अखिलेश यादव ने जेल में आजम खान से की मुलाकात, 2027 चुनाव को लेकर BJP पर साधा निशाना
अखिलेश यादव ने रामपुर जेल में आजम खान से मुलाकात की। करीब एक घंटे की बातचीत के बाद सपा प्रमुख ने बीजेपी पर निशाना साधा और 2027 चुनाव में PDA व सामाजिक न्याय पर जोर दिया।
उत्तर प्रदेश की राजनीति में 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर हलचल तेज होती नजर आ रही है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने गुरुवार को रामपुर जिला जेल में पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान से मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच करीब एक घंटे तक बातचीत हुई। मुलाकात के बाद अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी का लक्ष्य बीजेपी को हराना है।
रामपुर जेल में करीब एक घंटे तक हुई बातचीत
अखिलेश यादव गुरुवार को रामपुर पहुंचे और जिला कारागार में आजम खान से मुलाकात की। इस दौरान आजम खान के बड़े बेटे अदीब भी उनके साथ नजर आए। मुलाकात के बाद अखिलेश यादव ने राजनीतिक मुद्दों पर अपनी बात रखी और आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर पार्टी की रणनीति के संकेत दिए।
अखिलेश यादव बोले- बीजेपी को हराना हमारा लक्ष्य
सपा प्रमुख ने कहा कि समाजवादी पार्टी का उद्देश्य स्पष्ट है। पार्टी बीजेपी को हराने के लिए काम कर रही है और कार्यकर्ता भी इसी लक्ष्य को हासिल करने के लिए जुटे हैं।
अखिलेश यादव ने दावा किया कि बीजेपी को आगामी चुनाव में जनता के विरोध का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने 2024 के लोकसभा चुनाव के नतीजों का उल्लेख करते हुए कहा कि 2027 के विधानसभा चुनाव में भी उनकी पार्टी जनता के मुद्दों को लेकर मैदान में उतरेगी।
2027 चुनाव में PDA और सामाजिक न्याय पर रहेगा जोर
अखिलेश यादव ने कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी का फोकस PDA, सामाजिक न्याय और सच्चाई जैसे मुद्दों पर रहेगा। PDA का मतलब पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक वर्गों से है।
उन्होंने शैक्षणिक संस्थानों और विश्वविद्यालयों की भूमिका का जिक्र करते हुए कहा कि इनका उद्देश्य PDA समुदाय के लोगों को आगे बढ़ने के अवसर देना भी होना चाहिए।
आजम खान से मुलाकात के सियासी मायने
रामपुर में अखिलेश यादव और आजम खान की मुलाकात को उत्तर प्रदेश की राजनीति के लिहाज से अहम माना जा रहा है। विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी के वरिष्ठ नेता से उनकी बातचीत ऐसे समय हुई है, जब सभी प्रमुख दल अपनी राजनीतिक रणनीति मजबूत करने में जुटे हैं।
हालांकि, इस मुलाकात में किन-किन मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई, इसकी पूरी जानकारी सामने नहीं आई है। वहीं, 2027 के चुनाव में किस पार्टी को बढ़त मिलेगी, इसका फैसला मतदाता करेंगे। फिलहाल अखिलेश यादव ने बीजेपी को चुनौती देते हुए PDA और सामाजिक न्याय को अपनी पार्टी की प्राथमिकताओं में शामिल किया है।

