जयपुर सीवर हादसा—मुआवजे और नौकरी के आश्वासन के बाद खत्म हुई हड़ताल
Jaipur में सीवर हादसे के बाद सफाईकर्मियों की हड़ताल खत्म। मृतकों के परिवारों को ₹55.25 लाख मुआवजा, नौकरी और डेयरी बूथ की सुविधा देने पर सहमति।
Jaipur में सीवर मैनहोल हादसे में दो सफाईकर्मियों की मौत के बाद शुरू हुआ विवाद अब थमता नजर आ रहा है। लंबे विरोध और हड़ताल के बाद प्रशासन और सफाई कर्मचारी संगठनों के बीच सहमति बन गई है, जिससे शहर की सफाई व्यवस्था फिर पटरी पर लौटने की उम्मीद है।
परिजनों को 55 लाख से अधिक का मुआवजा
समझौते के तहत मृतक अजय और रामबाबू के परिवारों को 55 लाख 25 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। यह राशि अजय की माता छोटी देवी और रामबाबू की पत्नी पूनम देवी को प्रदान की जाएगी। मुआवजे में अलग-अलग विभागों और जनप्रतिनिधियों का योगदान शामिल है।
किस्तों में दिया जाएगा भुगतान
प्रशासन ने भुगतान प्रक्रिया को चरणबद्ध तरीके से लागू किया है। समझौते के दिन ही दोनों परिवारों को 5-5 लाख रुपये की पहली किस्त दी गई। इसके बाद निर्धारित तिथियों पर आगे की किस्तें जारी की जाएंगी, जिससे परिवारों को तत्काल राहत मिल सके।
आश्रितों को नौकरी और डेयरी बूथ की सुविधा
सिर्फ मुआवजा ही नहीं, बल्कि मृतकों के परिवारों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने एक-एक आश्रित को संविदा पर नौकरी देने का निर्णय लिया है। इसके अलावा आजीविका के लिए दोनों परिवारों को डेयरी बूथ भी उपलब्ध कराए जाएंगे।
हड़ताल समाप्त, सफाई व्यवस्था होगी बहाल
प्रशासन के फैसले के बाद यूनियन ने हड़ताल खत्म करने का ऐलान कर दिया है। कर्मचारियों से अपील की गई है कि वे वापस काम पर लौटें और शहर की सफाई व्यवस्था को सामान्य बनाने में सहयोग करें। जल्द ही विशेष सफाई अभियान चलाकर स्थिति को पूरी तरह दुरुस्त करने की योजना है।
Saloni Kushwaha 
