होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों पर लगेगा टैक्स? ओमान के बयान से बढ़ी दुनिया की चिंता, अमेरिका-यूरोप अलर्ट

होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों पर संभावित शुल्क को लेकर ओमान के संकेत से वैश्विक व्यापार और तेल बाजार में हलचल बढ़ गई है। जानिए पूरा मामला।

होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों पर लगेगा टैक्स? ओमान के बयान से बढ़ी दुनिया की चिंता, अमेरिका-यूरोप अलर्ट

दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में शामिल होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) को लेकर बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। ओमान ने संकेत दिया है कि भविष्य में इस जलमार्ग से गुजरने वाले जहाजों से कुछ सेवाओं के बदले शुल्क (फीस) लिया जा सकता है। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि यह शुल्क सभी जहाजों के लिए अनिवार्य होगा या नहीं।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, ओमानी अधिकारियों ने यूरोपीय देशों से कहा है कि होर्मुज स्ट्रेट का संचालन अब पहले की तरह नहीं चल सकता। उनका कहना है कि प्रदूषण नियंत्रण, नेविगेशनल असिस्टेंस और अन्य समुद्री सेवाओं के लिए शुल्क लेने पर विचार किया जा रहा है। हालांकि ओमान ने यह भी दोहराया कि वह अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानूनों का पूरी तरह पालन करता रहेगा।

दुनिया के दूसरे समुद्री मार्गों का भी हो रहा अध्ययन

ओमान इस समय दुनिया के अन्य प्रमुख समुद्री मार्गों के संचालन का भी अध्ययन कर रहा है। इसमें एशिया का मलक्का स्ट्रेट भी शामिल है, जहां फिलहाल जहाजों से कोई अनिवार्य ट्रांजिट फीस नहीं ली जाती।

अमेरिका, यूरोप और खाड़ी देशों की बढ़ी चिंता

होर्मुज स्ट्रेट पर संभावित शुल्क की चर्चा ने अमेरिका, यूरोपीय देशों और खाड़ी क्षेत्र के देशों की चिंता बढ़ा दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस मार्ग पर अतिरिक्त शुल्क लागू होता है तो वैश्विक समुद्री व्यापार और कच्चे तेल की सप्लाई प्रभावित हो सकती है।

मैक्रों और ओमान के सुल्तान की बैठक में उठेगा मुद्दा

इस मुद्दे पर सोमवार को फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और ओमान के सुल्तान हैथम बिन तारिक की बैठक में भी चर्चा होने की संभावना है। फ्रांस पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों का स्वतंत्र और निर्बाध आवागमन सुनिश्चित किया जाना चाहिए।

ईरान और अमेरिका के बीच संतुलन बनाने की कोशिश

ओमान अमेरिका का करीबी सहयोगी होने के साथ-साथ ईरान के साथ भी अच्छे संबंध रखता है। यही वजह है कि वह दोनों देशों के बीच कई बार मध्यस्थ की भूमिका निभा चुका है। हालांकि हाल के दिनों में ओमान के अलग-अलग बयानों ने स्थिति को लेकर भ्रम भी पैदा किया है।

एक ओर ओमान और ईरान ने संयुक्त बयान में होर्मुज स्ट्रेट के भविष्य और उससे जुड़े खर्चों पर चर्चा की बात कही, वहीं दूसरी ओर ओमान ने अमेरिका और गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल (GCC) के साथ संयुक्त बयान पर हस्ताक्षर कर किसी भी तरह के टोल या अनिवार्य शुल्क लगाने के प्रयासों का समर्थन नहीं किया।

अमेरिका ने क्या कहा?

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि ओमान ने उसी संयुक्त बयान पर हस्ताक्षर किए हैं जिसमें स्पष्ट रूप से कहा गया है कि होर्मुज स्ट्रेट पर कोई टोल या शुल्क नहीं लगाया जाएगा। उन्होंने इसे सकारात्मक संकेत बताया।

विशेषज्ञों की राय

विशेषज्ञों का मानना है कि ओमान इस समय ईरान और अमेरिका के बीच संतुलन बनाने की कठिन स्थिति में है। यदि क्षेत्रीय तनाव और बढ़ता है तो होर्मुज स्ट्रेट को लेकर किसी भी तरह का फैसला वैश्विक ऊर्जा बाजार और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर बड़ा असर डाल सकता