राजस्थान के खान मालिकों को बड़ी राहत, अब ऐसे होगी खनन की सालाना उत्पादन क्षमता की गणना

राजस्थान में खनन इकाइयों के CTO नियमों में बड़ा बदलाव हुआ है। अब अनुमत वार्षिक उत्पादन की गणना 1 अप्रैल से 31 मार्च तक वित्तीय वर्ष के आधार पर होगी।

राजस्थान के खान मालिकों को बड़ी राहत, अब ऐसे होगी खनन की सालाना उत्पादन क्षमता की गणना

राजस्थान खनन नियम: राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल (RSPCB) ने प्रदेश की खनन इकाइयों को बड़ी राहत दी है। मंडल ने कंसेंट टू ऑपरेट (CTO) के तहत अनुमत वार्षिक उत्पादन क्षमता की गणना को लेकर स्थिति स्पष्ट कर दी है। अब खनन इकाइयों के उत्पादन की गणना केवल वित्तीय वर्ष के आधार पर की जाएगी।

1 अप्रैल से 31 मार्च तक माना जाएगा उत्पादन वर्ष

नए नियम के अनुसार, खनन इकाइयों के लिए एक वर्ष का मतलब 1 अप्रैल से अगले वर्ष 31 मार्च तक की अवधि होगी। यानी खदान का CTO कब जारी हुआ या उसकी वैधता किस तारीख से शुरू हुई, इससे उत्पादन वर्ष की गणना प्रभावित नहीं होगी।

RSPCB के सदस्य सचिव कपिल चंद्रावल की ओर से जारी आदेश में बताया गया है कि राजस्थान जल प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण नियम, 1975 में वर्ष की परिभाषा वित्तीय वर्ष के तौर पर दी गई है। वहीं, वायु अधिनियम और उससे जुड़े नियमों में उत्पादन संबंधी शर्तों के लिए वर्ष की अलग परिभाषा नहीं थी।

अलग-अलग नियमों से बना था असमंजस

जल और वायु प्रदूषण से जुड़े प्रावधानों में वर्ष की अलग-अलग स्थिति होने के कारण खनन इकाइयों के वार्षिक उत्पादन की गणना को लेकर लंबे समय से असमंजस बना हुआ था। अब मंडल ने दोनों अधिनियमों के तहत वर्ष की एक समान परिभाषा लागू करने का फैसला किया है।

इस बदलाव के बाद खनन इकाइयों के अनुमत उत्पादन की निगरानी और गणना एक ही व्यवस्था के तहत की जा सकेगी।

तत्काल प्रभाव से लागू हुआ आदेश

सक्षम स्तर से मंजूरी मिलने के बाद यह फैसला तत्काल प्रभाव से पूरे राजस्थान में लागू कर दिया गया है। मंडल ने अपने आईटी प्रभाग को ऑनलाइन प्रणाली में भी जरूरी तकनीकी बदलाव करने के निर्देश दिए हैं, ताकि खनन इकाइयों के उत्पादन की निगरानी में वित्तीय वर्ष की व्यवस्था स्वतः लागू हो सके।

अधिकारियों को दिए गए निगरानी के निर्देश

RSPCB ने सभी संबंधित ग्रुप प्रभारियों और क्षेत्रीय अधिकारियों को निर्देश दिया है कि खनन इकाइयों के उत्पादन की निगरानी 1 अप्रैल से 31 मार्च वाले वित्तीय वर्ष के आधार पर ही की जाए।

इसके अलावा भविष्य में जारी होने वाले CTO के मानक प्रारूप और शर्तों में भी यह स्पष्ट रूप से दर्ज किया जाएगा कि अनुमत वार्षिक उत्पादन क्षमता के लिए 'वर्ष' का अर्थ 1 अप्रैल से 31 मार्च तक की अवधि होगा।

इस फैसले से खनन इकाइयों के लिए वार्षिक उत्पादन क्षमता की गणना को लेकर बनी स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है और निगरानी की प्रक्रिया भी एक समान हो सकेगी।