‘पिछले 5 साल में एक पैसे का काम नहीं हुआ’, सरपंच पद के दावेदार शंकरलाल यादव का बड़ा आरोप

कुम्हारिया बॉस ग्राम पंचायत से सरपंच पद के दावेदार शंकरलाल यादव ने सड़क, पानी, बिजली, तालाब, सरकारी योजनाओं और युवाओं की शिक्षा को लेकर अपना विजन बताया। जानिए पहले 100 दिनों का रोडमैप।

‘पिछले 5 साल में एक पैसे का काम नहीं हुआ’, सरपंच पद के दावेदार शंकरलाल यादव का बड़ा आरोप

ग्राम पंचायत चुनाव की तैयारियों के बीच स्थानीय विकास के मुद्दे एक बार फिर चर्चा में हैं। गांवों में सड़क, बिजली, पानी और सरकारी योजनाओं की पहुंच को लेकर सवाल उठ रहे हैं। ऐसे में कुम्हारिया बॉस ग्राम पंचायत से सरपंच पद के दावेदार शंकरलाल यादव ने PK Times से विशेष बातचीत में अपनी चुनावी तैयारियों और पंचायत के विकास को लेकर प्रस्तावित योजनाओं पर खुलकर बात की। शंकरलाल यादव ने पिछले पंचायत कार्यकाल की कड़ी आलोचना करते हुए दावा किया कि पंचायत में अपेक्षित विकास कार्य नहीं हुए। उन्होंने कहा कि नई बस रही कॉलोनियों में बिजली की समस्या है, कई इलाकों में बीसलपुर का पानी नहीं पहुंच रहा और सड़कें बदहाल हैं। उन्होंने निर्वाचित होने की स्थिति में शुरुआती 100 दिनों में खराब सड़कों की मरम्मत, बंद पेयजल लाइनों को दुरुस्त कराने और सरकारी योजनाओं का लाभ जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचाने को प्राथमिकता देने की बात कही। पढ़िए PK Times के साथ उनकी विशेष बातचीत के प्रमुख अंश।

सवाल 1: सरपंच पद के दावेदार के रूप में आप किन तैयारियों और मुद्दों के साथ जनता के बीच जा रहे हैं? 

शंकरलाल यादव: हमारी ग्राम पंचायत में ग्रामीणों की बहुत सारी समस्याएं हैं। हमने उन समस्याओं की सूची तैयार की है और उन्हीं को ध्यान में रखकर अपनी प्राथमिकताएं तय की हैं। सबसे बड़ी समस्याओं में बिजली, पानी और सड़क शामिल हैं। नई बस रही कॉलोनियों में लोगों को बिजली की परेशानी हो रही है। बीसलपुर का पानी कई परिवारों तक नहीं पहुंच पा रहा है। सड़कें भी खराब स्थिति में हैं। पिछले सरपंच का कार्यकाल बेहद निराशाजनक रहा। मेरा मानना है कि पंचायत में विकास के नाम पर कोई उल्लेखनीय काम नहीं हुआ। हमारी कोशिश रहेगी कि जनता की समस्याओं को समझकर उनका समाधान किया जाए।

सवाल 2: आपने पिछले सरपंच के कार्यकाल पर सवाल उठाए। आपको सबसे बड़ी कमी क्या दिखाई देती है? 

शंकरलाल यादव: पिछले कार्यकाल में विकास को लेकर बहुत निराशा रही है। मेरे हिसाब से पंचायत के इतिहास में इतना खराब कार्यकाल शायद ही रहा हो। गांव की सड़कें खराब हैं, पेयजल की समस्या बनी हुई है और नई कॉलोनियों में बुनियादी सुविधाएं पर्याप्त नहीं हैं। लोगों की कई समस्याएं लंबे समय से लंबित हैं। मेरा प्रयास रहेगा कि इन समस्याओं की पहचान करके योजनाबद्ध तरीके से काम किया जाए।

सवाल 3: पानी और सड़क की समस्या हर चुनाव में उठती है। आपके पास इनके स्थायी समाधान की क्या योजना है? 

शंकरलाल यादव: समस्याएं हमेशा आती रहती हैं, लेकिन जरूरी यह है कि उनके स्थायी समाधान के लिए काम किया जाए। पानी की व्यवस्था के लिए बेहतर रोडमैप तैयार करेंगे। जहां पाइपलाइन की जरूरत है, वहां सही तरीके से पाइपलाइन बिछाने और मौजूदा व्यवस्था को मजबूत करने का प्रयास करेंगे। हमारी कोशिश होगी कि पानी की आपूर्ति नियमित रहे। ऐसा नहीं होना चाहिए कि कुछ महीने पानी मिले और फिर व्यवस्था बंद हो जाए। सड़क निर्माण में भी गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखेंगे। जिन ठेकेदारों को काम दिया जाएगा, उनके काम की गुणवत्ता की निगरानी की जाएगी। सरकार की जलापूर्ति से जुड़ी योजनाओं का लाभ पंचायत तक पहुंचाने के लिए संबंधित विभागों से समन्वय करेंगे।

सवाल 4: बीसलपुर के पानी की आपूर्ति नियमित नहीं है। इस समस्या को कैसे दूर करेंगे?

