अनमोल बिश्नोई का राजस्थान कनेक्शन, जोधपुर में हत्या, जयपुर में फायरिंग, 21 मुकदमों की पूरी क्राइम कुंडली

कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई का छोटा भाई अनमोल बिश्नोई आज सुबह अमेरिका से डिपोर्ट होकर दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे (IGI) पहुंच चुका है। यह प्रत्यर्पण राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) और राजस्थान पुलिस के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि है, क्योंकि अनमोल की आपराधिक कुंडली का सबसे बड़ा हिस्सा राजस्थान से जुड़ा हुआ है।

अनमोल बिश्नोई का राजस्थान कनेक्शन, जोधपुर में हत्या, जयपुर में फायरिंग, 21 मुकदमों की पूरी क्राइम कुंडली

जयपुर। कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई का छोटा भाई अनमोल बिश्नोई आज सुबह अमेरिका से डिपोर्ट होकर दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे (IGI) पहुंच चुका है। यह प्रत्यर्पण राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) और राजस्थान पुलिस के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि है, क्योंकि अनमोल की आपराधिक कुंडली का सबसे बड़ा हिस्सा राजस्थान से जुड़ा हुआ है। अनमोल पर देशभर में 32 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं, जिनमें से कम से कम 20-21 मामले राजस्थान के विभिन्न जिलों – जयपुर, जोधपुर, हनुमानगढ़ और श्रीगंगानगर – में हैं। राजस्थान पुलिस ने उसके खिलाफ 1 लाख रुपये का इनाम घोषित किया था, जबकि NIA ने 10 लाख रुपये का।

दिल्ली पहुंचने के बाद अनमोल को विशेष सुरक्षा के बीच जयपुर लाया जा रहा है, जहां से पूछताछ शुरू होगी। यह कदम न केवल बाबा सिद्दीकी हत्याकांड और सलमान खान के घर फायरिंग जैसे राष्ट्रीय मामलों के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि राजस्थान में उसके लंबे समय से चले आ रहे अपराधों के खुलासे के लिए भी। विशेषज्ञों का मानना है कि अनमोल की गिरफ्तारी से लॉरेंस बिश्नोई गैंग के राजस्थान नेटवर्क पर पूरी तरह से पर्दा उठ सकता है।

अनमोल बिश्नोई: अपराध की दुनिया में कम उम्र में कदम रखा

अनमोल बिश्नोई (उम्र 26 वर्ष), लॉरेंस का छोटा भाई, मूल रूप से राजस्थान के बिश्नोई समुदाय से जुड़ा है। वह 2015 से अपराध की दुनिया में सक्रिय है और 2017 में मात्र 19 वर्ष की उम्र में राजस्थान पुलिस ने उसे पहली बार गिरफ्तार किया था। जोधपुर जेल में सजा काटने के दौरान उसने गैंग के अन्य सदस्यों से संपर्क मजबूत किए। 7 अक्टूबर 2021 को जमानत पर रिहा होते ही वह फर्जी पासपोर्ट पर विदेश भाग गया। कनाडा, अमेरिका और यूरोपीय देशों में छिपकर उसने गैंग की कमान संभाली, जहां से सिद्धू मूसेवाला हत्या (2022), बाबा सिद्दीकी हत्याकांड (2024) और सलमान खान फायरिंग (2024) जैसी साजिशें रचीं।

अनमोल गैंग के वित्तीय नेटवर्क का प्रमुख सूत्रधार माना जाता है। विदेशों से उगाही का पैसा स्पोर्ट्स क्लब, रियल एस्टेट, फिल्मों और नाइटक्लब में निवेश किया जाता था। एन्क्रिप्टेड ऐप्स के जरिए वह गुर्गों को निर्देश देता था, जिससे गैंग का वैश्विक सिंडिकेट मजबूत होता गया।

जयपुर कनेक्शन: रंगदारी, फायरिंग और ब्लैकमेल का केंद्र

जयपुर अनमोल के अपराधों का प्रमुख हब रहा है। यहां उसके खिलाफ सांगानेर, रामनगरिया, प्रताप नगर, अशोक नगर, हरमाड़ा और बनी पार्क थानों में कम से कम 7 मुकदमे दर्ज हैं। ये मामले मुख्य रूप से रंगदारी, धमकी, ब्लैकमेल और फायरिंग से जुड़े हैं।

  • जी क्लब फायरिंग (2022): जयपुर के प्रसिद्ध जी क्लब पर फायरिंग की साजिश अनमोल ने ही रची थी। यह घटना गैंग की दहशत फैलाने की रणनीति का हिस्सा थी।
  • 10 करोड़ रंगदारी मामला (2025): जयपुर के एक कारोबारी से 10 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने वाले दो गुर्गों (सूरज और इमरान) को गिरफ्तार किया गया। जांच में अनमोल और उसके साथी हरि बॉक्सर के नाम सामने आए। ये गुर्गे अनमोल के नाम पर जमीन हड़पने और अवैध वसूली कर रहे थे।
  • अन्य मामले: प्रताप नगर में डॉ. सुनील चंदक पर फायरिंग और धमकी (2017), जहां अनमोल ने लॉरेंस के साथ मिलकर साजिश रची। जुलाई 2025 में जयपुर पुलिस ने पहली बार लॉरेंस-अनमोल गैंग के खिलाफ BNS धारा 111 के तहत FIR दर्ज की, जिसमें रोहित गोदारा और अमरजीत जैसे सदस्य भी नामजद हैं। इससे गैंग के किसी भी सदस्य या संपर्की की तत्काल गिरफ्तारी संभव हो गई।

