Rajasthan Waterfalls: राजस्थान में भी हैं ‘मिनी नियाग्रा’, मानसून में खूबसूरत हो जाते हैं ये 7 झरने

Rajasthan Waterfalls: मानसून में राजस्थान के ये 7 खूबसूरत झरने हरियाली और प्राकृतिक सुंदरता से भर जाते हैं। जानें मेनाल, गैपरनाथ, भीमलत समेत खूबसूरत झरनों की पूरी जानकारी।

Rajasthan Waterfalls: राजस्थान में भी हैं ‘मिनी नियाग्रा’, मानसून में खूबसूरत हो जाते हैं ये 7 झरने
Waterfall

Rajasthan Waterfalls: राजस्थान का नाम आते ही आमतौर पर लोगों के जेहन में किले, महल, रेगिस्तान और राजघरानों की शाही विरासत की तस्वीर उभरती है। देश-विदेश से पर्यटक इन्हीं ऐतिहासिक और सांस्कृतिक स्थलों को देखने राजस्थान पहुंचते हैं। लेकिन राजस्थान की खूबसूरती सिर्फ किलों और महलों तक सीमित नहीं है।

मानसून के दौरान प्रदेश के कई इलाकों में प्राकृतिक झरने जीवंत हो उठते हैं। पहाड़ियों, जंगलों और हरियाली के बीच बहते ये झरने बारिश के मौसम में बेहद आकर्षक नजर आते हैं। अगर आप भी इस मानसून राजस्थान में प्रकृति के बीच सुकून के पल बिताना चाहते हैं, तो इन झरनों को अपनी ट्रैवल लिस्ट में शामिल कर सकते हैं।

1. मेनाल झरना, चित्तौड़गढ़

चित्तौड़गढ़ जिले में स्थित मेनाल झरना राजस्थान के लोकप्रिय प्राकृतिक स्थलों में शामिल है। इसे कई बार राजस्थान का ‘मिनी नियाग्रा’ भी कहा जाता है। यह झरना ऐतिहासिक मेनाल मंदिर परिसर के आसपास स्थित है।

मानसून में जब पानी तेज धार के साथ गहरी खाई में गिरता है तो यहां का नजारा बेहद खूबसूरत हो जाता है। आसपास की हरियाली और प्राचीन मंदिर इस जगह की खूबसूरती को और बढ़ा देते हैं।

2. गैपरनाथ झरना, कोटा

कोटा के पास पहाड़ियों के बीच स्थित गैपरनाथ झरना प्रकृति प्रेमियों को काफी पसंद आता है। बारिश के मौसम में यहां चारों तरफ हरियाली नजर आती है।

झरने तक पहुंचने के लिए पैदल रास्ते और ट्रेक का सहारा लेना पड़ता है। पास ही स्थित गैपरनाथ मंदिर और पहाड़ी इलाका इस जगह को धार्मिक पर्यटन के साथ-साथ नेचर ट्रिप के लिए भी खास बनाता है।

3. भीमलत झरना, बूंदी

बूंदी का भीमलत झरना राजस्थान के खूबसूरत जलप्रपातों में गिना जाता है। करीब 150 फीट की ऊंचाई से गिरता पानी नीचे बने प्राकृतिक कुंड में पहुंचता है।

स्थानीय मान्यता के अनुसार इसका संबंध महाभारत काल और भीम से जोड़ा जाता है। हालांकि प्राकृतिक दृष्टि से इसे पहाड़ी क्षेत्र में बना जलप्रपात माना जाता है। मानसून में पानी का बहाव बढ़ने के साथ यहां का प्राकृतिक दृश्य और भी आकर्षक हो जाता है।

4. चूलिया झरना, रावतभाटा

चूलिया झरना रावतभाटा क्षेत्र में राणा प्रताप सागर बांध के आसपास स्थित है। यह अपनी प्राकृतिक चट्टानों और तेज बहते पानी के लिए जाना जाता है।

मानसून के दौरान पानी का बहाव बढ़ने से झरने की खूबसूरती कई गुना बढ़ जाती है। चट्टानी संरचनाओं के बीच बहता पानी यहां आने वाले पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र रहता है।

5. पड़ाझर महादेव झरना, रावतभाटा

रावतभाटा में स्थित पड़ाझर महादेव झरना प्राकृतिक सुंदरता और धार्मिक आस्था का अनोखा मेल है। यह रामेश्वर महादेव गुफा मंदिर के पास स्थित है।

जंगल और चट्टानों से घिरे इस क्षेत्र में बारिश के दौरान हरियाली बढ़ जाती है। शांत वातावरण के कारण यह जगह प्रकृति के बीच कुछ समय बिताने के लिए अच्छी मानी जाती है।

6. ध्रूड़िया झरना, माउंट आबू

राजस्थान के एकमात्र हिल स्टेशन माउंट आबू में स्थित ध्रूड़िया झरना मानसून के दौरान बेहद खूबसूरत नजर आता है। यह घने जंगलों और पहाड़ी क्षेत्र के बीच स्थित है।

झरने तक पहुंचने के लिए ट्रेकिंग करनी पड़ती है। रास्ते में घने जंगल, हरियाली और पहाड़ी वातावरण सफर को रोमांचक बनाते हैं। एडवेंचर और नेचर लवर्स के लिए यह एक अच्छा विकल्प हो सकता है।

7. गर्भाजी या गढ़वाजी झरना, अलवर

अलवर की अरावली पहाड़ियों में गर्भाजी (गढ़वाजी) झरना एक खूबसूरत और अपेक्षाकृत शांत प्राकृतिक स्थल है। यह सिलीसेढ़ झील के आसपास के क्षेत्र में स्थित है।

बारिश के मौसम में चट्टानों से गिरता पानी, आसपास की हरियाली और जंगल इस जगह को बेहद मनमोहक बना देते हैं। शहर की भीड़ से दूर प्रकृति के बीच समय बिताने वालों के लिए यह जगह खास हो सकती है।

मानसून में बदल जाती है राजस्थान की तस्वीर

राजस्थान को सिर्फ रेगिस्तान और ऐतिहासिक धरोहरों के लिए जानना अधूरा होगा। मानसून के दौरान प्रदेश की अरावली और पहाड़ी क्षेत्रों में मौजूद ये झरने राजस्थान के एक अलग ही प्राकृतिक रूप से रूबरू कराते हैं।

अगर आप बारिश के मौसम में इन जगहों की यात्रा कर रहे हैं तो फिसलन, तेज पानी और स्थानीय मौसम की स्थिति को ध्यान में रखते हुए सावधानी बरतें और स्थानीय प्रशासन की सलाह का पालन करें।