50 साल पुराने नेता ने छोड़ी पार्टी, ‘गद्दार-बेवड़ा’ कहे जाने का आरोप

राजसमंद के देवगढ़ में भाजपा के वरिष्ठ नेता चिरंजीलाल टांक ने 50 साल के जुड़ाव के बाद पार्टी की सक्रिय सदस्यता से इस्तीफा दिया। उन्होंने अपमान और उपेक्षा का आरोप लगाया।

50 साल पुराने नेता ने छोड़ी पार्टी, ‘गद्दार-बेवड़ा’ कहे जाने का आरोप

राजसमंद जिले के देवगढ़ में भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व पंचायत समिति प्रधान चिरंजीलाल टांक ने करीब पांच दशक लंबे राजनीतिक जुड़ाव के बाद पार्टी की सक्रिय सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने स्थानीय संगठन और नेतृत्व पर लंबे समय से उपेक्षा किए जाने का आरोप लगाया है। टांक का कहना है कि सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में उन्हें ‘गद्दार’ और ‘बेवड़ा’ जैसे शब्दों से संबोधित किया गया, जिससे उन्हें सार्वजनिक रूप से अपमानित महसूस हुआ।

50 साल तक BJP से जुड़े रहे चिरंजीलाल टांक

चिरंजीलाल टांक के अनुसार, वे करीब 50 वर्षों से भाजपा की विचारधारा से जुड़े रहे हैं। उन्होंने 1995 से 2000 तक लसानी ग्राम पंचायत के सरपंच, 2000 से 2003 तक संयुक्त देवगढ़ मंडल अध्यक्ष और 2005 से 2010 तक देवगढ़ पंचायत समिति प्रधान के रूप में जिम्मेदारी निभाई।

अपने इस्तीफे में टांक ने दावा किया कि पिछले 10-12 वर्षों से संगठन और सत्ता के स्तर पर उनकी लगातार अनदेखी और उपेक्षा की जा रही थी। उन्होंने अपने राजनीतिक सफर के दौरान पार्टी को मजबूत करने में योगदान देने की बात भी कही।

वायरल वीडियो के बाद बढ़ी नाराजगी

टांक ने आरोप लगाया कि करीब 5-7 दिन पहले सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ। उनके मुताबिक, वीडियो में उनके लिए ‘गद्दार’ और ‘बेवड़ा’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया गया और पार्टी से बाहर करने या इस्तीफा देने जैसी बातें कही गईं।

टांक ने इसे अपनी प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाने वाला सार्वजनिक अपमान बताया। इसके बाद उन्होंने 24 अक्टूबर को भारी मन से भाजपा की सक्रिय सदस्यता से इस्तीफा देने का फैसला किया।

दिग्गज नेताओं के साथ किया राजनीतिक सफर

चिरंजीलाल टांक ने अपने त्यागपत्र में राजस्थान के वरिष्ठ नेताओं के साथ अपने राजनीतिक जुड़ाव का भी उल्लेख किया। उन्होंने पंजाब के राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया, दिवंगत हरिओम सिंह राठौड़ और किरण माहेश्वरी समेत नंदलाल सिंघवी, बंसीलाल खटीक और मांधाता सिंह के मार्गदर्शन को याद किया।

टांक ने अपना इस्तीफा भाजपा के राजसमंद जिला अध्यक्ष जगदीशचंद्र पालीवाल को भेजा। इसकी प्रतिलिपि प्रदेश भाजपा कार्यालय, जयपुर को भी भेजे जाने की बात सामने आई है।

जिलाध्यक्ष बोले- इस्तीफा स्वीकार नहीं किया

भाजपा के राजसमंद जिलाध्यक्ष जगदीश पालीवाल ने कहा कि चिरंजीलाल टांक पार्टी के निष्ठावान और वरिष्ठ कार्यकर्ता हैं। उन्होंने बताया कि उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं किया गया है और उनसे पार्टी के साथ जुड़े रहने तथा संगठन का काम जारी रखने का आग्रह किया गया है।

टांक के इस्तीफे के बाद देवगढ़-भीम क्षेत्र में भाजपा के स्थानीय संगठन और नेतृत्व को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। अब देखना होगा कि पार्टी स्तर पर इस विवाद को किस तरह सुलझाया जाता है।