राजस्थान पंचायत चुनाव: कहीं EVM खराब तो कहीं वोटर की तबीयत बिगड़ी, फलोदी में ढाई घंटे देरी से शुरू हुई वोटिंग
राजस्थान पंचायत चुनाव के पहले चरण में फलोदी में EVM खराबी से वोटिंग 2 घंटे 45 मिनट लेट, बीकानेर में लाइन में महिला की बिगड़ी तबीयत, पाली में प्रत्याशियों की साझा फोटो।
राजस्थान में पंचायतीराज चुनाव के पहले चरण की वोटिंग के बीच कई जगहों से अव्यवस्थाओं की खबरें सामने आई हैं। कहीं EVM में खराबी के कारण मतदान रुका, तो कहीं वोट डालने के लिए कतार में खड़ी महिला की तबीयत बिगड़ गई। फलोदी की बाप पंचायत समिति के एक बूथ पर मतदान करीब 2 घंटे 45 मिनट की देरी से शुरू हुआ। अजमेर और अलवर में भी EVM में खराबी के चलते मतदान प्रक्रिया प्रभावित हुई। वहीं, पाली में अलग-अलग दलों के प्रत्याशियों ने साथ फोटो खिंचवाकर सौहार्द की तस्वीर पेश की।
बीकानेर में लाइन में खड़ी महिला की तबीयत बिगड़ी
बीकानेर की आडूरी ग्राम पंचायत के बूथ नंबर-19 पर मतदान के लिए कतार में खड़ी एक महिला की अचानक तबीयत बिगड़ गई और वह गिर गई। घटना के बाद मौके पर मौजूद लोगों में हलचल मच गई। मतदान केंद्र पर हुई इस घटना के दौरान महिला की स्थिति को लेकर जानकारी सामने आई, हालांकि उसकी तबीयत बिगड़ने की वजह स्पष्ट नहीं है।
फलोदी में 2 घंटे 45 मिनट बाद शुरू हुआ मतदान
फलोदी की बाप पंचायत समिति के बूथ नंबर-9 पर EVM में खराबी आने के कारण मतदान समय पर शुरू नहीं हो सका। यहां सुबह 7 बजे शुरू होने वाली वोटिंग सुबह 9:45 बजे शुरू हुई। यानी मतदाताओं को मतदान के लिए करीब 2 घंटे 45 मिनट इंतजार करना पड़ा।
अजमेर जिले की सावर पंचायत समिति के एक बूथ पर भी EVM में खराबी के कारण लगभग 10 मिनट तक मतदान रुका रहा। वहीं, अलवर जिले की गोविंदगढ़ पंचायत समिति के बूथ नंबर 37 और 38 पर मशीनों में खराबी के बाद EVM बदली गई।
पाली में अलग-अलग दलों के प्रत्याशियों ने खिंचवाई साथ फोटो
मतदान के दौरान पाली जिले की रानी पंचायत के वार्ड नंबर-4 से एक अलग तस्वीर सामने आई। यहां भाजपा, कांग्रेस और निर्दलीय प्रत्याशी ने एक साथ फोटो खिंचवाई। चुनावी मुकाबले के बीच प्रत्याशियों की इस तस्वीर को आपसी सौहार्द के रूप में देखा जा रहा है।
85 लाख से ज्यादा मतदाता करेंगे मतदान
राजस्थान में पहले चरण के तहत 16 जिला परिषदों और 104 पंचायत समितियों में मतदान हो रहा है। इस चरण में कुल 85 लाख 7 हजार 306 मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर सकेंगे। जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्य पदों के लिए कुल 6,926 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं।
मुख्य मुकाबला भाजपा और कांग्रेस के बीच माना जा रहा है, जबकि कई क्षेत्रों में राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP), भारत आदिवासी पार्टी (BAP) और निर्दलीय प्रत्याशी भी चुनावी समीकरणों को प्रभावित कर सकते हैं।