हनुमानगढ़ और श्रीगंगानगर में भी 2-3 मामले हैं, जहां हत्या के प्रयास और हथियार रखने के आरोप हैं।

जोधपुर कनेक्शन: हत्या, फिरौती और जेल से ऑपरेशन

जोधपुर अनमोल के अपराधों का जन्मस्थान जैसा है। यहां पूर्व और पश्चिम जोधपुर में कुल 8 गंभीर मुकदमे दर्ज हैं। जोधपुर पुलिस कमिश्नरेट के रिकॉर्ड्स उसके क्राइम ग्राफ को उजागर करते हैं:

वर्ष

मामला

विवरण

थाना

2017

वासुदेव इसरानी हत्याकांड

फिरौती न देने पर व्यापारी वासुदेव इसरानी की दुकान पर फायरिंग, सितंबर में मौत। अनमोल मुख्य साजिशकर्ता।

सरदारपुरा

2017

रितेश लोहिया फायरिंग

शास्त्रीनगर में व्यापारी के घर पर फिरौती के लिए फायरिंग, दहशत फैलाई।

शास्त्रीनगर

2017

मुकेश सोनी धमकी

गुर्गों ने इंटरनेट कॉल पर "वासुदेव के बाद तुम्हारा नंबर, 50 लाख दो" धमकी दी।

सदार

2017

डॉ. सुनील चंदक फायरिंग

मौत की धमकी के साथ फायरिंग। लॉरेंस और अनमोल जेल गए।

प्रताप नगर

2018-2021

जेल से ऑपरेशन

जोधपुर सेंट्रल जेल में मोबाइल-सिम बरामद। जेल से ही फिरौती रैकेट चलाया।

जेल प्रशासन

अनमोल ने 2017 में जोधपुर में ही अपराध की शुरुआत की, जब उसकी उम्र मात्र 19 वर्ष थी। एक व्यापारी की दुकान के बाहर फायरिंग के मामले में गिरफ्तार हुआ। जेल में रहते हुए भी वह सक्रिय रहा, जहां से गुर्गों को निर्देश देता रहा।

NIA को चुनौती: फिंगरप्रिंट गायब, लेकिन रिकॉर्ड सौंपे

अनमोल के प्रत्यर्पण की तैयारी में NIA ने जोधपुर कमिश्नरेट और सेंट्रल जेल से रिकॉर्ड मांगे। पुलिस ने केस फाइलें और गिरफ्तारी विवरण सौंप दिए, लेकिन जेल प्रशासन के पास उसके फिंगरप्रिंट उपलब्ध नहीं थे। यह कमी पहचान और पुराने मामलों की कानूनी प्रक्रिया के लिए चुनौती है। फिर भी, DNA और अन्य फोरेंसिक सबूतों से जांच आगे बढ़ेगी।

विदेश भागने के बाद ग्लोबल अपराध: राजस्थान से लिंक

2021 में जमानत पर रिहा होते ही अनमोल फर्जी पासपोर्ट पर कनाडा भागा। वहां से उसने राजस्थान के नेटवर्क को मजबूत किया। रोहित गोदारा को राजस्थान ऑपरेशंस सौंपे, जो अब गैंग का प्रमुख गुर्गा है। अनमोल की गिरफ्तारी से राजस्थान में उसके 21 मामलों के अलावा गैंग के वित्तीय लेन-देन और हथियार सप्लाई पर नया खुलासा होने की उम्मीद है। राजस्थान ANTF (एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स) ने हाल ही में उसके गुर्गे जगदीप सिंह उर्फ जग्गा को अमेरिका में पकड़वाया, जो जोधपुर हत्याओं से जुड़ा था।

राजस्थान पुलिस के ADG (क्राइम) दिनेश एमएन ने कहा, "अनमोल की वापसी से गैंग के राजस्थान चैप्टर को नेस्तनाबूद करने का मौका मिलेगा। हम 13 सक्रिय मामलों पर फोकस करेंगे।" जयपुर पुलिस ने भी सतर्कता बरतते हुए गैंग के संभावित हमलों पर नजर रखी है।

भविष्य की जांच: गैंग के पतन की शुरुआत?

अनमोल की पूछताछ जयपुर के स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) करेगी, जिसमें NIA और मुंबई पुलिस भी शामिल होगी। इससे सिद्धू मूसेवाला हत्या से राजस्थान लिंकेज तक सब स्पष्ट हो सकता है। कनाडा ने बिश्नोई गैंग को आतंकी संगठन घोषित किया है, जिससे प्रत्यर्पण आसान होगा।