राजस्थान मौसम अपडेट: 14 अगस्त को कमजोर पड़ा मानसून, इन जिलों में बारिश और वज्रपात का अलर्ट; 17-18 अगस्त से फिर बदलेगा मौसम
Rajasthan Weather Today 14 August 2026: राजस्थान में मानसून की गतिविधियां कमजोर हुई हैं। जयपुर, अजमेर, कोटा समेत कई जिलों में बारिश, मेघगर्जन और वज्रपात का अलर्ट है। 17-18 अगस्त से फिर बदल सकता है मौसम।
Rajasthan Weather Today 14 August 2026: राजस्थान में मानसून की गतिविधियों में फिलहाल कुछ कमी देखने को मिल रही है। हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि प्रदेश में बारिश पूरी तरह थम गई है। मौसम विभाग के अनुसार आज 14 अगस्त को राज्य के कई हिस्सों में बादल छाए रहने, हल्की से मध्यम बारिश और कुछ स्थानों पर मेघगर्जन के साथ वज्रपात की स्थिति बन सकती है। खासतौर पर पूर्वी राजस्थान के कुछ इलाकों में बारिश की गतिविधियां अपेक्षाकृत अधिक रहने की संभावना है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के 14 अगस्त 2026 के सुबह जारी ऑल इंडिया वेदर फोरकास्ट बुलेटिन में पूर्वी राजस्थान में 14 अगस्त को कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई गई है। वहीं, राजस्थान के अन्य हिस्सों में हल्की से बिखरी हुई बारिश की गतिविधियां जारी रहने का अनुमान है।
राजस्थान में आज कैसा रहेगा मौसम?
राज्य के अधिकांश हिस्सों में आज मौसम मुख्यतः आंशिक रूप से बादल छाए रहने वाला रह सकता है। दिन के समय तापमान में बहुत ज्यादा गिरावट की उम्मीद नहीं है, जिसके कारण उमस और गर्मी का असर महसूस हो सकता है। कई जिलों में अधिकतम तापमान करीब 33 से 35 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है।
बारिश होने वाले इलाकों में तापमान में थोड़ी राहत मिल सकती है। वहीं बारिश नहीं होने वाले क्षेत्रों में बादलों के बावजूद उमस बनी रहने की संभावना है।
राजस्थान के प्रमुख शहरों में IMD के मौसम केंद्र के ऑनलाइन अवलोकन में भी अलग-अलग तापमान और आर्द्रता दर्ज की जा रही है। उदाहरण के तौर पर जयपुर में 32.2°C, जोधपुर में 30.6°C, कोटा में 31.6°C और जैसलमेर में 34.8°C तापमान दर्ज किया गया है।
पूर्वी राजस्थान में बारिश का ज्यादा असर
14 अगस्त को पूर्वी राजस्थान मौसम के लिहाज से प्रदेश का ज्यादा सक्रिय क्षेत्र रह सकता है। IMD ने यहां कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई है।
जयपुर, अजमेर, अलवर, सीकर, टोंक, कोटा और भरतपुर सहित पूर्वी राजस्थान के कई इलाकों में बादल छाने और गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना बनी हुई है।
कुछ स्थानों पर बारिश के दौरान तेज हवाएं भी चल सकती हैं। मेघगर्जन और बिजली गिरने की आशंका को देखते हुए लोगों को मौसम खराब होने के दौरान खुले स्थानों पर जाने से बचने की सलाह दी जाती है।
पश्चिमी राजस्थान में कमजोर रह सकती है बारिश
पश्चिमी राजस्थान के मुकाबले पूर्वी हिस्सों में आज बारिश की गतिविधियां ज्यादा रहने की संभावना है। जोधपुर, जैसलमेर, बाड़मेर और बीकानेर जैसे पश्चिमी जिलों में मौसम कई जगह सामान्य से लेकर आंशिक रूप से बादल वाला रह सकता है।
हालांकि मानसून पूरी तरह निष्क्रिय नहीं है और स्थानीय मौसम प्रणालियों के प्रभाव से कहीं-कहीं हल्की बारिश या गरज के साथ बौछारें देखने को मिल सकती हैं।
जयपुर समेत इन जिलों में गरज-चमक का खतरा
राजस्थान के कुछ जिलों में आज केवल बारिश ही नहीं, बल्कि मेघगर्जन और वज्रपात की स्थिति भी बन सकती है।
विशेष रूप से जयपुर, अजमेर, टोंक, सीकर, अलवर, भरतपुर और कोटा क्षेत्र में मौसम पर नजर रखना जरूरी रहेगा। बारिश के दौरान अचानक तेज हवा चलने की स्थिति भी बन सकती है।
बिजली चमकने के दौरान लोगों को पेड़, बिजली के खंभे और खुले मैदान जैसे स्थानों से दूर रहने की सलाह दी जाती है।
17-18 अगस्त के आसपास फिर सक्रिय हो सकता है मानसून
राजस्थान के मौसम को लेकर अगले कुछ दिन भी महत्वपूर्ण रहने वाले हैं। बंगाल की खाड़ी में बनने वाली नई मौसम प्रणाली के प्रभाव से मध्य और उत्तर-पश्चिम भारत में बारिश की गतिविधियों में दोबारा बढ़ोतरी हो सकती है।
इस वजह से 17-18 अगस्त के आसपास राजस्थान में मानसून के फिर सक्रिय होने की संभावना पर नजर बनी हुई है। हालांकि किसी जिले में भारी बारिश कितनी होगी, यह सिस्टम की वास्तविक स्थिति और उसके आगे बढ़ने की दिशा पर निर्भर करेगा।
ताजा IMD बुलेटिन में भी 18-20 अगस्त के दौरान उत्तर-पश्चिम भारत के कई हिस्सों में बारिश से जुड़ी गतिविधियों का पूर्वानुमान दिया गया है। इसलिए आने वाले दिनों में राजस्थान के मौसम में फिर बदलाव देखने को मिल सकता है।
किसानों के लिए भी महत्वपूर्ण है मौसम का यह बदलाव
बारिश की गतिविधियों में कमी और फिर दोबारा सक्रियता का असर खेती-किसानी पर भी पड़ सकता है। जिन इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश हो रही है, वहां खेतों में नमी बनी रहने की संभावना है। वहीं तेज बारिश वाले क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति पैदा हो सकती है।
किसानों को स्थानीय मौसम पूर्वानुमान के आधार पर सिंचाई, उर्वरक और कीटनाशक के छिड़काव की योजना बनाने की सलाह दी जाती है। तेज हवा और बारिश की संभावना वाले क्षेत्रों में तैयार फसल तथा कृषि उपकरणों को सुरक्षित स्थान पर रखना बेहतर रहेगा।

