मस्जिद की सीढ़ियों से गिरकर लश्कर के आतंकी अबू हाशिम की मौत, संगठन की फाइनेंस विंग में था बड़ा पद

लश्कर-ए-तैयबा के वरिष्ठ सदस्य चौधरी मोहम्मद सरवर उर्फ अबू हाशिम की लाहौर में सीढ़ियों से गिरने के बाद मौत हो गई। वह संगठन की वित्तीय और भर्ती गतिविधियों में भूमिका निभाता था।

मस्जिद की सीढ़ियों से गिरकर लश्कर के आतंकी अबू हाशिम की मौत, संगठन की फाइनेंस विंग में था बड़ा पद

पाकिस्तान में प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के एक वरिष्ठ सदस्य चौधरी मोहम्मद सरवर उर्फ अबू हाशिम की मौत हो गई। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, रविवार 18 अक्टूबर 2026 को लाहौर स्थित मरकज कदसिया में सीढ़ियों से गिरने के बाद उसे सिर में गंभीर चोट लगी थी। बताया गया है कि इसी चोट के कारण उसकी मौत हुई। अबू हाशिम को संगठन के संस्थापक सदस्यों में गिना जाता था और वह इसकी वित्तीय गतिविधियों के साथ-साथ भर्ती से जुड़े कामकाज में भी भूमिका निभाता था।

 लश्कर की फाइनेंस विंग में था डिप्टी चीफ

चौधरी मोहम्मद सरवर उर्फ अबू हाशिम लश्कर-ए-तैयबा की वित्तीय इकाई ‘खिदमत-ए-खलक’ का डिप्टी चीफ बताया जाता था। इसके अलावा, वह संगठन के पंजाब प्रांत में भी प्रमुख भूमिका निभा रहा था। उसके जिम्मे कथित तौर पर संगठन के लिए लोगों की भर्ती करना और पंजाब क्षेत्र से चंदा जुटाना जैसे काम थे।

आतंकी संगठन में उसकी भूमिका केवल एक क्षेत्र तक सीमित नहीं थी। वित्तीय संसाधन जुटाने और संगठनात्मक गतिविधियों में भागीदारी के कारण उसे लश्कर के महत्वपूर्ण सदस्यों में शामिल माना जाता था। रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिका ने भी उसे आतंकवादी घोषित किया था।

लाहौर के मरकज कदसिया में हुआ हादसा

मिली जानकारी के मुताबिक, अबू हाशिम रविवार को असर की नमाज पढ़ने के लिए अपने घर से मरकज कदसिया पहुंचा था। इसी दौरान मस्जिद की सीढ़ियां चढ़ते समय उसका पैर फिसल गया और वह नीचे गिर पड़ा। गिरने से उसके सिर में गंभीर चोट आई, जिसके बाद उसकी मौत हो गई।

लाहौर स्थित मरकज कदसिया को लश्कर-ए-तैयबा के प्रमुख केंद्रों में गिना जाता है। यह स्थान संगठन की गतिविधियों और उससे जुड़े लोगों के कारण लंबे समय से चर्चा में रहा है। अबू हाशिम की मौत भी इसी परिसर में हुई।

सैफुल्लाह कसूरी के ऑडियो में हादसे का जिक्र

लश्कर-ए-तैयबा के डिप्टी चीफ सैफुल्लाह कसूरी की ओर से जारी ऑडियो के हवाले से हादसे की जानकारी सामने आई। इसमें बताया गया कि अबू हाशिम नमाज के लिए मरकज कदसिया पहुंचा था और सीढ़ियों से गिरने के कारण उसे गंभीर चोट लगी।

बताई गई जानकारी के अनुसार, रविवार रात करीब साढ़े 10 बजे मरकज कदसिया में उसकी नमाज-ए-जनाजा आयोजित किए जाने की बात कही गई थी। हालांकि, जनाजे की प्रक्रिया पूरी होने की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी में शामिल नहीं है।

आतंकी संगठन के लिए भर्ती और चंदा जुटाने में थी भूमिका

अबू हाशिम को लश्कर-ए-तैयबा के पुराने सदस्यों में गिना जाता था। संगठन के लिए भर्ती और धन जुटाने की गतिविधियों में उसकी कथित भूमिका उसे संगठन के प्रशासनिक और वित्तीय ढांचे से जोड़ती थी।

उसकी मौत ऐसे समय सामने आई है, जब पाकिस्तान में सक्रिय आतंकी संगठनों और उनके नेटवर्क पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निगरानी बनी हुई है। हालांकि, अबू हाशिम की मौत को लेकर सामने आए विवरणों में सीढ़ियों से गिरने की घटना को कारण बताया गया है। इसे किसी हमले या अन्य साजिश से जोड़ने की पुष्टि नहीं हुई है।