वाराणसी एयरपोर्ट पर लाइसेंसी पिस्टल से फायरिंग, दो कर्मचारी घायल: शिवसेना नेता की जांच के दौरान चली गोली, महिला कर्मचारी की जांघ में लगी
वाराणसी एयरपोर्ट पर हथियार की जांच के दौरान लाइसेंसी पिस्टल से अचानक गोली चल गई। हादसे में महिला समेत दो एयरपोर्ट कर्मचारी घायल हुए। यात्री कमलेश राय को हिरासत में लेकर जांच शुरू की गई।
वाराणसी के लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर रविवार सुबह हथियार की जांच के दौरान अचानक गोली चलने से हड़कंप मच गया। घटना में एयरपोर्ट के दो ग्राउंड स्टाफ कर्मचारी घायल हुए हैं। इनमें एक महिला कर्मचारी भी शामिल है। दोनों घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार जारी है।
जानकारी के मुताबिक, घटना सुबह करीब 9:30 बजे एयरपोर्ट के सिक्योरिटी चेकिंग क्षेत्र में हुई। आजमगढ़ निवासी और शिवसेना से जुड़े नेता कमलेश राय अपनी पत्नी के साथ मुंबई जाने के लिए एयरपोर्ट पहुंचे थे। उनके पास लाइसेंसी पिस्टल थी, जिसे उन्होंने विमान में ले जाने के लिए पहले ही घोषित कर दिया था।
हथियार की निर्धारित प्रक्रिया के तहत जांच की जा रही थी। इसी दौरान पिस्टल से अचानक एक राउंड फायर हो गया। गोली पहले फर्श से टकराई और उसके बाद निकले टुकड़े और छर्रे पास खड़े कर्मचारियों को लगे।
महिला कर्मचारी की जांघ में लगी गोली
घटना में बिहार निवासी एयरपोर्ट कर्मचारी सुमन (32) घायल हुईं। बताया गया कि गोली फर्श से टकराने के बाद उनकी जांघ में जा लगी। वहीं, दूसरे कर्मचारी रोहित राज के हाथ में गोली के छर्रे लगे।
फायरिंग के बाद एयरपोर्ट परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। दोनों घायल कर्मचारियों को तुरंत न्यू लक्ष्मी ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया। सूचना मिलने के बाद स्थानीय पुलिस के साथ वरिष्ठ अधिकारी और इंटेलिजेंस टीम भी मौके पर पहुंची और घटना की जांच शुरू की।
जांच के दौरान पिस्टल में लोड थी गोली
एयरपोर्ट पर सिक्योरिटी स्कैनिंग का काम करने वाले कर्मचारी रोहित ने बताया कि वह सुमन के साथ हथियार की जांच के लिए एक्स-रे काउंटर पर मौजूद था। इसी दौरान कमलेश राय ने अपनी पिस्टल निकाली। रोहित के अनुसार, पिस्टल में गोली पहले से लोड थी और जांच के दौरान ट्रिगर दबने से फायर हो गया।
रोहित ने यह भी कहा कि ट्रिगर जानबूझकर दबाया गया या गलती से दब गया, इस बारे में वह कुछ नहीं कह सकता। पुलिस अब पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है।
एयरपोर्ट डायरेक्टर ने बताया हादसा
वाराणसी एयरपोर्ट के डायरेक्टर पुनीत गुप्ता के मुताबिक, कमलेश राय अपनी पत्नी के साथ एयर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट से मुंबई जाने वाले थे। उनके पास लाइसेंसी पिस्टल थी और हथियार के बारे में एयरपोर्ट को पहले से जानकारी दी गई थी।
डीसीपी गोमती नीतू कादयान ने बताया कि बोर्डिंग से पहले निर्धारित मानक प्रक्रिया के तहत हथियार की जांच की जा रही थी। इसी दौरान दुर्घटनावश फायर हुआ। उन्होंने बताया कि कमलेश राय की पिस्टल के पास ऑल इंडिया परमिट है। घटना में दो ग्राउंड स्टाफ कर्मचारियों को चोटें आई हैं।
स्वतंत्रता दिवस के कारण एयरपोर्ट पर हाई अलर्ट
15 अगस्त के मद्देनजर वाराणसी एयरपोर्ट को 11 से 20 अगस्त तक हाई अलर्ट जोन में रखा गया है। ऐसे समय में एयरपोर्ट के सुरक्षा क्षेत्र में गोली चलने की घटना से सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठे हैं।
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण किया। एयरपोर्ट पर हथियारों की जांच की प्रक्रिया, पिस्टल से फायर होने की परिस्थितियों और सुरक्षा प्रोटोकॉल के पालन को लेकर जांच की जा रही है।
कमलेश राय का राजनीतिक कनेक्शन
कमलेश राय आजमगढ़ के जीयनपुर थाना क्षेत्र के रहने वाले बताए जा रहे हैं और शिवसेना से जुड़े नेता हैं। वह मुंबई में पूर्व पार्षद भी रह चुके हैं। उनकी सोशल मीडिया प्रोफाइल पर महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे समेत कई राजनीतिक नेताओं के साथ तस्वीरें मौजूद हैं।
बताया गया है कि कमलेश राय के परिवार का मुंबई की स्थानीय राजनीति से भी जुड़ाव है। उनका बेटा मुंबई में नगरसेवक है, जबकि आजमगढ़ में वह बाबू शिव पत्थर राय स्नातकोत्तर महाविद्यालय के प्रबंधक हैं। उनके साथ सुरक्षा के लिए बॉडीगार्ड भी रहते हैं।
पहले भी एयरपोर्ट पर हो चुकी है ऐसी घटना
एयरपोर्ट पर हथियार की जांच के दौरान अचानक फायर होने का यह पहला मामला नहीं है। सितंबर 2010 में मुंबई एयरपोर्ट पर भी एक यात्री की लाइसेंसी पिस्टल की जांच के दौरान गोली चल गई थी।
उस घटना में गोली फर्श से टकराई थी और टाइल का एक टुकड़ा महिला स्क्रीनिंग कर्मचारी को लगा था। पुलिस ने उस यात्री को हिरासत में लेकर मामले की जांच की थी।
फिलहाल वाराणसी एयरपोर्ट की घटना में पुलिस ने यात्री कमलेश राय को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि फायर किन परिस्थितियों में हुआ और हथियार की जांच के दौरान सुरक्षा प्रक्रिया का पालन किस तरह किया गया।

