अमेरिका-ईरान समझौते का असर! कच्चे तेल में बड़ी गिरावट, वैश्विक बाजार को मिली राहत

अमेरिका-ईरान समझौते की खबर के बाद कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। ब्रेंट क्रूड और WTI दोनों में कमजोरी आई, जिससे वैश्विक बाजारों को राहत मिली।

अमेरिका-ईरान समझौते का असर! कच्चे तेल में बड़ी गिरावट, वैश्विक बाजार को मिली राहत
कच्चा तेल

अमेरिका और ईरान के बीच संभावित समझौते की खबर ने अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में बड़ा असर डाला है। सोमवार को कारोबार के दौरान कच्चे तेल की कीमतों में तेज गिरावट दर्ज की गई, जिससे वैश्विक बाजारों में राहत का माहौल देखने को मिला।

ब्रेंट क्रूड की कीमत करीब 4 प्रतिशत तक लुढ़ककर 83.96 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गई, जबकि अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड भी गिरकर 80.25 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर आ गया। हाल के दिनों में यह तेल बाजार की सबसे बड़ी गिरावटों में से एक मानी जा रही है।

विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ती कूटनीतिक सहमति ने निवेशकों की चिंताओं को काफी हद तक कम कर दिया है। पिछले कई महीनों से दोनों देशों के बीच तनाव के कारण तेल आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका बनी हुई थी, जिसके चलते कीमतों में अस्थिरता देखी जा रही थी।

इस पूरे घटनाक्रम का सबसे महत्वपूर्ण पहलू होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से जुड़ा है। यह दुनिया के सबसे अहम ऊर्जा मार्गों में गिना जाता है, जहां से वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा गुजरता है। समझौते की खबर के बाद इस मार्ग पर सामान्य गतिविधियां बहाल होने की उम्मीद बढ़ी है, जिससे तेल आपूर्ति को लेकर बाजार का भरोसा मजबूत हुआ है।

कच्चे तेल की कीमतों में आई नरमी का असर केवल ऊर्जा क्षेत्र तक सीमित नहीं रहा। एशियाई शेयर बाजारों में भी सकारात्मक माहौल देखने को मिला। निवेशकों को उम्मीद है कि यदि तेल की कीमतें नियंत्रित रहती हैं, तो महंगाई पर दबाव कम होगा और वैश्विक अर्थव्यवस्था को राहत मिल सकती है।

बाजार विशेषज्ञ अब अमेरिका-ईरान वार्ता और होर्मुज क्षेत्र की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं, क्योंकि आने वाले दिनों में यही घटनाक्रम तेल की कीमतों की दिशा तय कर सकते हैं।