सिरोही में गुरु के पोस्टर पर विवाद, फिर संत की हत्या! त्रिवेणी गिरि महाराज हत्याकांड में दो गिरफ्तार

राजस्थान के सिरोही में संत त्रिवेणी गिरि महाराज की हत्या का पुलिस ने खुलासा किया। गुरु के पोस्टर को लेकर विवाद की बात सामने आई, संत तुलसी गिरि समेत दो गिरफ्तार, तीसरे आरोपी की तलाश जारी।

सिरोही में गुरु के पोस्टर पर विवाद, फिर संत की हत्या! त्रिवेणी गिरि महाराज हत्याकांड में दो गिरफ्तार

राजस्थान के सिरोही जिले में संत त्रिवेणी गिरि महाराज की हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। पुलिस के मुताबिक, मंदिर में गुरु के पोस्टर लगाने को लेकर हुए विवाद के बाद रंजिश में हत्या की साजिश रची गई। मामले में संत तुलसी गिरि महाराज समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि एक अन्य आरोपी फरार है। वारदात के पीछे की वजह और आरोपियों की भूमिका को लेकर पुलिस जांच कर रही है।

आश्रम की छत पर मिला था संत का शव

पुलिस के अनुसार, 1 अक्टूबर 2026 को पागल गिरि उर्फ पागल बाबा ने सूचना दी थी कि उनके गुरु भाई त्रिवेणी गिरि महाराज (70) का शव कबेश्वर महादेव मंदिर के आश्रम की छत पर पड़ा है। त्रिवेणी गिरि महाराज पिछले दो-तीन वर्षों से आश्रम में रह रहे थे।

सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। शव दो-तीन दिन पुराना होने के कारण काफी खराब हो चुका था। कमरे में सामान बिखरा हुआ मिलने से मामले में संदेह गहरा गया। इसके बाद मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम करवाया गया।

गुरु के पोस्टर लगाने पर हुआ था विवाद

जिला पुलिस अधीक्षक डॉ. अजेय सिंह राठौड़ के अनुसार, जांच में सामने आया कि श्रावण मास के दौरान मंदिर में गुरु के पोस्टर लगाने को लेकर त्रिवेणी गिरि महाराज और तुलसी गिरि महाराज के बीच कहासुनी हुई थी। दोनों के बीच खुद को नागा बाबा बताने को लेकर भी विवाद हुआ था।

पुलिस का दावा है कि इसी विवाद के बाद तुलसी गिरि ने रंजिश पाल ली और बदला लेने की योजना बनाई। जांच में तकनीकी साक्ष्यों और अन्य तथ्यों के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने की बात कही गई है।

मोटरसाइकिल से पहुंचे आरोपी, रात में वारदात को दिया अंजाम

पुलिस के मुताबिक, 29 सितंबर 2026 को तुलसी गिरि मोटरसाइकिल से सुमेरपुर पहुंचा। वहां से वह श्रवण कुमार गमेती भील और एक अन्य साथी को लेकर आया। आरोप है कि तुलसी गिरि ने दोनों को अंदरूनी रास्तों से कबेश्वर महादेव मंदिर पहुंचने का रास्ता बताया और फिर उन्हें वहां छोड़ दिया।

पुलिस के अनुसार, दोनों पैदल मंदिर पहुंचे और रात में आश्रम की छत पर सो रहे त्रिवेणी गिरि महाराज की हत्या कर दी। वारदात के बाद आरोपियों ने कमरे में सामान खंगाला और वहां से कुछ सामान लेकर फरार हो गए।

संत तुलसी गिरि समेत दो आरोपी गिरफ्तार

पुलिस ने हत्या के आरोप में तोलाराम उर्फ तुलसी गिरि महाराज (58), निवासी पाली जिले के कोठार क्षेत्र और हाल निवासी कोलीवाड़ा, तथा श्रवण कुमार गमेती भील (32), निवासी उदयपुर जिले के कोटड़ा क्षेत्र को गिरफ्तार किया है।

पुलिस ने दोनों आरोपियों को अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें पुलिस रिमांड पर सौंप दिया गया। तीसरे आरोपी की तलाश जारी है। पुलिस का कहना है कि पूछताछ के दौरान वारदात से जुड़े अन्य पहलुओं और फरार आरोपी की भूमिका के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।

साइबर सेल ने भी जांच में निभाई भूमिका

इस मामले का खुलासा करने में शिवगंज थाना पुलिस, वृत्त कार्यालय और सिरोही साइबर सेल की टीम ने भूमिका निभाई। पुलिस अधीक्षक ने जांच में योगदान देने वाले पुलिसकर्मियों को सम्मान पत्र देकर सराहना की।

फिलहाल पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है। गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों पर अंतिम निर्णय न्यायिक प्रक्रिया के तहत होगा।