अतर सिंह भड़ाना हत्याकांड में नया मोड़, घटनास्थल से मिले कारतूस के 2 खोल; फायरिंग की जांच तेज
अतर सिंह भड़ाना हत्याकांड में घटनास्थल से कारतूस के दो खोल मिलने की जानकारी सामने आई है। जानिए FSL जांच, CCTV फुटेज और आरोपियों के रिमांड से जुड़े नए अपडेट।
भरतपुर के पूर्व विधायक अतर सिंह भड़ाना की हत्या के मामले में फायरिंग को लेकर जांच के दौरान नया तथ्य सामने आया है। घटनास्थल से फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) की टीम को कारतूस के दो खोल मिलने की जानकारी है। शुरुआती अनुमान के मुताबिक, ये खोल देसी कट्टे के हो सकते हैं। इस बरामदगी के बाद अब पुलिस के सामने यह पता लगाने की चुनौती है कि घटना के दौरान गोली चली थी तो उसे किसने चलाया और फायरिंग किस पक्ष की ओर से हुई।
इस मामले में पहले से ही गोली चलने को लेकर अलग-अलग दावे सामने आ रहे थे। अतर सिंह भड़ाना की पत्नी कमलेश ने हमले के दौरान फायरिंग होने की बात कही थी, जबकि पुलिस की ओर से इस दावे की पुष्टि नहीं की गई थी। अब कारतूस के खोल मिलने के बाद जांच में इस पहलू को भी प्रमुखता से खंगाला जा रहा है। हालांकि, केवल खोल मिलने से यह स्पष्ट नहीं होता कि गोली किसने चलाई या घटना में उसका क्या इस्तेमाल हुआ।
FSL की बरामदगी के बाद फायरिंग के एंगल पर जांच
11 अक्टूबर की शाम हुई वारदात के बाद से ही हमले की परिस्थितियों को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। FSL टीम को घटनास्थल से मिले दो कारतूस के खोल जांच के लिए अहम माने जा रहे हैं। इनके आधार पर यह पता लगाने की कोशिश की जा सकती है कि इस्तेमाल किए गए कारतूस किस प्रकार के हथियार से जुड़े हो सकते हैं।
दूसरी ओर, घटनास्थल पर किसी दीवार या वाहन पर गोली लगने के निशान मिलने की जानकारी नहीं है। ऐसे में पुलिस को बरामदगी और घटनास्थल से जुड़े अन्य साक्ष्यों का मिलान करना होगा। फायरिंग किसने की और किस दिशा से गोली चली, इन सवालों का जवाब जांच पूरी होने के बाद ही सामने आ सकेगा।
CCTV फुटेज से खुल सकती हैं वारदात की कड़ियां
पुलिस घटना से संबंधित CCTV फुटेज हासिल करने का प्रयास कर रही है। बताया जा रहा है कि अतर सिंह भड़ाना की पत्नी कमलेश के पास मौजूद DVR में घटना से जुड़ी रिकॉर्डिंग हो सकती है। पुलिस इस फुटेज को हासिल कर वारदात के क्रम और मौके पर मौजूद लोगों की गतिविधियों की पड़ताल करना चाहती है।
यदि रिकॉर्डिंग उपलब्ध होती है, तो इससे जांच में सामने आए तथ्यों का मिलान करने में मदद मिल सकती है। फिलहाल फायरिंग से जुड़े दावों और घटनास्थल से मिले साक्ष्यों के बीच संबंध स्थापित करना जांच का अहम हिस्सा है।
पांच आरोपियों को दो दिन का पुलिस रिमांड
मामले में गिरफ्तार पांच आरोपियों—भागमल, सोनी, शेरसिंह, बलदेव और कुंवरसिंह—को बुधवार को न्यायिक मजिस्ट्रेट सुविहाय हाफिज सिद्दकी के समक्ष पेश किया गया। पुलिस ने पूछताछ और वारदात से जुड़े तथ्यों की जानकारी जुटाने के लिए तीन दिन का रिमांड मांगा था। अदालत ने पांचों आरोपियों को दो दिन के पुलिस रिमांड पर सौंपा।
पुलिस इस दौरान आरोपियों से पूछताछ कर घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की जानकारी जुटा सकती है। वहीं, अन्य आरोपियों की तलाश में अलग-अलग स्थानों पर दबिश दिए जाने की भी जानकारी है। फिलहाल इस मामले में जांच जारी है और सभी आरोपों की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के तहत होनी है।
सोशल मीडिया पोस्ट और सुरक्षाकर्मियों के वीडियो भी जांच के दायरे में
पुलिस घटना से पहले सोशल मीडिया पर साझा की गई पोस्ट और पूर्व विधायक के कुछ सुरक्षाकर्मियों के वीडियो की भी पड़ताल कर रही है। पुलिस के अनुसार, लीज के रास्ते को लेकर पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर ऐसी पोस्ट साझा की जा रही थीं, जिनकी भूमिका की जांच की जा रही है।
इसके अलावा, सात अक्टूबर को विवाद से जुड़े धरना स्थल से प्रदर्शनकारियों को हटाए जाने की बात भी सामने आई है। पुलिस वायरल वीडियो और पोस्ट की जांच कर यह समझने का प्रयास कर रही है कि घटना से पहले विवाद किस स्थिति में था और क्या इन गतिविधियों का वारदात से कोई संबंध है। इन पहलुओं पर अभी जांच जारी है।
गुलाबचंद कटारिया और अशोक गहलोत ने परिजनों से की मुलाकात
इस बीच पंजाब के राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया और राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने हरियाणा के फरीदाबाद स्थित अतर सिंह भड़ाना के आवास पहुंचकर उनके परिजनों से मुलाकात की। दोनों नेताओं ने परिवार से घटना की जानकारी ली और मामले में उचित कार्रवाई के लिए राज्य सरकार से बातचीत करने का आश्वासन दिया।
फिलहाल पुलिस के सामने फायरिंग से जुड़े तथ्यों की पुष्टि, CCTV फुटेज हासिल करना, सोशल मीडिया पोस्ट की जांच और अन्य आरोपियों की तलाश जैसी चुनौतियां हैं। घटनास्थल से कारतूस के दो खोल मिलने के बाद यह जानना महत्वपूर्ण होगा कि वे वारदात से किस तरह जुड़े हैं। जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही फायरिंग की वास्तविक परिस्थितियों और इसमें शामिल लोगों की भूमिका स्पष्ट हो सकेगी।

