दौसा में नाबालिग से गैंगरेप, प्रसव के दौरान नवजात की मौत; अस्पताल में भर्ती पीड़िता
दौसा में 16 वर्षीय नाबालिग से कथित गैंगरेप के दौरान प्रसव हो गया। पीड़िता ने बच्ची को जन्म दिया, लेकिन नवजात की मौत हो गई। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
राजस्थान के दौसा जिले से एक बेहद गंभीर और संवेदनशील मामला सामने आया है। यहां 16 वर्षीय नाबालिग के साथ कथित तौर पर तीन आरोपियों ने गैंगरेप किया। घटना के दौरान पीड़िता को प्रसव पीड़ा शुरू हो गई और उसने एक बच्ची को जन्म दिया। जन्म के बाद नवजात की मौत हो गई। वहीं पीड़िता को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
कार में बैठाकर एक्सप्रेसवे के पास ले जाने का आरोप
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, घटना रात के समय की बताई जा रही है। आरोप है कि तीन लोग नाबालिग को कार में बैठाकर दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के आसपास के इलाके में ले गए। वहां उसके साथ कथित तौर पर सामूहिक दुष्कर्म किया गया।
घटना के दौरान ही नाबालिग को प्रसव पीड़ा होने लगी। इसी बीच उसने एक बच्ची को जन्म दिया। आरोपियों ने कथित तौर पर पीड़िता और नवजात को वहां छोड़ दिया और मौके से फरार हो गए।
नवजात को कपड़ों में लपेटकर अस्पताल पहुंची पीड़िता
बताया जा रहा है कि घटना के बाद पीड़िता किसी तरह नवजात को कपड़ों में लपेटकर मदद मांगने पहुंची। वहां मौजूद एक व्यक्ति की सहायता से उसे अस्पताल ले जाया गया। चिकित्सकों ने जांच के बाद नवजात को मृत घोषित कर दिया।
पीड़िता का अस्पताल में उपचार चल रहा है।
पहले से शोषण के भी आरोप
मामले की जांच में यह बात भी सामने आई है कि आरोपियों में से एक पर नाबालिग के साथ पहले भी गलत संबंध बनाने के आरोप हैं। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक फरवरी और मई 2026 में भी ऐसी घटनाएं होने की बात सामने आई है। इसी अवधि के दौरान नाबालिग के गर्भवती होने की जानकारी सामने आई है।
हालांकि, इन सभी आरोपों की पुष्टि पुलिस की जांच, पीड़िता के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर ही हो सकेगी।
पुलिस ने शुरू की जांच
घटना की सूचना मिलने के बाद कोलवा थाना पुलिस अस्पताल पहुंची। थानाधिकारी मनोहर लाल ने अस्पताल पहुंचकर मामले की जानकारी ली। पुलिस पीड़िता के बयान दर्ज करने की प्रक्रिया में जुटी है।
पुलिस का कहना है कि पीड़िता के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर घटना की पूरी परिस्थितियों की जांच की जाएगी। साथ ही आरोपियों की भूमिका और वारदात से जुड़े अन्य पहलुओं का भी पता लगाया जा रहा है।
नाबालिग की सुरक्षा को लेकर उठे सवाल
दौसा की इस घटना ने नाबालिगों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल पुलिस की जांच का मुख्य फोकस आरोपियों की पहचान, घटना की पूरी कड़ी और पीड़िता के साथ पहले हुई कथित घटनाओं की जानकारी जुटाने पर है।
मामला संवेदनशील होने के कारण पुलिस की जांच और पीड़िता के बयान के बाद ही घटना से जुड़े तथ्यों की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।

