जामिया में 14 दिन से भूख हड़ताल पर छात्र, स्टूडेंट यूनियन चुनाव समेत 3 मांगों पर अड़े; प्रशासन पर लगाए गंभीर आरोप
जामिया मिल्लिया इस्लामिया में छात्र 14 दिनों से भूख हड़ताल पर हैं। जानें स्टूडेंट यूनियन चुनाव, हॉस्टल में प्रवेश और मेडिकल सुविधाओं को लेकर छात्रों की तीन प्रमुख मांगें।
जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्वविद्यालय में छात्र आंदोलन तेज हो गया है। स्टूडेंट यूनियन की बहाली समेत तीन मांगों को लेकर छात्र पिछले 14 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे हैं। प्रदर्शनकारी छात्रों का आरोप है कि उन्हें हॉस्टल में प्रवेश, चिकित्सा सुविधा और कैंपस में आने-जाने में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्र संघ का संविधान तैयार करने के लिए एक कमेटी बनाई है, लेकिन छात्र चुनाव की तारीख घोषित करने की मांग पर अड़े हुए हैं।
जामिया में छात्रों की क्या हैं तीन प्रमुख मांगें?
प्रदर्शनकारी छात्रों की प्रमुख मांगों में स्टूडेंट यूनियन की बहाली, छात्र संघ चुनाव की तारीख घोषित करना और प्रदर्शन में शामिल छात्रों के खिलाफ की गई अनुशासनात्मक कार्रवाई वापस लेना शामिल है। इसके अलावा, छात्र मुख्य प्रॉक्टर को हटाने की भी मांग कर रहे हैं।
छात्रों के मुताबिक, कैंपस में करीब 100 से 150 विद्यार्थी धरने पर बैठे हैं। भूख हड़ताल कर रहे छात्रों का कहना है कि छात्र संघ नहीं होने के कारण उनकी समस्याओं को उचित मंच नहीं मिल पा रहा है।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने बनाई कमेटी
विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्र संघ का संविधान तैयार करने के लिए एक कमेटी गठित की है। हालांकि, प्रदर्शनकारी छात्र केवल कमेटी बनाए जाने से संतुष्ट नहीं हैं। उनकी मांग है कि प्रशासन छात्र संघ चुनाव कराने की समयसीमा भी घोषित करे।
24 अक्टूबर को प्रदर्शन के दौरान छात्रों और सुरक्षा कर्मियों के बीच टकराव होने की खबर सामने आई थी। इसके बाद विश्वविद्यालय ने सभी कक्षाएं ऑनलाइन करने और लाइब्रेरी बंद रखने का फैसला लिया।
हॉस्टल में प्रवेश और मेडिकल सुविधा को लेकर आरोप
प्रदर्शनकारी छात्रों ने आरोप लगाया है कि पहचान पत्र होने के बावजूद उन्हें हॉस्टल में प्रवेश नहीं दिया जा रहा है। कुछ छात्रों ने स्वास्थ्य संबंधी परेशानी के दौरान हेल्थ केयर सेंटर तक पहुंचने में भी दिक्कत होने की बात कही।
छात्र अरमान मलिक के मुताबिक, उनका हॉस्टल कैंपस में है, लेकिन आईडी कार्ड होने के बावजूद उन्हें अंदर जाने से रोका जा रहा है। उन्होंने खाने और तबीयत खराब होने की स्थिति में चिकित्सा सुविधा तक पहुंचने को लेकर भी परेशानी जताई।
अन्य छात्रों और छात्राओं ने भी हॉस्टल में प्रवेश तथा मेडिकल इमरजेंसी के दौरान अस्पताल जाने में बाधा आने के आरोप लगाए हैं। हालांकि, इन आरोपों पर विश्वविद्यालय प्रशासन का विस्तृत पक्ष सामने आने की जानकारी इस रिपोर्ट में नहीं दी गई है।
सुरक्षा कर्मियों के व्यवहार पर भी सवाल
प्रदर्शनकारी छात्रों ने सुरक्षा कर्मियों के व्यवहार को लेकर भी शिकायतें की हैं। कुछ छात्रों का आरोप है कि उनके साथ अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया गया। छात्रों का कहना है कि यदि छात्र संघ बहाल होता, तो वे अपनी समस्याओं को संगठित तरीके से प्रशासन के सामने रख पाते।
कैंपस में विवादित नारे लिखे जाने का मामला भी सामने आया है। हालांकि, प्रदर्शनकारी छात्रों ने इन नारों से अपना संबंध होने से इनकार किया है।
छात्र संघ चुनाव की मांग पर जारी है आंदोलन
जामिया में जारी प्रदर्शन का मुख्य मुद्दा छात्र संघ की बहाली और चुनाव की तारीख घोषित करना है। छात्र प्रशासन से अपनी मांगों पर ठोस फैसला लेने की मांग कर रहे हैं। फिलहाल, कमेटी गठन के बावजूद आंदोलन जारी है और हॉस्टल में प्रवेश तथा चिकित्सा सुविधाओं को लेकर छात्रों की शिकायतें भी सामने आ रही हैं।

