक में प्रदेश के विभिन्न जिलों में जलभराव, क्षतिग्रस्त सड़कों, बिजली और पेयजल व्यवस्था समेत आपदा प्रबंधन से जुड़े मुद्दों पर चर्चा संभव है।

भारी बारिश से प्रभावित इलाकों में प्रशासन की तैयारियों और राहत-बचाव व्यवस्था की समीक्षा को लेकर भी सरकार आवश्यक दिशा-निर्देश दे सकती है।

खास तौर पर सड़क और सार्वजनिक infrastructure को हुए नुकसान की स्थिति तथा उनकी मरम्मत को लेकर संबंधित विभागों की तैयारियों पर भी नजर रह सकती है।

विधानसभा के आगामी सत्र को लेकर भी मंथन

कैबिनेट बैठक में विधानसभा के आगामी सत्र की तैयारियों पर भी चर्चा होने की संभावना है। सरकार सदन में किन नए विधेयकों और प्रस्तावों को लेकर जाएगी, इसे लेकर विभागीय स्तर पर तैयारियों की समीक्षा की जा सकती है।

UCC से जुड़े किसी प्रस्ताव को कैबिनेट मंजूरी मिलती है तो उसकी आगे की विधायी प्रक्रिया भी विधानसभा के आगामी सत्र से जुड़ सकती है। ऐसे में 13 अगस्त की बैठक के फैसले आने वाले विधानसभा सत्र के लिए भी महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।

किन फैसलों पर टिकी रहेगी नजर?

13 अगस्त की बैठक में सबसे ज्यादा नजर तीन प्रमुख मुद्दों पर रहेगी—पहला, UCC के ड्राफ्ट को लेकर सरकार का रुख; दूसरा, सरकारी भर्तियों के नियमों में युवाओं को संभावित राहत; और तीसरा, मानसून से पैदा हुई परिस्थितियों से निपटने के लिए सरकार की आगे की रणनीति।

इसके अलावा विधानसभा सत्र और अन्य प्रशासनिक प्रस्तावों पर भी कैबिनेट में महत्वपूर्ण निर्णय लिए जा सकते हैं।

हालांकि, बैठक से पहले सामने आ रहे एजेंडे और संभावित फैसलों में अंतिम स्थिति कैबिनेट की बैठक के बाद ही स्पष्ट होगी। सरकार की ओर से आधिकारिक फैसलों की जानकारी सामने आने के बाद यह तय होगा कि किन प्रस्तावों को मंजूरी मिली और किन मुद्दों पर आगे विचार किया जाएगा।