जयपुर की पहली तेज बारिश ने खोली सिस्टम की पोल! सड़कें बनीं दरिया, जलभराव में डूबा शहर, पेड़ गिरने से कई वाहन क्षतिग्रस्त

जयपुर में मूसलाधार बारिश और तेज हवाओं से शहर की सड़कें जलमग्न हो गईं। जलभराव, ट्रैफिक जाम, पेड़ गिरने और हेरिटेज गेट्स को नुकसान के बीच JDA और नगर निगम की मानसून तैयारियों पर सवाल उठे।

जयपुर की पहली तेज बारिश ने खोली सिस्टम की पोल! सड़कें बनीं दरिया, जलभराव में डूबा शहर, पेड़ गिरने से कई वाहन क्षतिग्रस्त

राजधानी जयपुर में 25 जून की शाम हुई मूसलाधार बारिश और तेज हवाओं ने नगर निगम और जयपुर विकास प्राधिकरण (JDA) के मानसून तैयारियों के दावों की पोल खोल दी। महज कुछ घंटों की बारिश में शहर की जल निकासी व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। कई प्रमुख सड़कें नदी जैसी नजर आईं, जगह-जगह जलभराव हुआ और घंटों तक यातायात प्रभावित रहा।

शहर के दूध मंडी, जयपुर रेलवे स्टेशन, चार दरवाजा, जगन्नाथ शाह जी का रास्ता, चांदपोल और अन्य निचले इलाकों में भारी जलभराव हो गया। सड़कों पर पानी इतना भर गया कि दोपहिया और चारपहिया वाहन आधे से ज्यादा पानी में डूबे नजर आए। कई जगह ट्रैफिक रेंगता रहा और लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

तेज हवाओं के चलते अजमेरी गेट पर लगा लो-फ्लोर बस स्टैंड अचानक गिर गया। इसकी चपेट में आने से तीन ई-रिक्शा क्षतिग्रस्त हो गए। वहीं रामनिवास बाग, किशनपोल बाजार और आसपास के क्षेत्रों में कई बड़े पेड़ उखड़कर सड़कों और वाहनों पर गिर पड़े, जिससे कई कारों और अन्य वाहनों को नुकसान पहुंचा।

बारिश का असर शहर की ऐतिहासिक धरोहरों पर भी देखने को मिला। परकोटे के चांदपोल और सूरजपोल जैसे हेरिटेज गेट्स पर प्लास्टर गिरने की घटनाएं सामने आईं, जिससे उनकी सुरक्षा और रखरखाव को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।

इधर, शहर में पहले से चल रहे निर्माण कार्यों के कारण खुले छोड़े गए गड्ढे बारिश के पानी से भर गए। ये गड्ढे राहगीरों और वाहन चालकों के लिए बड़ा खतरा बन गए, क्योंकि पानी भरने से उनकी गहराई का अंदाजा लगाना मुश्किल हो गया।

सोशल मीडिया पर वायरल हो रही तस्वीरों और वीडियो में जयपुर की बदहाल स्थिति साफ दिखाई दी। कहीं पेड़ों के नीचे कारें दबी नजर आईं तो कहीं सड़कें पूरी तरह तालाब में तब्दील हो गईं। पहली ही तेज बारिश में शहर की व्यवस्थाएं ठप होने से मानसून की तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।