KhatuShyamji Holika Dahan 2026: देर रात 2 बजे होगा होलिका दहन, 24 घंटे बंद रहेंगे बाबा श्याम के पट
खाटूश्यामजी में होली पर चंद्र ग्रहण के कारण दर्शन समय में बदलाव। 3 मार्च को मंदिर के कपाट बंद रहेंगे, सूतक काल के चलते विशेष पूजा-अर्चना स्थगित।
राजस्थान के सीकर जिले स्थित सुप्रसिद्ध तीर्थ स्थल खाटूश्यामजी में होली का पर्व इस बार विशेष धार्मिक मान्यताओं के बीच मनाया जा रहा है। लक्खी मेले के बाद फाल्गुन की मस्ती के बीच इस वर्ष चंद्र ग्रहण के कारण मंदिर की व्यवस्थाओं और दर्शन समय में बड़ा बदलाव किया गया है।
देर रात 2 बजे होगा होलिका दहन
परंपरा के अनुसार 2 मार्च (सोमवार) देर रात 2 बजे होलिका दहन संपन्न होगा। भक्त प्रह्लाद की विजय और बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक इस आयोजन में हजारों श्रद्धालु शामिल होंगे।
3 मार्च को दिनभर बंद रहेंगे मंदिर के कपाट
3 मार्च 2026 (मंगलवार) को साल का पहला चंद्र ग्रहण लगने के कारण मंदिर के पट बंद रहेंगे। मंदिर कमेटी के अनुसार, सुबह मंगला आरती के तुरंत बाद कपाट बंद कर दिए जाएंगे।
ग्रहण के चलते सूतक काल प्रभावी रहेगा, जिसके कारण दिनभर दर्शन और विशेष पूजा-अर्चना पर रोक रहेगी। ग्रहण समाप्त होने के बाद मंदिर परिसर का शुद्धिकरण और विशेष अनुष्ठान किए जाएंगे।
सूतक काल में क्यों बंद रहते हैं मंदिर?
हिंदू धर्म में ग्रहण से पहले लगने वाले ‘सूतक काल’ को अशुभ माना जाता है। इस अवधि में भगवान के दर्शन, मूर्ति स्पर्श और मांगलिक कार्य वर्जित रहते हैं। मान्यता है कि ग्रहण के समय राहु-केतु के प्रभाव से सूर्य या चंद्रमा पर संकट आता है, इसलिए मंदिरों के कपाट बंद रखे जाते हैं।
जानकारी के अनुसार, 3 मार्च को सूतक काल सुबह 6:20 बजे से प्रभावी होगा और ग्रहण समाप्ति के साथ खत्म होगा।
कब खुलेंगे बाबा श्याम के पट?
2 मार्च को देर रात होलिका दहन के लगभग चार घंटे बाद मंदिर बंद हो जाएगा। इसके बाद 4 मार्च 2026 (बुधवार) को सुबह 5:30 बजे मंगला आरती के बाद कपाट खोले जाएंगे।
हालांकि 4 मार्च की रात 10 बजे से 5 मार्च शाम 5 बजे तक विशेष सेवा-पूजा और तिलक कार्यक्रम के चलते कपाट पुनः निर्धारित समय के लिए बंद रहेंगे।
श्रद्धालुओं के लिए विशेष अपील
मंदिर प्रशासन ने बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे बदले हुए समय को ध्यान में रखकर ही यात्रा की योजना बनाएं। 3 मार्च को मंदिर बंद रहने के दौरान भीड़ नियंत्रण के लिए विशेष सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं।

