मां करणी की जीवनगाथा पर बनेगी फिल्म ‘कर्णिका’, 2027 में रिलीज करने की तैयारी; देशनोक से जोधपुर तक होगी शूटिंग
राजस्थान की लोकदेवी मां करणी की जीवनगाथा अब बड़े पर्दे पर दिखाई जाएगी। फिल्म ‘कर्णिका’ में उनके जीवन, लोक मान्यताओं और राजस्थान की विरासत को दिखाया जाएगा।
राजस्थान की लोकदेवी मां करणी की जीवनगाथा अब बड़े पर्दे पर नजर आएगी। फिल्म मेकर राज शांडिल्य की कथावाचक फिल्म्स ने फिल्म ‘कर्णिका’ बनाने की घोषणा की है। फिल्म में मां करणी के जीवन, उनसे जुड़ी लोक मान्यताओं, चमत्कारों और राजस्थान के इतिहास में उनकी भूमिका को दिखाने की तैयारी है। फिल्म की शूटिंग के लिए देशनोक, बीकानेर और जोधपुर को चुना गया है। निर्माताओं का लक्ष्य 2027 की शुरुआत में शूटिंग शुरू करने और इसी साल फिल्म रिलीज करने का है।
‘हनुमान अंश’ के बाद राजस्थान की लोकदेवी की कहानी
राजस्थान में लोकदेवताओं और लोकदेवियों से जुड़ी कथाएं सदियों से लोकगीतों, मेलों, धार्मिक आयोजनों और जनश्रुतियों के माध्यम से पीढ़ी-दर-पीढ़ी आगे बढ़ती रही हैं। अब इन कथाओं को सिनेमा के जरिए बड़े दर्शक वर्ग तक पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। ‘हनुमान अंश’ के बाद फिल्म ‘कर्णिका’ की घोषणा को इसी दिशा में एक और पहल के रूप में देखा जा रहा है। फिल्म के जरिए मां करणी की आस्था, लोकगाथाओं और विरासत को दर्शकों के सामने लाने की योजना है।
देशनोक, बीकानेर और जोधपुर में होगी शूटिंग
फिल्म की शूटिंग के लिए राजस्थान के तीन शहरों का चयन किया गया है। इनमें देशनोक विशेष महत्व रखता है, क्योंकि यहां मां करणी का प्रसिद्ध मंदिर स्थित है। बीकानेर से करीब 30 किलोमीटर दूर इस मंदिर में देशभर से श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं।
मंदिर में रहने वाले चूहों को श्रद्धालु ‘काबा’ कहते हैं। यहां सफेद चूहे के दर्शन को शुभ मानने की धार्मिक मान्यता है। मंदिर से जुड़ी ये परंपराएं मां करणी के प्रति लोगों की गहरी आस्था और उनकी सांस्कृतिक पहचान का हिस्सा हैं। फिल्म में इन परंपराओं और राजस्थान की लोकसंस्कृति को किस तरह प्रस्तुत किया जाएगा, यह देखना दिलचस्प होगा।
रिधू बाई से मां करणी बनने तक की गाथा
लोक मान्यताओं और चारण साहित्य में मां करणी के जीवन से जुड़े कई प्रसंग मिलते हैं। जनश्रुतियों के अनुसार, बचपन में उनका नाम रिधू बाई था। उनके साहस, जनसेवा और चमत्कारों से जुड़ी कथाओं ने उन्हें राजस्थान की आराध्य लोकदेवी के रूप में प्रतिष्ठा दिलाई।
मां करणी के प्रति श्रद्धा केवल धार्मिक परंपराओं तक सीमित नहीं है, बल्कि राजस्थान के कई परिवारों और राजघरानों की आस्था भी उनसे जुड़ी हुई है। फिल्म ‘कर्णिका’ में उनके जीवन के विभिन्न पड़ावों के साथ उस समय के सामाजिक और ऐतिहासिक परिवेश को भी दिखाए जाने की संभावना है।
2027 में रिलीज का लक्ष्य, कलाकारों के नाम का इंतजार
फिल्म की घोषणा मां करणी के 639वें जन्मोत्सव के अवसर पर की गई है। फिल्म के निर्माता राज शांडिल्य, कृष्ण कुमार, विमल लाहोटी और निरंजन मुंधड़ा हैं। फिलहाल फिल्म के निर्देशक और मुख्य कलाकारों के नामों को अंतिम रूप दिया जाना बाकी है।
निर्माताओं की योजना 2027 के शुरुआती महीनों में शूटिंग शुरू करने और उसी साल फिल्म रिलीज करने की है। अब दर्शकों की नजर इस बात पर रहेगी कि राजस्थान की लोकदेवी की गाथा को बड़े पर्दे पर किस अंदाज में प्रस्तुत किया जाता है।

