नर्सिंग ऑफिसर की नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी, 2 गिरफ्तार, महंगी कार बरामद
राजस्थान के झालावाड़ जिले में नर्सिंग ऑफिसर की सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर बेरोजगार युवकों को ठगने वाले एक संगठित गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। गिरोह के सदस्य फर्जी जॉइनिंग लेटर, हाजिरी रजिस्टर में नाम दर्ज करना, हाजिरी की तस्वीरें भेजना...
झालावाड़। राजस्थान के झालावाड़ जिले में नर्सिंग ऑफिसर की सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर बेरोजगार युवकों को ठगने वाले एक संगठित गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। गिरोह के सदस्य फर्जी जॉइनिंग लेटर, हाजिरी रजिस्टर में नाम दर्ज करना, हाजिरी की तस्वीरें भेजना और यहां तक कि एडवांस में एक महीने का वेतन बैंक खाते में ट्रांसफर करके पीड़ितों को विश्वास दिलाते थे। पुलिस ने गिरोह के दो मुख्य सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया है और उनके पास से एक महंगी कार भी बरामद की गई है।
शिकायत से शुरू हुई जांच
12 नवंबर को कोतवाली थाने में बारां निवासी लोकेश मीणा ने शिकायत दर्ज कराई। लोकेश ने बताया कि दो ठगों ने उन्हें और उनके तीन साथियों को फर्जी दस्तावेज दिखाकर एसआरजी अस्पताल, झालावाड़ में नर्सिंग ऑफिसर की नौकरी लगवाने का झांसा दिया। ठगों ने कुल 8 लाख रुपये (प्रति व्यक्ति करीब 2 लाख) ठग लिए।
पीड़ितों को विश्वास दिलाने के लिए ठगों ने
- फर्जी जॉइनिंग लेटर थमाए
- हाजिरी रजिस्टर में नाम दर्ज कर फोटो भेजे
- एडवांस सैलरी के रूप में एक महीने का वेतन (लगभग 20-25 हजार) बैंक खाते में ट्रांसफर किया
गिरफ्तारी और बरामदगी
एसपी अमित कुमार के निर्देश पर पुलिस ने जाल बिछाया और मुख्य आरोपी सद्दाम हुसैन उर्फ सन्नी पठान को गिरफ्तार कर लिया। उसके कब्जे से एक महंगी लग्जरी कार बरामद हुई, जो ठगी की रकम से खरीदी गई थी। दूसरे आरोपी राजेश मिश्रा, जो ‘रक्षक प्लेसमेंट एजेंसी’ का संचालक है, को भी धर दबोचा गया। राजेश अस्पताल परिसर में ही एजेंसी चलाता था।
गिरोह की कार्यप्रणाली
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि:
- राजेश मिश्रा बेरोजगार युवकों के मोबाइल नंबर और बायोडाटा एकत्र करता था।
- ये नंबर सद्दाम पठान को उपलब्ध कराए जाते थे।
- सद्दाम फोन पर संपर्क कर फर्जी ऑफर लेटर, अस्पताल के लेटरहेड और व्हाट्सएप पर हाजिरी प्रूफ भेजकर विश्वास जमाता था।
- पीड़ितों से एडवांस प्रोसेसिंग फीस, सिक्योरिटी डिपॉजिट के नाम पर 1.5 से 2 लाख रुपये वसूले जाते थे।
- कुछ मामलों में एडवांस सैलरी देकर ठगी को और विश्वसनीय बनाया जाता था।
एसपी ने बताया कि गिरोह ने कई जिलों में दर्जनों बेरोजगारों को ठगा है। अब तक 8 लाख रुपये की ठगी की पुष्टि हुई है, लेकिन कुल राशि इससे कहीं अधिक हो सकती है।
कानूनी कार्रवाई
दोनों आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 420 (ठगी), 467 (दस्तावेज जालसाजी), 468, 471 और 120बी (आपराधिक षड्यंत्र) के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस रिमांड पर लेकर ठगी की पूरी चेन और अन्य सदस्यों की तलाश कर रही है।
बेरोजगारी और ठगी का बढ़ता खतरा
राजस्थान में नर्सिंग, राजकीय चिकित्सा सेवा और पैरामेडिकल स्टाफ की भर्तियों को लेकर ठगी के मामले बढ़ रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ऑनलाइन जॉब पोर्टल, फर्जी एजेंसियां और सोशल मीडिया ठगों के लिए आसान माध्यम बन गए हैं।
पुलिस ने अपील की है
- सरकारी नौकरियों के लिए केवल आधिकारिक वेबसाइट (RSSB, RSMSSB, स्वास्थ्य विभाग) पर भरोसा करें।
- एडवांस पेमेंट कभी न दें।
- जॉइनिंग लेटर की वैधता संबंधित अस्पताल या विभाग से सत्यापित करें।

