उदयपुर में गैंग पर हमले की तैयारी में थे दो बदमाश, अंबेरी की काली पहाड़ी पर पुलिस ने घेरकर दबोचा, पिस्टल और मैगजीन बरामद

उदयपुर में दूसरे गैंग पर हमले की फिराक में घूम रहे दो हिस्ट्रीशीटर अंबेरी की काली पहाड़ी से गिरफ्तार। दो अवैध पिस्टल और चार मैगजीन बरामद, जांच जारी।

उदयपुर में गैंग पर हमले की तैयारी में थे दो बदमाश, अंबेरी की काली पहाड़ी पर पुलिस ने घेरकर दबोचा, पिस्टल और मैगजीन बरामद

उदयपुर। प्रतिद्वंद्वी गैंग पर हमला करने की योजना बना रहे दो शातिर बदमाशों को सुखेर थाना पुलिस और जिला स्पेशल टीम (डीएसटी) ने गिरफ्तार कर लिया। पुलिस को पहले से इनपुट मिला था कि दो युवक हथियार लेकर इलाके में घूम रहे हैं। दोनों के पास से दो अवैध पिस्टल और चार मैगजीन बरामद हुई हैं। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे ये हथियार दूसरे गैंग के सदस्यों को निशाना बनाने के लिए लाए थे।

थानाधिकारी भरत योगी के अनुसार पकड़े गए आरोपियों में फरदीन खान उर्फ गांजा और फैजल आलम शामिल हैं। फरदीन मूल रूप से शांतिनगर सेक्टर 5 का रहने वाला है और फिलहाल डी ब्लॉक, सेक्टर 14 में रह रहा था। फैजल किशनपोल के खांजीपीर इलाके का निवासी है। पुलिस को सूचना मिली थी कि फरदीन अपने एक साथी के साथ अंबेरी क्षेत्र में अवैध हथियार लेकर घूम रहा है।

काली पहाड़ी पर हुई घेराबंदी

सूचना की पुष्टि होते ही सुखेर थाना पुलिस और डीएसटी की संयुक्त टीम ने अंबेरी की काली पहाड़ी पर दबिश दी। वहां मिले दोनों युवकों को रोककर तलाशी ली गई तो हर एक के पास से एक पिस्टल और मैगजीन निकली। पुलिस ने हथियार जब्त कर दोनों को हिरासत में ले लिया।

मोबाइल में मिले हथियार सौदों के सुराग

जांच के दौरान आरोपियों के मोबाइल फोन खंगाले गए तो उनमें हथियारों की खरीद-बिक्री से जुड़ी चैट और कॉल रिकॉर्ड सामने आए। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि हथियार कहां से आए और इस नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल है।

दोनों का लंबा आपराधिक इतिहास

फरदीन सवीना थाने का हार्डकोर अपराधी बताया गया है। उदयपुर के अलग-अलग थानों में उस पर 22 मुकदमे और दूसरे जिलों में 3 मामले दर्ज हैं। इनमें मारपीट, लूट, हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट जैसी धाराएं शामिल हैं। वहीं फैजल सूरजपोल थाने का हिस्ट्रीशीटर है और उसके खिलाफ मारपीट, हत्या के प्रयास व आर्म्स एक्ट के 8 केस दर्ज हैं।

अफसरों की निगरानी में कार्रवाई

यह कार्रवाई एसपी डॉ. अमृता दुहन के निर्देश पर हुई। एएसपी सिटी उमेश ओझा, प्रशिक्षु आइपीएस सिद्धार्थ श्रीवास्तव और नगर पश्चिम वृत्ताधिकारी राजेश यादव की देखरेख में सुखेर थानाधिकारी भरत योगी और डीएसटी प्रभारी एएसआई योगेश कुमार की टीम ने आरोपियों को पकड़ा।