Bihar News: पाटलिपुत्र स्टेशन पर बवाल के बाद गरमाई सियासत, सत्ता-पक्ष ने की संयम की अपील, विपक्ष ने सरकार को घेरा
पटना के पाटलिपुत्र रेलवे स्टेशन पर मद्य निषेध सिपाही भर्ती परीक्षा के अभ्यर्थियों के हंगामे और पथराव के बाद बिहार की राजनीति गरमा गई है। सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने आ गए हैं।
पटना के पाटलिपुत्र रेलवे स्टेशन पर मद्य निषेध सिपाही भर्ती परीक्षा में शामिल होने जा रहे अभ्यर्थियों के हंगामे और पथराव की घटना ने बिहार की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है। परीक्षा देने पहुंचे हजारों अभ्यर्थियों की भीड़ के बीच स्टेशन पर हुई अव्यवस्था और उसके बाद उपजे तनाव ने अब राजनीतिक रंग ले लिया है। सत्ता पक्ष जहां इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए छात्रों से संयम बरतने की अपील कर रहा है, वहीं विपक्ष सरकार और प्रशासन की तैयारियों पर सवाल खड़े कर रहा है।
जानकारी के अनुसार, मद्य निषेध सिपाही भर्ती परीक्षा में शामिल होने के लिए बड़ी संख्या में अभ्यर्थी पाटलिपुत्र रेलवे स्टेशन पहुंचे थे। भीड़ बढ़ने, ट्रेनों में चढ़ने को लेकर अफरा-तफरी और व्यवस्थागत कमियों के कारण स्थिति तनावपूर्ण हो गई। देखते ही देखते कुछ जगहों पर हंगामा और पथराव की घटनाएं सामने आईं, जिसके बाद पूरे मामले ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया।
उपमुख्यमंत्री बोले- ऐसी घटनाएं दुर्भाग्यपूर्ण
घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए बिहार सरकार के उपमुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने इसे बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि किसी भी परिस्थिति में मर्यादा और अनुशासन बनाए रखना जरूरी है। लोकतांत्रिक व्यवस्था में समस्याओं का समाधान हिंसा नहीं बल्कि संवाद के जरिए होना चाहिए।
वहीं उत्पाद एवं मद्य निषेध मंत्री मदन सहनी ने भी घटना पर चिंता जताते हुए कहा कि भर्ती परीक्षाओं के दौरान इस तरह की हिंसा स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की जांच कराई जाएगी और यह भी देखा जाएगा कि कहीं असामाजिक तत्व छात्रों के बीच घुसकर माहौल खराब करने की कोशिश तो नहीं कर रहे थे। मंत्री ने छात्रों से संयम और अनुशासन बनाए रखने की अपील की।
ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने भी कहा कि युवाओं को किसी भी हाल में तोड़फोड़ और हिंसा का रास्ता नहीं अपनाना चाहिए। समस्याओं का समाधान बातचीत और प्रशासनिक स्तर पर किया जा सकता है।
जेडीयू ने विपक्ष पर लगाया युवाओं को भड़काने का आरोप
जेडीयू नेता राजीव रंजन प्रसाद ने घटना को गंभीर बताते हुए कहा कि छात्र और युवा देश का भविष्य हैं, लेकिन कुछ राजनीतिक दल अपने फायदे के लिए उन्हें भड़काने का काम कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष के कुछ नेताओं के बयान और लगातार उकसावे की राजनीति के कारण युवा गलत दिशा में जा रहे हैं, जो चिंता का विषय है।
आरजेडी ने सरकार और प्रशासन को ठहराया जिम्मेदार
वहीं राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने इस पूरे मामले को सरकार की विफलता करार दिया है। आरजेडी नेता मृत्युंजय तिवारी ने कहा कि परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों के लिए रेलवे और प्रशासन की ओर से पर्याप्त व्यवस्था नहीं की गई थी। भीड़ प्रबंधन में भारी लापरवाही हुई, जिसकी वजह से छात्रों में नाराजगी बढ़ी।
हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी प्रकार की हिंसा उचित नहीं है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए ताकि वास्तविक कारण सामने आ सके।
बेरोजगारी और भर्ती व्यवस्था पर भी उठे सवाल
आरजेडी ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए सरकार को घेरते हुए कहा कि राज्य के युवाओं में बेरोजगारी और भर्ती प्रक्रियाओं को लेकर भारी निराशा है। पार्टी का आरोप है कि सरकार रोजगार और भर्ती को लेकर बड़े-बड़े दावे तो करती है, लेकिन जमीनी स्तर पर व्यवस्थाएं पूरी तरह चरमरा चुकी हैं।
फिलहाल पाटलिपुत्र स्टेशन पर हुई इस घटना की जांच जारी है। लेकिन इतना तय है कि परीक्षा देने पहुंचे अभ्यर्थियों का यह हंगामा अब बिहार की राजनीति में बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है और आने वाले दिनों में इस पर सियासी बयानबाजी और तेज हो सकती है।
Saloni Kushwaha 
