स्कॉर्पियो खरीदने के लिए रची 20 लाख की लूट की कहानी, 3 घंटे में खुला राज

चित्तौड़गढ़ में मजदूरों के भुगतान के 19.83 लाख रुपये की लूट की कथित कहानी तीन घंटे में खुल गई। पुलिस के मुताबिक, स्कॉर्पियो खरीदने के लिए मुनीम ने रकम छिपाकर झूठी लूट की सूचना दी।

स्कॉर्पियो खरीदने के लिए रची 20 लाख की लूट की कहानी, 3 घंटे में खुला राज

राजस्थान के चित्तौड़गढ़ में दीपावली से पहले स्कॉर्पियो खरीदने की चाह में एक मुनीम ने कथित तौर पर खुद ही लूट की झूठी कहानी रच दी। मजदूरों के भुगतान के लिए ले जाए जा रहे करीब 20 लाख रुपये झाड़ियों में छिपाए और पुलिस को तीन नकाबपोश बदमाशों के लूटकर भागने की सूचना दे दी। हालांकि, पुलिस की जांच में कहानी के समय का हिसाब नहीं मिला और महज तीन घंटे में पूरे मामले का खुलासा हो गया।

मामला चित्तौड़गढ़ के सदर थाना क्षेत्र का है। पुलिस के मुताबिक, उदयपुर जिले के खेताखेड़ा निवासी 30 वर्षीय बालकिशन सिंचाई विभाग के एक ठेकेदार के यहां मुनीम का काम करता है। सोमवार सुबह वह ठेकेदार कैलाश चौधरी से रकम लेकर बस्सी से धरियावद की ओर निकला था। यह पैसा काम कर रहे मजदूरों को भुगतान करने के लिए दिया गया था।

सुबह करीब 10:30 बजे पुलिस को सूचना मिली कि कोटा-उदयपुर हाईवे पर बोजुंदा पुलिया के पास तीन नकाबपोश बदमाश मुनीम का पैसों से भरा बैग लूटकर फरार हो गए हैं। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की।

खाली बैग और समय के अंतर ने खोली पोल

घटनास्थल की जांच के दौरान पुलिस को खाली बैग पास में ही मिल गया। कथित लूट के बावजूद बैग वहीं मिलना और जबरन छीना-झपटी के ठोस निशान नहीं दिखना पुलिस के लिए संदेह का कारण बना। इसके बाद पुलिस ने मुनीम के बताए घटनाक्रम और बस्सी से बोजुंदा पुलिया तक पहुंचने में लगने वाले समय का मिलान किया।

जांच में मुनीम के बताए समय और वास्तविक समय के बीच करीब 25 मिनट का अंतर सामने आया। वह इस अंतर का संतोषजनक जवाब नहीं दे पाया, जिसके बाद पुलिस ने उससे गहन पूछताछ की।

झाड़ियों में छिपाए 19.83 लाख रुपये

सदर थानाधिकारी प्रेम सिंह के अनुसार, पूछताछ में बालकिशन ने कथित तौर पर स्वीकार किया कि वह दीपावली से पहले स्कॉर्पियो खरीदना चाहता था। इसी लालच में उसने रकम झाड़ियों में छिपा दी और अपने मोबाइल को तोड़कर फेंक दिया, ताकि मामला लूट का लगे।

पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर बोजुंदा पुलिया के पास झाड़ियों से पूरे 19 लाख 83 हजार रुपये बरामद कर लिए। मौके से टूटा हुआ मोबाइल और बाइक भी बरामद की गई। पुलिस ने करीब तीन घंटे में मामले का खुलासा करते हुए मुनीम को हिरासत में लिया। मजदूरों के भुगतान के लिए ले जाई जा रही रकम बरामद होने से कथित लूट की पूरी कहानी सामने आ गई।