साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध मौत में पुलिस ने डॉक्टरों से फिर ली राय

Jodhpur में साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध मौत के मामले में पुलिस ने मेडिकल विशेषज्ञों से दोबारा राय ली है। इंजेक्शन लगने के करीब 20 मिनट बाद हालत बिगड़ने और मौत होने के कारणों की जांच की जा रही है। SIT प्रभारी सहायक पुलिस आयुक्त Chhavi Sharma के नेतृत्व में जांच जारी है। एफएसएल और पोस्टमार्टम रिपोर्ट में अब तक जहर या बाहरी चोट के संकेत नहीं मिले हैं, लेकिन इंजेक्शन के संयोजन और लापरवाही के एंगल की पड़ताल की जा रही है।

साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध मौत में पुलिस ने डॉक्टरों से फिर ली राय

जोधपुर : साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में पुलिस ने डॉक्टरों से फिर सलाह ली है ताकि मौत के कारणों को स्पष्ट किया जा सके।  मामला तब और ध्यान में आया जब यह पाया गया की इंजेक्शन लगाने के लगभग 20 मिनिट बाद ही उनकी हालत बिगड़ गई और उनकी मौत हो गई। 

पुलिस SIT के नेतृत्व में मामले की जांच कर रही है। पुलिस का कहना है की साध्वी को आश्रम में बीमार महसूस होने पर स्थानीय कंपाउंडर ने दो इंजेक्शन दिए, जिसमे जिसमे डेक्सोना और डायनापार शामिल थे।  जाँच अधिकारीयों को यह जानना है की इन इंजेक्शनों का शरीर पर क्या असर हो सकता है, और क्या इनका असर उनकी मौत से जुड़ा है।  इसलिए अब डॉक्टरों और विशेषज्ञों से दूसरी राय ली जा रही है। 

SIT प्रभारी सहायक पुलिस आयुक्त छवि शर्मा ने बताया कि साध्वी को शाम 5:15 बजे इंजेक्शन दिया गया था और लगभग 20 मिनट बाद ही उनकी मौत हो गई थी। बीपी सामान्य थी लेकिन उन दोनों इंजेक्शनों को एक ही सिरिंज में मिला कर दिए जाने को लेकर लापरवाही की आशंका जताई जा रही है। पुलिस यह भी जांच रही है कि क्या इनके संयोजन का कोई हानिकारक प्रभाव हो सकता है।

पुलिस पहले ही कंपाउंडर से पूछताछ कर चुकी है और कथित दुर्घटना में लापरवाही की संभावनाओं को भी तौल रही है। एफएसएल और पोस्टमार्टम रिपोर्ट से अब तक जहर या बाहरी चोट के सबूत नहीं मिले हैं, लेकिन पुलिस हर पहलू की छानबीन कर रही है।

साध्वी की मौत के मामले में प्राथमिक जांच में सामने आया है कि उनकी स्थिति अचानक बिगड़ी थी और सीधे अस्पताल ले जाने पर भी डॉक्टरों द्वारा उन्हें मृत घोषित कर दिया गया था। जांच में इंजेक्शन के प्रभाव, कंपाउंडर की भूमिका और मौत के सही कारणों पर अब और विशेषज्ञ राय ली जा रही है। फिलहाल पुलिस जांच जारी है और विशेषज्ञ सलाह आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारण पर अंतिम फैसला किया जाएगा।