शंकरलाल यादव: हमारी प्राथमिकता होगी कि बीसलपुर की पेयजल व्यवस्था से जुड़े तकनीकी मुद्दों को समझा जाए। कई स्थानों पर पाइपलाइन बंद होने या ब्लॉकेज की समस्या सामने आती है। ऐसी समस्याओं को संबंधित विभाग के सहयोग से ठीक कराने का प्रयास करेंगे। जहां नई पाइपलाइन की जरूरत होगी, वहां प्रस्ताव तैयार करवाएंगे। पानी की नियमित आपूर्ति के लिए लगातार निगरानी और विभागीय समन्वय जरूरी है। हम उसी दिशा में काम करेंगे।

सवाल 5: गांव में वर्षा जल संरक्षण और पानी के भंडारण को लेकर आपकी क्या योजना है? 

शंकरलाल यादव: हमारी पंचायत में कई तालाब हैं। इन तालाबों का जीर्णोद्धार कराना हमारी प्राथमिकताओं में रहेगा। बरसात के दौरान बड़ी मात्रा में पानी बहकर निकल जाता है। हम ऐसी व्यवस्था विकसित करने का प्रयास करेंगे, जिससे वर्षा जल को तालाबों तक पहुंचाया जा सके। इसके लिए जरूरत के अनुसार जल निकासी की नालियां और अन्य संरचनाएं बनाने की योजना पर काम करेंगे। तालाबों की गहराई बढ़ाने, उनकी मरम्मत कराने और किनारों को मजबूत करने के प्रयास किए जाएंगे। इससे वर्षा जल संरक्षण बेहतर हो सकता है और ग्रामीणों को उसका लाभ मिल सकता है।

सवाल 6: ग्रामीणों की शिकायत रहती है कि पंचायत कार्यालय में अधिकारी और कर्मचारी समय पर नहीं मिलते। इस व्यवस्था को कैसे सुधारेंगे?

शंकरलाल यादव: मेरा मानना है कि पंचायत में व्यवस्था सुधारने के लिए सबसे पहले सरपंच को खुद सक्रिय रहना होगा। अगर सरपंच नियमित रूप से कार्यालय पहुंचेगा, काम की निगरानी करेगा और ग्रामीणों की समस्याएं सुनेगा, तो कर्मचारियों की जवाबदेही भी बढ़ेगी। सरकार ने कर्मचारियों की उपस्थिति के लिए व्यवस्थाएं बनाई हुई हैं। हम उनका सही पालन सुनिश्चित कराने का प्रयास करेंगे।

जरूरत के अनुसार उपस्थिति रजिस्टर, बायोमेट्रिक व्यवस्था और कैमरों जैसी सुविधाओं के प्रस्ताव पर भी काम करेंगे। हमारा उद्देश्य होगा कि ग्रामीणों को अपने काम के लिए बार-बार पंचायत कार्यालय के चक्कर न लगाने पड़ें।

सवाल 7: गरीब और जरूरतमंद परिवारों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए क्या करेंगे?

शंकरलाल यादव: मेरी प्रमुख प्राथमिकताओं में गरीब और जरूरतमंद परिवारों की सहायता करना शामिल है। सरकार की ओर से आवास, पानी, बिजली, स्वास्थ्य और शिक्षा से जुड़ी कई योजनाएं चलाई जाती हैं। लेकिन जानकारी के अभाव में बहुत से पात्र लोग इन योजनाओं का लाभ नहीं ले पाते। हम गांवों में जाकर लोगों को योजनाओं की जानकारी देंगे और पात्र परिवारों को आवेदन प्रक्रिया में सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास करेंगे। खासकर गरीब, वंचित और कम पढ़े-लिखे लोगों तक सरकारी योजनाओं की जानकारी पहुंचाना जरूरी है।

सवाल 8: युवाओं के लिए शिक्षा और रोजगार को लेकर आपका क्या विजन है? 

