30 भारतीय जहाज़ों ने पार किया हॉर्मूज: तेल और LPG जहाजों का रास्ता खुला, भारत की आपूर्ति में अब राहत
अमेरिका-ईरान समझौते के बाद हॉर्मूज जलडमरूमध्य में तनाव कम हुआ। भारत के लिए LPG, LNG और कच्चा तेल लेकर जा रहे 30 जहाज सुरक्षित निकले, जिससे ऊर्जा आपूर्ति और आयात व्यवस्था को बड़ी राहत मिली।
अमेरिका और ईरान के बीच हाल ही में हुए समझौते (MoU) के बाद रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण हॉर्मूज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में तनाव में कमी के संकेत मिले हैं। इसका सीधा सकारात्मक असर भारत की ऊर्जा आपूर्ति पर भी देखने को मिल रहा है, जिससे आयात व्यवस्था में बड़ी राहत मिली है।
जानकारी के अनुसार, भारत के लिए ऊर्जा और आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति लेकर जा रहे 30 जहाज सुरक्षित रूप से इस संवेदनशील समुद्री मार्ग को पार कर चुके हैं। यह घटनाक्रम वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला के लिए एक स्थिरता का संकेत माना जा रहा है।
किन जहाजों पर क्या लोड है?
इन 30 जहाजों में विभिन्न प्रकार के ऊर्जा और मालवाहक टैंकर शामिल हैं—
* इनमें से लगभग 15 जहाजों में LPG (रसोई गैस) और LNG (प्राकृतिक गैस) का परिवहन किया जा रहा है, जो भारत की घरेलू ऊर्जा जरूरतों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
* 7 जहाज क्रूड ऑयल (कच्चा तेल) टैंकर हैं, जो देश की पेट्रोलियम रिफाइनिंग और ईंधन आपूर्ति से जुड़े हैं।
* इसके अलावा 8 बल्क कार्गो जहाज विभिन्न औद्योगिक और वाणिज्यिक वस्तुओं को लेकर आगे बढ़ रहे हैं।
किस देश के झंडे वाले जहाज शामिल?
इन जहाजों में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विविधता देखने को मिली है—
* करीब 17 जहाज विदेशी झंडे वाले हैं, जिनमें सबसे अधिक मार्शल आइलैंड्स के पंजीकृत जहाज शामिल हैं।
* शेष जहाज भारतीय स्वामित्व या भारतीय कंपनियों से जुड़े बताए जा रहे हैं।
अभी भी 26 जहाज कतार में
हालांकि स्थिति पूरी तरह सामान्य नहीं हुई है। फारस की खाड़ी के पश्चिमी हिस्से में अभी भी 26 जहाज अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। इन जहाजों के सुरक्षित मार्ग पार करने पर पूरी नजर बनी हुई है।
LPG आपूर्ति पर बड़ा असर
आपूर्ति श्रृंखला में सुधार को देखते हुए सरकार ने घरेलू स्तर पर एक अहम कदम उठाया है।
वाणिज्यिक और औद्योगिक उपभोक्ताओं के लिए LPG आपूर्ति को फिर से बहाल करना शुरू कर दिया गया है, जिससे उद्योगों और व्यापारिक गतिविधियों को राहत मिलने की उम्मीद है।
भारत के लिए क्या मतलब?
हॉर्मूज जलडमरूमध्य से गुजरने वाला यह मार्ग दुनिया के सबसे अहम तेल परिवहन रूट्स में से एक है। तनाव में कमी आने से—
* कच्चे तेल और गैस की आपूर्ति स्थिर हुई है
* शिपिंग लागत और जोखिम में कमी आई है
* भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूती मिली है
इस घटनाक्रम को वैश्विक ऊर्जा बाजार और भारत की अर्थव्यवस्था के लिए एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।

