रविवार को खुला राजस्थान हाईकोर्ट, कांग्रेस उम्मीदवार को नहीं मिली राहत,नामांकन खारिज करने के मामले में चुनाव प्रक्रिया रोकने से इनकार

राजस्थान हाईकोर्ट ने बाड़मेर जिला परिषद चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार का नामांकन खारिज होने के मामले में याचिका ठुकरा दी। अदालत ने चुनाव प्रक्रिया में हस्तक्षेप से इनकार करते हुए परिणाम के 30 दिन के भीतर चुनाव याचिका दायर करने का विकल्प बताया।

रविवार को खुला राजस्थान हाईकोर्ट, कांग्रेस उम्मीदवार को नहीं मिली राहत,नामांकन खारिज करने के मामले में चुनाव प्रक्रिया रोकने से इनकार

राजस्थान हाईकोर्ट में एक महीने के भीतर दूसरी बार रविवार को विशेष सुनवाई हुई। इस बार मामला बाड़मेर जिला परिषद चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार का नामांकन खारिज किए जाने से जुड़ा था। अदालत ने सुनवाई के बाद याचिका खारिज कर दी और चुनाव प्रक्रिया के बीच हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया।

हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि जब चुनाव प्रक्रिया शुरू हो चुकी हो और आगे बढ़ रही हो, तब संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत ऐसा आदेश देने से बचना चाहिए, जिससे चुनाव प्रक्रिया में रुकावट आए या देरी हो। रविवार को विशेष अवकाशकालीन सुनवाई में केवल इसी मामले पर सुनवाई हुई। इससे पहले 20 सितंबर 2026 को भी निकाय चुनावों से जुड़े मामले में राजस्थान हाईकोर्ट ने रविवार को सुनवाई की थी।

कांग्रेस उम्मीदवार ने नामांकन खारिज करने को दी चुनौती

याचिकाकर्ता आवड़ दान ने बाड़मेर जिला परिषद के वार्ड संख्या 35 से कांग्रेस उम्मीदवार के रूप में नामांकन पत्र दाखिल किया था। उनका आरोप था कि रिटर्निंग अधिकारी ने बिना किसी ठोस कारण और सुनवाई का उचित अवसर दिए उनका नामांकन पत्र खारिज कर दिया। याचिकाकर्ता के अनुसार, उन्हें नामांकन खारिज होने की जानकारी 15 अक्टूबर को अखबार के माध्यम से मिली थी। इसके बाद उन्होंने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर रिटर्निंग अधिकारी की कार्रवाई को चुनौती दी।

राज्य सरकार और चुनाव आयोग ने क्या दलील दी?

सुनवाई के दौरान राज्य सरकार और चुनाव आयोग की ओर से पेश वकीलों ने कहा कि नामांकन पत्र अनुचित तरीके से खारिज किए जाने की शिकायत के लिए कानून में पहले से प्रावधान मौजूद है। उन्होंने राजस्थान पंचायती राज (चुनाव) नियम, 1994 के नियम 80(c) का हवाला दिया। उनके अनुसार, नामांकन पत्र के अनुचित अस्वीकरण को लेकर जिला न्यायाधीश के समक्ष चुनाव याचिका दायर की जा सकती है। ऐसे में याचिकाकर्ता के पास वैकल्पिक कानूनी उपाय उपलब्ध है।

चुनाव परिणाम के बाद 30 दिन में दायर कर सकेंगे चुनाव याचिका

अदालत ने कहा कि याचिकाकर्ता के पास चुनाव परिणाम आने के बाद 30 दिन के भीतर चुनाव याचिका दायर करने का प्रभावी वैकल्पिक कानूनी विकल्प उपलब्ध है। इसलिए चुनाव प्रक्रिया के वर्तमान चरण में हाईकोर्ट का हस्तक्षेप उचित नहीं होगा। अदालत ने इन्हीं आधारों पर आवड़ दान की याचिका खारिज कर दी।

20 सितंबर को भी रविवार को हुई थी सुनवाई

राजस्थान हाईकोर्ट में एक महीने के भीतर रविवार को विशेष सुनवाई का यह दूसरा मामला है। इससे पहले 20 सितंबर 2026 को निकाय चुनावों से जुड़े मामले में रविवार को अदालत ने सुनवाई की थी। इस बार बाड़मेर जिला परिषद चुनाव में नामांकन खारिज होने का मामला विशेष अवकाशकालीन सुनवाई के लिए सूचीबद्ध हुआ। अदालत के फैसले के बाद बाड़मेर जिला परिषद की चुनाव प्रक्रिया में इस याचिका के आधार पर कोई बदलाव नहीं किया गया है। हालांकि याचिकाकर्ता के पास चुनाव परिणाम आने के बाद निर्धारित अवधि में चुनाव याचिका दायर करने का कानूनी विकल्प मौजूद रहेगा।