शंकरलाल यादव: आज के समय में युवा देश की सबसे बड़ी ताकत हैं। पंचायत के विकास में युवाओं की भागीदारी बेहद जरूरी है। मैं स्वयं शिक्षा क्षेत्र से जुड़ा हूं। इसलिए मुझे समझ है कि विद्यार्थियों को किस तरह की तैयारी और मार्गदर्शन की जरूरत होती है। हमारी पंचायत में युवाओं के लिए पुस्तकालय स्थापित करने का प्रयास करेंगे। मेरा मानना है कि पंचायत में अभी पर्याप्त लाइब्रेरी सुविधा उपलब्ध नहीं है। हम युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं, विभिन्न नौकरियों और करियर के विकल्पों के बारे में मार्गदर्शन देने की कोशिश करेंगे। इससे युवाओं को पढ़ाई और भविष्य की तैयारी में मदद मिल सकेगी।

सवाल 9: ग्रामीण युवाओं में नशे की बढ़ती प्रवृत्ति को लेकर आपकी क्या सोच है? 

शंकरलाल यादव: युवाओं में नशे की प्रवृत्ति एक गंभीर चिंता का विषय है। हमारी कोशिश रहेगी कि युवाओं को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित किया जाए। इसके लिए जागरूकता कार्यक्रमों और सकारात्मक गतिविधियों को बढ़ावा देने का प्रयास करेंगे। जब युवाओं को शिक्षा, करियर और अपनी क्षमताओं को आगे बढ़ाने के अवसर मिलेंगे, तो वे बेहतर दिशा में आगे बढ़ सकेंगे। हम चाहते हैं कि पंचायत के युवा अपने परिवार, गांव और देश के विकास में योगदान दें।

सवाल 10: अगर जनता आपको सरपंच चुनती है, तो आपके पहले 100 दिनों का रोडमैप क्या होगा?

शंकरलाल यादव: सबसे पहले उन समस्याओं पर काम करेंगे, जिनका समाधान अपेक्षाकृत कम समय में किया जा सकता है। बरसात के कारण खराब हुई सड़कों और रास्तों की मरम्मत को प्राथमिकता देंगे। दूसरा महत्वपूर्ण काम पेयजल व्यवस्था से जुड़ा होगा। जहां ट्यूबवेल की समस्या है या बीसलपुर की पाइपलाइन बंद है, वहां संबंधित विभाग से समन्वय कर व्यवस्था सुधारने का प्रयास करेंगे। इसके अलावा छोटे लेकिन जरूरी विकास कार्यों की पहचान करेंगे, ताकि लोगों को शुरुआती समय में राहत मिल सके। हालांकि, मेरा लक्ष्य केवल 100 दिन का नहीं है। मैं पूरे पांच वर्ष के कार्यकाल को जनता की सेवा के अवसर के रूप में देखता हूं।

सवाल 11: पांच वर्षों में कुमारियावास ग्राम पंचायत को किस रूप में देखना चाहते हैं?

शंकरलाल यादव: मैं चाहता हूं कि पंचायत में बुनियादी सुविधाएं बेहतर हों और सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचे। सड़क, पानी और बिजली की समस्याओं का समाधान हो। युवाओं को पढ़ाई और आगे बढ़ने के अवसर मिलें। गरीब परिवारों को सरकारी योजनाओं का लाभ मिले और पंचायत कार्यालय में उनकी समस्याएं सुनी जाएं। हमारी कोशिश होगी कि सरकार और संबंधित विभागों के साथ मिलकर योजनाबद्ध तरीके से विकास कार्य कराए जाएं। मेरे लिए सबसे महत्वपूर्ण है कि पंचायत का हर जरूरतमंद व्यक्ति विकास की प्रक्रिया से जुड़े।

विकास के वादे और चुनावी जवाबदेही 

PK Times से बातचीत में शंकरलाल यादव ने स्पष्ट किया कि वे सड़क, पेयजल, बिजली, तालाबों के जीर्णोद्धार, पंचायत कार्यालय की कार्यप्रणाली और युवाओं की शिक्षा को अपनी प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल कर रहे हैं। उन्होंने पिछले पंचायत कार्यकाल पर गंभीर सवाल उठाए, लेकिन इस बातचीत में उन आरोपों के समर्थन में पंचायत के बजट, स्वीकृत कार्यों या खर्च से जुड़े आधिकारिक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए। इसी तरह प्रस्तावित योजनाओं के लिए निश्चित बजट, स्वीकृति या समयसीमा का विस्तृत विवरण भी सामने नहीं आया है। अब सवाल यह होगा कि चुनाव के दौरान किए जा रहे इन वादों को व्यवहार में लागू करने के लिए क्या ठोस कार्य योजना तैयार की जाती है। कुम्हारिया बॉस की जनता किसे अपना सरपंच चुनती है, यह आने वाला चुनाव तय करेगा। लेकिन गांव की सड़क, पानी, बिजली और शिक्षा जैसी समस्याओं पर उठ रहे सवाल आने वाले पंचायत नेतृत्व के सामने महत्वपूर्ण चुनौती जरूर होंगे।